7 नवंबर 2026
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अयोध्या दीपोत्सव 2026: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन बोले — राम मंदिर है UP की प्रगति का आधार

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अयोध्या दीपोत्सव 2026: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन बोले — राम मंदिर है UP की प्रगति का आधार

सारांश

अयोध्या के 10वें दीपोत्सव पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राम मंदिर को UP की प्रगति का आधार बताया। 70 लाख दीपों के नए कीर्तिमान और 2,100 ड्रोन से रामायण के प्रसंगों की प्रस्तुति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाया।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 7 नवंबर 2026 को अयोध्या के 10वें दीपोत्सव को संबोधित किया।
इस वर्ष पूरे अवध क्षेत्र में 70 लाख दीपों का नया कीर्तिमान स्थापित हुआ; 2,100 से अधिक ड्रोन से रामायण प्रसंगों की प्रस्तुति हुई।
राधाकृष्णन ने राम मंदिर को उत्तर प्रदेश की अभूतपूर्व प्रगति का 'प्रमुख आधार' बताया।
विश्व बैंक सर्वेक्षण के हवाले से कहा — देश में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या 2.5% से कम ; 50 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए।
जल जीवन मिशन के तहत 82% परिवारों तक स्वच्छ पेयजल, 4 करोड़ पक्के घर बने।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में UP के 2029 से पहले ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की कामना व्यक्त की।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 7 नवंबर 2026 को अयोध्या में आयोजित 10वें दीपोत्सव समारोह में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अभूतपूर्व प्रगति और समृद्धि का मुख्य आधार भी है। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के परिणामस्वरूप अयोध्या आज एक स्मार्ट, सोलर और आधुनिक आध्यात्मिक नगरी के रूप में विश्व मंच पर अपनी पहचान बना चुकी है।

दीपोत्सव का भव्य आयोजन

दीपोत्सव 2026 का यह 10वाँ संस्करण राम की पैड़ी पर आयोजित किया गया, जहाँ पूरे अवध क्षेत्र में 70 लाख दीपों का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। वर्ष 2017 में शुरू हुए इस वार्षिक आयोजन ने एक दशक में अपनी भव्यता के नए आयाम छुए हैं। 2,100 से अधिक ड्रोन के माध्यम से आकाश में रामायण के प्रसंगों की प्रस्तुति ने इस बार के आयोजन को विशेष रूप से यादगार बना दिया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अपने 40 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने इतना सुंदर, भव्य और मंत्रमुग्ध करने वाला आयोजन पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की व्यवस्थाओं की विशेष सराहना की।

विरासत और विकास का संगम

राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि 'विरासत भी, विकास भी' की सोच ने उत्तर प्रदेश को देश की अर्थव्यवस्था का सशक्त इंजन बना दिया है। उन्होंने कामना व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश वर्ष 2029 से पहले एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल करे।

उन्होंने प्रदेश में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था को विकास और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण का आधार बताया और कहा कि अब प्रदेश में 'गुंडों का नहीं, कानून का राज है।' सुरक्षित माहौल में आम नागरिक भी उद्यमी बनने का सपना देखने में सक्षम हुआ है।

गरीबी उन्मूलन और जनकल्याण

उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विश्व बैंक के सर्वेक्षण का हवाला दिया। उनके अनुसार देश में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या घटकर 2.5 प्रतिशत से भी कम रह गई है और 50 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की नीतियों के तहत 4 करोड़ पक्के घर बनाए गए हैं और जल जीवन मिशन के माध्यम से 82 प्रतिशत परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुँच रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, सेवायोजन पोर्टल और रोज़गार सृजन नीतियों की भी सराहना की।

राम मंदिर: आस्था और संकल्प की विजय

राधाकृष्णन ने रामायण के संदेश को रेखांकित करते हुए कहा कि बुराई पर सदैव अच्छाई की विजय होती है — यही 'सत्यमेव जयते' का सार है। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने मंदिर को तोड़ा, लेकिन सत्य में विश्वास और साधु-संतों की तपस्या के बल पर 500 वर्षों के संघर्ष के बाद प्रभु श्रीराम अपनी जन्मभूमि पर भव्य मंदिर में विराजमान हुए।

उन्होंने कहा कि लाखों दीपों का यह प्रकाश केवल अयोध्या को आलोकित नहीं कर रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर भी प्रस्तुत कर रहा है। यह आयोजन 'उत्तम प्रदेश' की दिशा में राज्य की यात्रा का प्रतीक बन चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर महज़ आस्था-उत्सव तक सीमित कर देती है। 70 लाख दीपों का कीर्तिमान और ड्रोन शो निर्विवाद रूप से प्रभावशाली हैं, लेकिन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य और गरीबी उन्मूलन के दावों की स्वतंत्र सत्यापन की ज़रूरत बनी रहती है। विश्व बैंक के आँकड़ों का संदर्भ सकारात्मक है, पर राज्य-स्तरीय रोज़गार और प्रति-व्यक्ति आय के आँकड़े उतनी ही प्रासंगिक कसौटी हैं। दीपोत्सव अब एक सांस्कृतिक आयोजन से आगे बढ़कर UP की ब्रांडिंग का सबसे बड़ा वार्षिक मंच बन चुका है — यह बदलाव खुद एक नीतिगत कहानी है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या दीपोत्सव 2026 में क्या नया कीर्तिमान बना?
इस वर्ष के 10वें दीपोत्सव में पूरे अवध क्षेत्र में 70 लाख दीप जलाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। इसके अलावा 2,100 से अधिक ड्रोन के माध्यम से आकाश में रामायण के प्रसंगों की अद्भुत प्रस्तुति की गई।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राम मंदिर को UP की प्रगति से कैसे जोड़ा?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि राम मंदिर केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अभूतपूर्व प्रगति और वैभव का प्रमुख आधार है। उनके अनुसार राम जन्मभूमि आंदोलन के परिणामस्वरूप अयोध्या आज एक स्मार्ट, सोलर और आधुनिक आध्यात्मिक नगरी के रूप में विश्व पटल पर स्थापित हो चुकी है।
दीपोत्सव की शुरुआत कब हुई और यह कितना बड़ा आयोजन है?
दीपोत्सव की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी और 2026 में यह अपने 10वें संस्करण में पहुँचा। यह आयोजन अब 70 लाख दीपों के कीर्तिमान और 2,100 से अधिक ड्रोन शो के साथ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का सांस्कृतिक उत्सव बन चुका है।
उपराष्ट्रपति ने गरीबी उन्मूलन पर क्या कहा?
राधाकृष्णन ने विश्व बैंक के सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि देश में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या 2.5 प्रतिशत से भी कम रह गई है और 50 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने 4 करोड़ पक्के घरों के निर्माण और जल जीवन मिशन के तहत 82 प्रतिशत परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचने का भी उल्लेख किया।
UP के ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य क्या है?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कामना व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश वर्ष 2029 से पहले एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल करे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'विरासत भी, विकास भी' की नीति और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था को इस दिशा में सहायक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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