ओरछा में श्री राम राजा लोक निर्माण: CM मोहन यादव बोले — धार्मिक पर्यटन से मिलेगा स्थानीय रोजगार
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 31 अगस्त को ओरछा स्थित श्री राम राजा लोक के निर्माण स्थल का दौरा किया और घोषणा की कि राज्य के प्रमुख तीर्थस्थलों के समग्र विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री का ओरछा दौरा और निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को ओरछा पहुँचकर श्री राम राजा लोक में जारी निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायज़ा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के माध्यम से राज्य को पर्यटन का अद्भुत केंद्र बनाया जा रहा है।
ओरछा की विरासत और स्थापत्य कला
यादव ने ओरछा की ऐतिहासिक पहचान को रेखांकित करते हुए कहा कि यह नगर बुंदेला राजाओं के काल में बुंदेलखंड की राजधानी रहा है। उन्होंने यहाँ की प्राचीन स्थापत्य कला की प्रशंसा करते हुए बताया कि पुराने भवन प्राकृतिक रूप से वातानुकूलित हैं — गर्मी में ठंडे और सर्दी में गर्म रहते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि श्री राम राजा लोक के पुनर्निर्माण में उसी पारंपरिक सामग्री का उपयोग किया जाएगा जो मूल निर्माण में प्रयुक्त हुई थी, ताकि इसका मूल स्वरूप अक्षुण्ण रहे। इस कार्य के लिए कुशल कारीगरों की सेवाएँ ली जा रही हैं।
उज्जैन मॉडल की तर्ज पर विकास
मुख्यमंत्री ने उज्जैन के श्री महाकाल महालोक के उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि उस परियोजना के पूरा होने के बाद उज्जैन की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। इसी मॉडल को अब ओरछा सहित मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों पर भी लागू करने की योजना है।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
यादव ने चित्रकूट का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास में से 12 वर्ष वहाँ व्यतीत किए थे। उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों से जोड़ना और उसे संरक्षित करना मध्य प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। श्री राम राजा लोक को आने वाले समय में देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
स्थानीय रोजगार पर असर
गौरतलब है कि धार्मिक पर्यटन परियोजनाएँ स्थानीय अर्थव्यवस्था में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रूपों में योगदान देती हैं — होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और पुजारी समुदाय सहित कई वर्गों को इसका लाभ मिलता है। उज्जैन महाकाल महालोक के बाद पर्यटकों की संख्या में आई वृद्धि इसका प्रमाण है। ओरछा में इसी तरह के विकास से क्षेत्र के युवाओं और स्थानीय व्यवसायियों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।