ओरछा में CM मोहन यादव ने की श्रीरामराजा सरकार की पूजा, बोले — 'बुंदेलखंड की अयोध्या है यह नगरी'
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 नवंबर को रूप चौदस के अवसर पर ओरछा स्थित विश्व प्रसिद्ध श्रीरामराजा सरकार मंदिर में विधि-विधान से दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। दीपावली से एक दिन पूर्व इस धार्मिक नगरी में पहुँचकर उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने ओरछा को बुंदेलखंड की अयोध्या की संज्ञा देते हुए इसे धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से अद्वितीय स्थल बताया।
श्रीरामराजा लोक के विकास पर सरकार का ध्यान
मंदिर में दर्शन के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि श्रीरामराजा सरकार मंदिर समस्त प्रदेशवासियों के लिए आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार श्रीरामराजा लोक के विकास एवं निर्माण कार्यों में निरंतर संलग्न है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना के अंतर्गत सभी श्रेणियों के निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएँ।
काशी-अयोध्या-उज्जैन की तर्ज पर ओरछा का कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या श्रीराम धाम और उज्जैन महाकाल महालोक के विकास ने धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में भी इसी मॉडल पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास का वातावरण तैयार हो रहा है। ओरछा में भी इसी प्रकार की समृद्धि और विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है।
ओरछा की धार्मिक मान्यता और ऐतिहासिक महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक-मान्यता के अनुसार भगवान श्रीराम दिन में ओरछा में राजा के रूप में विराजमान रहते हैं — यही कारण है कि यहाँ उनकी पूजा एक राजा की भाँति की जाती है, जो इसे देश के अन्य राम मंदिरों से विशिष्ट बनाती है। उन्होंने कहा कि ओरछा का ऐतिहासिक महत्व भी अत्यंत गहरा है और यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं का मन यहीं का हो जाता है।
सामाजिक कल्याण का संकल्प
मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर कहा कि शासन की मंशा है कि समाज के सभी वर्गों — किसानों, युवाओं, गौपालकों सहित प्रत्येक नागरिक — का कल्याण हो और सरकार की जनहितैषी नीतियाँ अपने मूल उद्देश्य में सफल सिद्ध हों। उन्होंने रूप चौदस एवं दीपावली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन
इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, राज्यसभा सदस्य महेश केवट, विधायक निवाड़ी अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जिले के प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है।