7 नवंबर 2026
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ओरछा में CM मोहन यादव ने की श्रीरामराजा सरकार की पूजा, बोले — 'बुंदेलखंड की अयोध्या है यह नगरी'

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ओरछा में CM मोहन यादव ने की श्रीरामराजा सरकार की पूजा, बोले — 'बुंदेलखंड की अयोध्या है यह नगरी'

सारांश

दीपावली से एक दिन पहले रूप चौदस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ओरछा पहुँचे और श्रीरामराजा सरकार मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने ओरछा को 'बुंदेलखंड की अयोध्या' करार देते हुए काशी-अयोध्या-उज्जैन की तर्ज पर इसके विकास का संकल्प दोहराया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 7 नवंबर को रूप चौदस पर ओरछा के श्रीरामराजा सरकार मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
उन्होंने ओरछा को बुंदेलखंड की अयोध्या की संज्ञा दी और इसे धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अद्वितीय स्थल बताया।
सरकार श्रीरामराजा लोक के विकास कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है।
काशी विश्वनाथ धाम , अयोध्या और महाकाल महालोक के मॉडल पर ओरछा के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दिलाने का लक्ष्य।
कार्यक्रम में वन मंत्री दिलीप अहिरवार , राज्यसभा सदस्य महेश केवट और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 नवंबर को रूप चौदस के अवसर पर ओरछा स्थित विश्व प्रसिद्ध श्रीरामराजा सरकार मंदिर में विधि-विधान से दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। दीपावली से एक दिन पूर्व इस धार्मिक नगरी में पहुँचकर उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने ओरछा को बुंदेलखंड की अयोध्या की संज्ञा देते हुए इसे धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अद्वितीय स्थल बताया।

श्रीरामराजा लोक के विकास पर सरकार का ध्यान

मंदिर में दर्शन के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि श्रीरामराजा सरकार मंदिर समस्त प्रदेशवासियों के लिए आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार श्रीरामराजा लोक के विकास एवं निर्माण कार्यों में निरंतर संलग्न है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना के अंतर्गत सभी श्रेणियों के निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ।

काशी-अयोध्या-उज्जैन की तर्ज पर ओरछा का कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या श्रीराम धाम और उज्जैन महाकाल महालोक के विकास ने धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में भी इसी मॉडल पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास का वातावरण तैयार हो रहा है। ओरछा में भी इसी प्रकार की समृद्धि और विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है।

ओरछा की धार्मिक मान्यता और ऐतिहासिक महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक-मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम दिन में ओरछा में राजा के रूप में विराजमान रहते हैं — यही कारण है कि यहाँ उनकी पूजा एक राजा की भाँति की जाती है, जो इसे देश के अन्य राम मंदिरों से विशिष्ट बनाती है। उन्होंने कहा कि ओरछा का ऐतिहासिक महत्व भी अत्यंत गहरा है और यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं का मन यहीं का हो जाता है।

सामाजिक कल्याण का संकल्प

मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर कहा कि शासन की मंशा है कि समाज के सभी वर्गों — किसानों, युवाओं, गौपालकों सहित प्रत्येक नागरिक — का कल्याण हो और सरकार की जनहितैषी नीतियाँ अपने मूल उद्देश्य में सफल सिद्ध हों। उन्होंने रूप चौदस एवं दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन

इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, राज्यसभा सदस्य महेश केवट, विधायक निवाड़ी अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मध्य प्रदेश की 'धार्मिक पर्यटन राजनीति' की एक सुनियोजित कड़ी है — जो काशी, अयोध्या और महाकाल महालोक की सफलता को भुनाने की कोशिश है। असली सवाल यह है कि श्रीरामराजा लोक परियोजना की समय-सीमा और बजट की पारदर्शिता कितनी है, क्योंकि धार्मिक पर्यटन के नाम पर बड़े वादे अक्सर क्रियान्वयन में पिछड़ जाते हैं। ओरछा की स्थानीय अर्थव्यवस्था और यहाँ के छोटे व्यापारियों को इस विकास से कितना लाभ मिलेगा, यह मुख्यधारा की कवरेज में प्रायः अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओरछा को 'बुंदेलखंड की अयोध्या' क्यों कहा जाता है?
ओरछा में स्थित श्रीरामराजा सरकार मंदिर में भगवान श्रीराम की पूजा एक राजा के रूप में होती है — मान्यता है कि वे यहाँ दिन में राजा के रूप में विराजमान रहते हैं। यह परंपरा इसे देश के अन्य राम मंदिरों से अलग बनाती है, इसीलिए इसे बुंदेलखंड की अयोध्या कहा जाता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ओरछा में कब और क्यों दौरा किया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 7 नवंबर को रूप चौदस के अवसर पर, दीपावली से एक दिन पूर्व, ओरछा का दौरा किया। उन्होंने श्रीरामराजा सरकार मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
श्रीरामराजा लोक परियोजना क्या है?
श्रीरामराजा लोक मध्य प्रदेश सरकार की एक विकास परियोजना है, जिसके अंतर्गत ओरछा में धार्मिक एवं पर्यटन अवसंरचना का निर्माण और उन्नयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों को इस परियोजना के सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
ओरछा के विकास में काशी-अयोध्या-उज्जैन मॉडल की क्या भूमिका है?
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या श्रीराम धाम और उज्जैन महाकाल महालोक के विकास ने धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दी है। राज्य सरकार इसी मॉडल पर ओरछा को विकसित करने की योजना बना रही है।
ओरछा दौरे में मुख्यमंत्री के साथ कौन-कौन उपस्थित थे?
इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, राज्यसभा सदस्य महेश केवट, विधायक निवाड़ी अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जिले के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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