फेड के कड़े संकेतों से सोना ₹6,157 और चांदी ₹9,893 प्रति किलो टूटी, एक हफ्ते में बड़ी गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 28 अगस्त 2026 को सोने का भाव ₹1,56,281 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ — एक सप्ताह में ₹6,157 यानी 3.79 प्रतिशत की गिरावट। इसी अवधि में चांदी ₹9,893 यानी 4.01 प्रतिशत लुढ़ककर ₹2,36,704 प्रति किलोग्राम पर आ गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष केविन वॉर्श के जैक्सन होल सम्मेलन में दिए गए सख्त भाषण और जुलाई की अपेक्षा से अधिक पीसीई मुद्रास्फीति दर (3.7 प्रतिशत) ने निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया।
साप्ताहिक कीमतों का पूरा हिसाब
MCX पर अक्टूबर डिलीवरी सोना 21 अगस्त को ₹1,62,438 प्रति 10 ग्राम पर था, जो 28 अगस्त को ₹1,56,281 पर आ गया — यानी सप्ताह में ₹6,157 की गिरावट। शुक्रवार को अकेले सोना 1.63 प्रतिशत टूटकर ₹1,56,400 के करीब पहुँचा।
चांदी (सितंबर डिलीवरी) MCX पर 21 अगस्त को ₹2,46,597 प्रति किलोग्राम के स्तर से फिसलकर 28 अगस्त को ₹2,36,704 पर बंद हुई — साप्ताहिक नुकसान ₹9,893 यानी 4.01 प्रतिशत। शुक्रवार को चांदी 1.66 प्रतिशत गिरकर ₹2,36,651 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।
IBJA के खुदरा भाव में भी असर
इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 999 शुद्धता वाले सोने का भाव 28 अगस्त को ₹1,59,578 प्रति 10 ग्राम रहा, जो पिछले शुक्रवार (21 अगस्त) के ₹1,60,620 से ₹1,042 यानी 0.64 प्रतिशत कम है। सप्ताह की शुरुआत में सोमवार को यह भाव ₹1,62,603 था, जो दर्शाता है कि सप्ताह के उत्तरार्ध में गिरावट तेज़ रही।
IBJA के अनुसार, 999 शुद्धता वाली चांदी 28 अगस्त को ₹2,43,892 प्रति किलोग्राम पर रही, जबकि 21 अगस्त को यह ₹2,46,630 थी — साप्ताहिक गिरावट ₹2,738 यानी 1.12 प्रतिशत।
फेड और मुद्रास्फीति: गिरावट की असली वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, सप्ताह के शुरुआती दिनों में अमेरिकी डॉलर के अवमूल्यन की आशंकाओं और दीर्घकालिक अमेरिकी बॉन्ड को लेकर संभावित सरकारी समर्थन की खबरों से सोना कई महीनों के उच्च स्तर तक पहुँच गया था। लेकिन बाद में परिदृश्य पलट गया।
अमेरिका की जुलाई पीसीई मुद्रास्फीति दर 3.7 प्रतिशत दर्ज हुई, जो बाज़ार की अपेक्षाओं से अधिक थी। रोज़गार और व्यापार के आँकड़ों ने भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मज़बूती का संकेत दिया। इससे निवेशकों को लगा कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें लंबे समय तक ऊँचे स्तर पर बनाए रख सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, फेड अध्यक्ष केविन वॉर्श के जैक्सन होल भाषण के कुछ ही मिनटों के भीतर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना लगभग 70 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया, हालाँकि बाद में आंशिक रिकवरी देखने को मिली। यह संकेत बाज़ार ने सितंबर में ब्याज दर वृद्धि की बढ़ती संभावना के रूप में पढ़ा।
तकनीकी स्तर और बाज़ार की दिशा
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में COMEX गोल्ड के लिए $4,600–$4,630 प्रति औंस का क्षेत्र निकटतम प्रतिरोध माना जा रहा है, जबकि $4,470–$4,500 का दायरा महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान कर सकता है।
घरेलू बाज़ार में MCX सोने के लिए ₹1,59,200–₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम का क्षेत्र प्रमुख प्रतिरोध है, जबकि ₹1,55,500–₹1,56,200 का दायरा तत्काल समर्थन क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास कूटनीतिक प्रगति के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भी मुद्रास्फीति की चिंताओं को कम किया, जिससे सोने को सीमित समर्थन ही मिला।
आगे क्या होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में सोने और चांदी की दिशा मुख्यतः अमेरिकी ब्याज दर नीति, मुद्रास्फीति के आँकड़ों और फेडरल रिजर्व के नीतिगत संकेतों पर निर्भर करेगी। यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मज़बूत बनी रही और दरें ऊँची रहने की संभावना बढ़ी, तो निकट अवधि में कीमती धातुओं पर दबाव जारी रह सकता है।