अयोध्या दीपोत्सव 2026: 10वाँ दीपोत्सव आज, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और CM योगी करेंगे शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में इस वर्ष दीपावली का उत्सव अभूतपूर्व भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर आंगन तक रंग-बिरंगी लाइटिंग और पुष्प-सज्जा की गई है, जो देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 7 नवंबर 2026 को आयोजित हो रहे 10वें दीपोत्सव का शुभारंभ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी इस ऐतिहासिक आयोजन में उपस्थित रहेंगे।
राम मंदिर की भव्य सज्जा
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों को ताज़े फूलों से सजाया गया है और श्रद्धालुओं के लिए विशेष सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं। रामलला के मुख्य द्वार पर की गई रोशनी की साज-सज्जा रात को विशेष रूप से आकर्षक दिखती है। यह सजावट दूर-दराज से अयोध्या पहुँचे भक्तों को एक अविस्मरणीय अनुभव दे रही है।
10वाँ दीपोत्सव: मुख्य कार्यक्रम और कार्यसूची
सरयू नदी के 56 घाट असंख्य दीपों की रोशनी से जगमगाएँगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 2.40 बजे रामकथा पार्क के निकट बने हेलीपैड पर पहुँचेंगे, जहाँ वे दीपोत्सव की भव्य झाँकियों का अवलोकन करेंगे और रथ खींचने के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इसके बाद हेलीकॉप्टर से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूपों के साथ अयोध्या के ऊपर पुष्पवर्षा की जाएगी। तत्पश्चात पूज्य संत-धर्माचार्यों की उपस्थिति में इन तीनों स्वरूपों का राजतिलक संपन्न होगा।
राम की पैड़ी पर दीप प्रज्ज्वलन और तकनीकी प्रदर्शन
रामकथा पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री सीधे राम की पैड़ी पहुँचेंगे, जहाँ वे सरयू आरती करेंगे। इसके उपरांत दीप प्रज्ज्वलन होगा। दीपों की रोशनी से जगमगाती रामनगरी में प्रोजेक्शन मैपिंग के ज़रिए भगवान श्रीराम की गाथा का प्रदर्शन होगा, साथ ही लेजर शो और ड्रोन शो का भी आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है कि यह दीपोत्सव अपने पहले संस्करण से आज तक लगातार बड़ा होता रहा है और इस वर्ष के 10वें संस्करण में परंपरा, आस्था और आधुनिक तकनीक का संगम देखने को मिलेगा।
आम श्रद्धालुओं पर असर
दीपावली के इस विशेष अवसर पर देशभर से लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुँच रहे हैं। राम मंदिर के आँगन और मुख्य द्वार पर की गई सज्जा उनके लिए अतिरिक्त आकर्षण बन गई है। यह ऐसे समय में आया है जब जनवरी 2024 में हुई प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभरी है।
क्या होगा आगे
दीपोत्सव के बाद अयोध्या में धार्मिक पर्यटन की गति और बढ़ने की संभावना है। प्रशासन ने इस आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।