3 नवंबर 2026
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अयोध्या का हर दीप देश-प्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

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अयोध्या का हर दीप देश-प्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सारांश

पीलीभीत की श्रीराम कथा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश — अयोध्या सिर्फ आस्था का नहीं, अब विकास का भी केंद्र है। 500 साल के संघर्ष के बाद बने राम मंदिर में अब प्रतिदिन 1 लाख श्रद्धालु पहुँचते हैं। यह बदलाव केवल धार्मिक नहीं, सामाजिक-आर्थिक भी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 नवंबर 2026 को पीलीभीत में श्रीराम कथा महोत्सव को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रतिदिन 1 लाख से अधिक और पर्व-त्योहारों पर 5 लाख से 50 लाख तक श्रद्धालु पहुँचते हैं।
अयोध्या में चार लेन सड़कें, बेहतर रेल सुविधाएँ और महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख तक स्वास्थ्य बीमा सहित कई योजनाओं का उल्लेख किया।
काशी विश्वनाथ धाम , मथुरा-वृंदावन , माँ विंध्यवासिनी धाम और गोला गोकर्णनाथ कॉरिडोर के विकास का भी जिक्र किया।
उन्होंने ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ को श्रद्धांजलि दी और नूरानपुर में अमृत सरोवर का लोकार्पण किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3 नवंबर 2026 को पीलीभीत में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव में कहा कि अयोध्या में जलने वाला हर दीप देश और प्रदेश की समृद्धि की नींव बनेगा। उन्होंने कहा कि जिस अयोध्या में कभी रामभक्तों पर गोलियाँ चलाई जाती थीं, आज वहाँ श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा होती है। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद भव्य राम मंदिर के निर्माण के साथ अयोध्या अब आस्था के साथ-साथ विकास का भी केंद्र बन चुकी है।

कार्यक्रम और पृष्ठभूमि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को पीलीभीत में ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और नूरानपुर में अमृत सरोवर का लोकार्पण किया। उन्होंने व्यासपीठ को नमन कर कथा व्यास संत अंजनी शरण और उपस्थित संतों का अभिनंदन किया।

अयोध्या के विकास का लेखा-जोखा

मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर 1990 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में 'जय श्रीराम' बोलने और रामभक्तों के अयोध्या पहुँचने पर प्रतिबंध था। आज उसी अयोध्या में प्रतिदिन 1 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुँच रहे हैं और पर्व-त्योहारों पर यह संख्या 5 लाख से 50 लाख तक जा पहुँचती है। उन्होंने बताया कि पहले शहर में संकरी गलियाँ, गंदगी और बदहाल सड़कें थीं; अब चार लेन की सड़कें, बेहतर रेल सुविधाएँ और महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या की तस्वीर बदल चुके हैं।

रामराज्य की अवधारणा और सरकारी योजनाएँ

मुख्यमंत्री ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति ने देश में आतंकवाद और नक्सलवाद को बढ़ावा दिया, जबकि संतुष्टिकरण के माध्यम से रामराज्य का मार्ग प्रशस्त किया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि बिना भेदभाव हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही रामराज्य की मूल भावना है।

उन्होंने वर्ष 2017 से पहले के हालात की तुलना करते हुए कहा कि उस समय विकास का पैसा बर्बाद होता था। अब उसी धन से गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, किसानों को सम्मान निधि और युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

धार्मिक स्थलों का विकास और सांस्कृतिक विरासत

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के साथ-साथ काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन और माँ विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार हुआ है। लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है और बरेली की नाथ नगरी भी अपनी धार्मिक पहचान को नए स्वरूप में स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि यह स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से भी जुड़ा है।

राम के आदर्श और सांस्कृतिक एकता

उन्होंने भारत की विविधता में एकता को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक भाषा और वेशभूषा भिन्न हो सकती है, लेकिन आस्था और संस्कृति पूरे देश को एक सूत्र में बाँधती है। उन्होंने ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सहज और फक्कड़ संत जीवन को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम कथा का उद्देश्य केवल श्रवण करना नहीं, बल्कि उसके आदर्शों को आचरण में उतारना है — आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन और आस्था की यह धारा उत्तर प्रदेश के समग्र विकास की गति को और तेज करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले अयोध्या-केंद्रित आख्यान को और मजबूत करने की कोशिश है। अयोध्या में प्रतिदिन 1 लाख श्रद्धालुओं का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन यह सवाल उठता है कि इस धार्मिक पर्यटन से स्थानीय रोजगार और आय का सत्यापन योग्य डेटा कब सार्वजनिक होगा। तुष्टिकरण बनाम संतुष्टिकरण का विमर्श राजनीतिक रूप से धारदार है, पर जमीन पर इसकी मापनीय परिभाषा अभी भी स्पष्ट नहीं है। धार्मिक स्थलों के विकास को समग्र विकास से जोड़ना एक दीर्घकालिक रणनीति है, जिसकी सफलता अंततः रोजगार और जीवन-स्तर के ठोस सुधार से तय होगी।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत में क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में जलने वाला हर दीप देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा। उन्होंने 500 वर्षों के संघर्ष के बाद बने राम मंदिर और अयोध्या के बुनियादी ढाँचे में हुए बदलाव का उल्लेख किया।
अयोध्या में अभी कितने श्रद्धालु आते हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार अयोध्या में प्रतिदिन 1 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुँचते हैं। पर्व-त्योहारों पर यह संख्या 5 लाख से 50 लाख तक हो जाती है।
अयोध्या के विकास में क्या-क्या बदलाव हुए हैं?
अयोध्या में अब चार लेन की सड़कें, उन्नत रेल सुविधाएँ और महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन चुका है। पहले यहाँ संकरी गलियाँ, बदहाल सड़कें और रेलवे की सिंगल लाइन थी तथा हवाई सेवा भी नहीं थी।
योगी सरकार की कौन-सी प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया गया?
मुख्यमंत्री ने गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, किसानों को सम्मान निधि और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का उल्लेख किया। उन्होंने इसे रामराज्य की मूल भावना बताया।
पीलीभीत श्रीराम कथा महोत्सव का आयोजन किसकी स्मृति में हुआ?
यह महोत्सव ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने उनके सहज और फक्कड़ संत जीवन को नमन करते हुए कथा व्यास संत अंजनी शरण और उपस्थित संतों का अभिनंदन भी किया।
राष्ट्र प्रेस
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