क्या ओडीओसी से वैश्विक फूड मैप पर स्थापित होगी यूपी की पाक कला की विरासत?

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क्या ओडीओसी से वैश्विक फूड मैप पर स्थापित होगी यूपी की पाक कला की विरासत?

सारांश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ओडीओसी योजना की शुरुआत की है, जो प्रदेश की खान-पान परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाएगी। यह योजना स्थानीय व्यंजनों की ब्रांडिंग और आर्थिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

Key Takeaways

  • ओडीओसी योजना से यूपी की पाक कला को मिलेगी वैश्विक पहचान।
  • स्थानीय कारीगरों को मिलेगा स्थायी रोजगार।
  • उत्पादों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा होगी प्राथमिकता।
  • पारंपरिक व्यंजनों की ब्रांडिंग की जाएगी।
  • निर्यात क्षमता बढ़ाने पर होगा ध्यान।

लखनऊ, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की समृद्ध और विविध खान-पान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी)’ योजना के शुभारंभ का निर्णय लिया है। ब्रांड यूपी को सशक्त बनाने में ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना की महत्वपूर्ण भूमिका के बाद, अब उत्तर प्रदेश की पारंपरिक क्यूजीन को संगठित ब्रांडिंग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का हर जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए, यही ओडीओसी योजना का मुख्य उद्देश्य है। उदाहरण के तौर पर, मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा का पेड़ा, अलीगढ़ की चमचम, हाथरस की रबड़ी, कासगंज का कलाकंद और मूंग का दलमा, एटा की चिकोरी, सुल्तानपुर की कड़ाहा की पूरी और कोहड़े की सब्जी, बाराबंकी की चंद्रकला मिठाई, आजमगढ़ का सफेद गाजर का हलवा, वाराणसी की लौंगलता, बरेली की सिंवइयां, अमेठी का समोसा, बस्ती का सिरका और सिद्धार्थनगर की रामकटोरी जैसी पारंपरिक मिठाइयाँ और व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि स्थानीय विरासत, कौशल और आर्थिकी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें गुणवत्ता, पहचान और बाजार उपलब्ध कराकर प्रदेश की सांस्कृतिक ताकत को आर्थिक शक्ति में बदला जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि ओडीओसी को ओडीओपी की तर्ज पर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए, ताकि पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और सभी उत्पादों को खाद सुरक्षा मानकों के अनुसार प्रमाणित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जीआई टैगिंग को प्रोत्साहित करने, स्थानीय व्यंजनों की पहचान सुरक्षित रखने और युवाओं व आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद के अनुसार स्वाद-आधारित विविधता विकसित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि ओडीओसी के तहत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट व्यंजनों की पहचान कर उन्हें क्यूजीन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाए। पारंपरिक व्यंजनों की ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए निर्माताओं और विक्रेताओं को प्रोत्साहन दिया जाए।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि योजनांतर्गत उत्पादों के संरक्षण, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, खाद्य विविधता का विस्तार, रोजगार सृजन, वैल्यू-चेन और मार्केट लिंकेज को मजबूत करना तथा पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साथ एकीकरण शामिल है। इसके साथ ही निर्यात क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों को तैयार करने की रणनीति पर भी ध्यान दिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि ब्रांडिंग रणनीति के तहत ओडीओसी लोगो के साथ जनपद-विशिष्ट रंग, प्रतीक और शैली जोड़ी जाएगी।

हर व्यंजन के साथ उसकी संस्कृति, इतिहास और विधि को दर्शाने वाली प्रोडक्ट स्टोरी और पहचान टैग शामिल होगा। बैठक में यह भी बताया गया कि पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। फूड-ग्रेड, इको-फ्रेंडली और सुरक्षित पैकेजिंग के साथ शेल्फ-लाइफ बढ़ाने की उन्नत तकनीकों का उपयोग होगा। क्यूआर कोड, न्यूट्रिशन लेबल, बारकोड और ड्यूल-लैंग्वेज लेबलिंग के माध्यम से ट्रेसबिलिटी और उपभोक्ता जानकारी सुनिश्चित की जाएगी।

क्षेत्रीय और त्योहार-थीम आधारित पैकेजिंग डिजाइन भी विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ओडीओसी योजना 'वोकल फॉर लोकल' को नई गति देगी और उत्तर प्रदेश की पाक कला की विरासत को वैश्विक फूड मैप पर स्थापित करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि यह पहल केवल योजना न रहकर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बने, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएं।

-- राष्ट्र प्रेस

विकेटी/एमएस

Point of View

बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी स्थानीय उत्पादों को एक नई पहचान देने का अवसर प्रदान करती है।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

ओडीओसी योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
ओडीओसी योजना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जनपद की विशिष्ट व्यंजनों को वैश्विक पहचान दिलाना है।
इस योजना से किसे लाभ होगा?
इस योजना से पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर मिलेंगे।
क्या ओडीओसी योजना में उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाएगा?
हाँ, सभी उत्पादों की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
इस योजना का ब्रांडिंग कैसे किया जाएगा?
ओडीओसी योजना के तहत जनपद-विशिष्ट रंग, प्रतीक और स्टाइल के साथ उत्पादों की ब्रांडिंग की जाएगी।
क्या ओडीओसी का कोई अंतरराष्ट्रीय आयाम भी होगा?
हाँ, ओडीओसी योजना के तहत उत्पादों की निर्यात क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं के लिए तैयार करने की रणनीति भी होगी।
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