संभल तीर्थस्थलों के जीर्णोद्धार पर अयोध्या के संतों ने CM योगी का जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 14 अगस्त को आयोजित महंत परमहंस रामचंद्र दास महाराज की पुण्य स्मृति महामहोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया और अपने संबोधन में संभल, अयोध्या, काशी तथा मथुरा में चल रहे तीर्थस्थलों के जीर्णोद्धार कार्यों का विशेष उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के इस संबोधन के बाद अयोध्या के साधु-संतों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।
महंत गिरीश दास का बयान
अयोध्या के महंत गिरीश दास ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन धर्म के अनुयायी हैं और प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म में आस्था व्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा से जुड़ी पीठों की जाँच में यह पाया गया कि संभल में भी अनेक धार्मिक स्थल हैं, जिनके उत्थान के लिए कार्य किए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इसी का उल्लेख किया था।
काशी और मथुरा पर जगतगुरु रामदिनेशाचार्य का संदेश
जगतगुरु रामदिनेशाचार्य ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है और अब काशी तथा मथुरा की बारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने इसी बात की याद दिलाते हुए इन स्थानों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि संभल में कल्कि अवतार के रूप में भगवान के जन्म होने की धार्मिक मान्यता है और जहाँ पहले अतिक्रमण हो चुका था, वहाँ अब पुनः तीर्थस्थलों का विकास किया जा रहा है।
जगतगुरु रामकमल दास वेदांती का दृष्टिकोण
जगतगुरु रामकमल दास वेदांती ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद द्वारा चलाए गए आंदोलन की वजह से राम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकारें इस संकल्प के साथ आई हैं कि अयोध्या में राम मंदिर, मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और काशी में काशी विश्वनाथ से जुड़े विकास कार्य पूरे हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि संभल में तीर्थस्थल का विकास होना चाहिए, क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान का अगला अवतार वहीं होगा।
संत दिवाकराचार्य और महंत धर्मदास की प्रतिक्रिया
संत दिवाकराचार्य ने कहा कि हिंदू तीर्थस्थलों को पुनर्जीवित करने का कार्य इस सरकार ने किया है। उन्होंने बताया कि संभल को लेकर किसी ने कभी कल्पना नहीं की थी और लोग उसे लगभग भूल चुके थे, लेकिन वहाँ चल रहे कार्यों के लिए वे मुख्यमंत्री योगी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभल में हिंदुओं की संख्या कम हो गई है और वहाँ हिंदू धार्मिक स्थलों पर अतिक्रमण की शिकायतें लंबे समय से उठती रही हैं। महंत धर्मदास ने कहा कि संभल में काफी व्यवस्थाएँ की जा चुकी हैं और अब मथुरा तथा काशी में भी कार्य किए जाने की बात कही जा रही है।
आगे की राह
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब संभल में धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएँ तेज हैं। संतों का यह आभार-प्रदर्शन संकेत देता है कि धार्मिक समुदाय राज्य सरकार के इन प्रयासों को सकारात्मक दृष्टि से देख रहा है। आने वाले समय में काशी और मथुरा में भी इसी दिशा में कार्यों की प्रगति पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।