सोने में साप्ताहिक 1.17% और चांदी में 3.48% की तेजी, कच्चे तेल की नरमी से मिला सहारा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026: कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीन सत्रों की गिरावट के बाद बाज़ार में ऊर्जा महंगाई की चिंताएँ घटीं, जिससे सोने को साप्ताहिक आधार पर 1.17 प्रतिशत की बढ़त मिली और चांदी ने 3.48 प्रतिशत की उछाल दर्ज की। शुक्रवार को कारोबार के अंतिम सत्र में दोनों कीमती धातुओं में तेज़ी देखी गई।
एमसीएक्स पर शुक्रवार का कारोबार
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 0.84 प्रतिशत यानी ₹1,282 की बढ़त के साथ ₹1,54,263 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इंट्राडे कारोबार में पीली धातु ने ₹1,54,600 का उच्च स्तर छुआ, जबकि निचला स्तर ₹1,52,171 रहा।
दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹2,42,000 प्रति किलोग्राम पर पहुँची। दिन के कारोबार में चांदी का उच्चतम स्तर ₹2,43,047 रहा, जबकि न्यूनतम ₹2,38,173 तक गिरी।
साप्ताहिक प्रदर्शन: आईबीजेए के आंकड़े
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत शुक्रवार को ₹1,53,727 प्रति 10 ग्राम रही। यह पिछले शुक्रवार 12 सितंबर के ₹1,51,938 की तुलना में ₹1,789 यानी 1.17 प्रतिशत अधिक है।
चांदी के मोर्चे पर आईबीजेए के आंकड़े बताते हैं कि पीली धातु गुरुवार के ₹2,29,642 से 3.16 प्रतिशत यानी ₹7,266 चढ़कर ₹2,36,908 प्रति किलोग्राम पर पहुँची। साप्ताहिक आधार पर यह पिछले शुक्रवार के ₹2,28,920 से 3.48 प्रतिशत यानी ₹7,988 की बढ़त दर्शाती है।
बाज़ार पर दबाव के कारण
विश्लेषकों के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में मध्य पूर्व में आपूर्ति जोखिम और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व (Fed) के सख्त रुख के संकेतों से कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। ब्याज दर वृद्धि की आशंका के चलते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ी, जिससे बिना ब्याज वाली परिसंपत्ति सोने की अपील कमज़ोर हुई।
हालाँकि, कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीन सत्रों में गिरकर $100 प्रति बैरल से नीचे आ गईं, क्योंकि बाज़ार को लगा कि सऊदी अरब की प्रमुख पाइपलाइन बंद होने का आपूर्ति पर असर शुरुआती आशंकाओं से कम होगा। इससे ऊर्जा महंगाई की चिंता घटी और सोने को राहत मिली।
यह राहत अल्पकालिक रही। फेड ने सप्ताह के दौरान 25 बेसिस पॉइंट की दर वृद्धि करते हुए फेडरल फंड्स दर को 3.75% से 4% के दायरे में पहुँचा दिया। अधिकांश फेड अधिकारियों के संकेत बताते हैं कि इस वर्ष आगे भी मौद्रिक सख्ती जारी रह सकती है। बाज़ार ने अक्टूबर में एक और दर वृद्धि की संभावना लगभग 55 प्रतिशत आंकी है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5 प्रतिशत से ऊपर जाने पर सोने और चांदी में मुनाफावसूली देखी गई।
चांदी का बेहतर प्रदर्शन
बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी ने इस सप्ताह सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। चांदी को लगातार छठे वर्ष संभावित आपूर्ति घाटे का समर्थन मिल रहा है। वर्ष 2026 में चांदी की आपूर्ति में लगभग 4.63 करोड़ औंस की कमी रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।
तकनीकी स्तर और आगे की संभावनाएँ
तकनीकी दृष्टि से विश्लेषकों का मानना है कि COMEX गोल्ड के लिए $4,470–$4,500 का क्षेत्र निकट अवधि का प्रमुख प्रतिरोध है, जबकि $4,300–$4,340 महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र है।
एमसीएक्स गोल्ड के लिए ₹1,54,000 से ₹1,54,700 का दायरा तत्काल प्रतिरोध और ₹1,50,000 से ₹1,50,700 का स्तर मजबूत समर्थन माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले सत्रों में निवेशकों की नज़र अमेरिकी ब्याज दरों, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी रहेगी, जो सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।