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धार में मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान बनेंगे: सीएम मोहन यादव का ऐलान

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धार में मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान बनेंगे: सीएम मोहन यादव का ऐलान

सारांश

धार में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने भोजशाला में पूजा की — और साथ में दो बड़ी घोषणाएँ भी कीं। सीएम मोहन यादव ने मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना का ऐलान किया, जो धार को सांस्कृतिक, साहित्यिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

सीएम मोहन यादव ने 25 मई 2026 को धार में मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना की घोषणा की।
पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी का विधिवत पूजन और आरती की।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 2,82,188 कार्यों का लक्ष्य; अभी ₹2,500 करोड़ के काम जारी।
₹88 करोड़ 4 लाख की लागत से 12 जल संरक्षण कार्यों का भूमि-पूजन किया गया।
पीएम मित्रा पार्क में आदिवासी कपास से कपड़े बनाकर निर्यात की योजना।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के भोजशाला निर्णय को 750 साल पुराने संघर्ष का परिणाम बताया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 25 मई 2026 को धार जिले के भोजशाला परिसर में मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने मां वाग्देवी का पूरे विधि-विधान से पूजन और आरती की — पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने भोजशाला में इस प्रकार की पूजा-अर्चना की।

क्या होगा मां सरस्वती लोक और शोध संस्थान में

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मां सरस्वती लोक एक पर्यटन एवं साहित्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'यहाँ वो सब होगा जो आपने चाहा है — यह पर्यटन का, साहित्य का केंद्र बनेगा।' इसके साथ ही राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना भी की जाएगी, जो राजा भोज की विरासत, तकनीक और साहित्यिक योगदान पर शोध का केंद्र बनेगा।

राजा भोज की विरासत पर जोर

मुख्यमंत्री ने धार को राजा भोज की नगरी बताते हुए कहा कि राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य और हर्षवर्धन — तीनों मालवा के ऐसे महापुरुष हैं जिनकी वजह से सनातन संस्कृति ने वैश्विक पहचान बनाई। उन्होंने उल्लेख किया कि राजा भोज ने स्वयं अनेक ग्रंथ लिखे, दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बनवाया और नदी की मुख्य धारा को बंद करने के बजाय भोपाल तालाब का निर्माण कराया। उन्होंने यह भी कहा कि राजा भोज ने कवि सम्मेलन आयोजित कर कवियों को एक-एक सोने की ईंट का पुरस्कार दिया।

भोजशाला न्यायालय निर्णय का संदर्भ

सीएम यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला पर दिए गए निर्णय के पीछे 750 साल पुराना संघर्ष है। उन्होंने कहा, 'इस मामले में न्यायालय ने दूध का दूध और पानी का पानी किया है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को सबको साथ लेकर लागू कराया और 'विरासत से विकास' की अवधारणा को साकार किया।

जल संरक्षण और औद्योगिक विकास

गंगा दशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण कार्यों का भी उल्लेख किया। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 2 लाख 82 हजार 188 कार्य प्रारंभ करने का लक्ष्य है, जिनमें अभी ₹2,500 करोड़ के काम चल रहे हैं। धार में 55 हजार से अधिक खेत-तालाब, 105 अमृत सरोवर और 8 लाख से अधिक जल दूत बनाए गए हैं। 64 प्राचीन बावड़ियों और 64 प्राचीन तालाबों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार किया जा रहा है। इस अवसर पर ₹88 करोड़ 4 लाख की लागत से बनने वाले 12 कार्यों का भूमि-पूजन भी किया गया। उन्होंने धार को प्रदेश का सबसे अच्छा औद्योगिक जिला बताया और कहा कि पीएम मित्रा पार्क में आदिवासी भाई-बहनों के कपास से कपड़े बनाकर निर्यात किए जाएंगे।

आगे की राह

मुख्यमंत्री यादव ने संकल्प लिया कि धार जिला आने वाले समय में और आगे बढ़ेगा। मां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान के निर्माण से धार को सांस्कृतिक, साहित्यिक और पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के हालिया निर्णय को राजनीतिक वैधता देने की सुनियोजित कोशिश भी है। राजा भोज शोध संस्थान और मां सरस्वती लोक की घोषणाएँ धार को 'हिंदू सांस्कृतिक केंद्र' के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा लगती हैं। असली परीक्षा यह होगी कि इन संस्थाओं के लिए बजट आवंटन, समयसीमा और क्रियान्वयन ढाँचा कब सामने आता है — अन्यथा ये घोषणाएँ चुनावी मौसम की परिपाटी बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धार में मां सरस्वती लोक क्या होगा?
मां सरस्वती लोक एक पर्यटन और साहित्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह स्थान सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना क्यों की जा रही है?
राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना राजा भोज की ऐतिहासिक विरासत, तकनीकी योगदान और साहित्यिक उपलब्धियों पर शोध के लिए की जाएगी। धार को राजा भोज की नगरी माना जाता है और यह संस्थान उस गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने का माध्यम बनेगा।
भोजशाला में पूजा करने वाले पहले मुख्यमंत्री कौन बने?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले मुख्यमंत्री बने जिन्होंने भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी का विधिवत पूजन और आरती की। यह अवसर 25 मई 2026 को गंगा दशमी के दिन था।
जल गंगा संवर्धन अभियान में धार की क्या भूमिका है?
धार जिले में खेत-तालाब, डगवेल रिचार्ज, सिंचाई संरचना और जल संरक्षण के व्यापक कार्य चल रहे हैं। 64 प्राचीन बावड़ियों और 64 प्राचीन तालाबों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार किया जा रहा है, और ₹88 करोड़ 4 लाख की लागत से 12 नए कार्यों का भूमि-पूजन भी किया गया।
भोजशाला पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का निर्णय क्या है?
सीएम यादव के अनुसार मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भोजशाला के संदर्भ में निर्णय दिया है, जिसे उन्होंने 750 साल पुराने संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने 'दूध का दूध और पानी का पानी' किया है।
राष्ट्र प्रेस
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