सीएम मोहन यादव वाराणसी में ‘मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन’ में करेंगे शामिल
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री मोहन यादव का सम्मेलन में भाग लेना महत्वपूर्ण है।
- व्यापार और निवेश में सहयोग को बढ़ावा देने का लक्ष्य।
- ओडीओपी पहल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को पहचान मिल रही है।
- नए बाजार के अवसरों का निर्माण।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था और उद्योगों को सशक्त बनाना।
भोपाल, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री मोहन यादव मंगलवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ‘मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन’ में भाग लेंगे।
इस सम्मेलन का उद्देश्य दो पड़ोसी राज्यों के बीच व्यापार, निवेश और कौशल में सहयोग को और मजबूत करना है। इसमें मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों के बीच व्यापार, औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, हस्तशिल्प को बढ़ावा देने और पर्यटन जैसे कई क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश से नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान शामिल होगा, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय उद्योगों को बढ़ावा देने में अंतर-राज्य सहयोग को बढ़ाया जा सके।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में एक जिला-एक उत्पाद पहल, जीआई-टैग वाले उत्पादों, पारंपरिक शिल्प और कृषि-खाद्य उत्पादों को ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात के अवसरों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और नीति निर्माताओं की उपस्थिति होगी, जो ओडीओपी पहल के कार्यान्वयन और भविष्य की दिशा पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
ओडीओपी पहल प्रत्येक जिले से अद्वितीय उत्पादों की पहचान करती है, उन्हें उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार पहुंच से जोड़ती है।
इसे एक बड़े मूल्य-श्रृंखला मॉडल के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो केवल पारंपरिक उत्पादों को सुरक्षित करने के बजाय कारीगरों, किसानों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आर्थिक अवसर प्रदान करता है।
मध्य प्रदेश सरकार ने सोमवार को एक बयान में कहा कि इस कार्यक्रम से ओडीओपी उत्पादों के लिए नए बाजार के अवसर बनने, निर्यात में तेजी आने और कारीगरों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा मंच मिलने की उम्मीद है। दोनों राज्यों के बीच सहयोग और जानकारी का आदान-प्रदान ओडीओपी को एक मजबूत राष्ट्रीय आर्थिक मॉडल के रूप में मजबूती देगा।
मध्य प्रदेश इस सम्मेलन में स्थानीय उत्पादकों और कारीगरों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का यह मॉडल पेश करेगा। राज्य की ओडीओपी पहलों को राष्ट्रीय पहचान मिली है, जिसमें ओडीओपी पुरस्कार 2024 में सिल्वर पुरस्कार भी शामिल है।