सोना-चांदी में मंगलवार को गिरावट, MCX पर सोना ₹1,41,934 और चांदी ₹2,17,233 प्रति किलो
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं की शुरुआत कमज़ोरी के साथ हुई और कारोबार के दौरान दामों में 1.80 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की बैठक से पहले निवेशकों की सतर्कता और अमेरिका-ईरान के बीच हमलों पर विराम से वैश्विक अनिश्चितता में कमी ने इस गिरावट को बल दिया।
सोने का हाल
MCX पर 5 अगस्त 2026 के सोने के कॉन्ट्रैक्ट ने पिछली क्लोज़िंग ₹1,43,063 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹1,42,353 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार की शुरुआत की। सुबह 10 बजे IST तक यह ₹1,129 रुपए (0.79 प्रतिशत) की कमज़ोरी के साथ ₹1,41,934 प्रति 10 ग्राम पर था। दिन के कारोबार में सोने ने ₹1,41,808 प्रति 10 ग्राम का निम्नतम और ₹1,42,353 प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।
चांदी का हाल
चांदी के 4 सितंबर 2026 के कॉन्ट्रैक्ट ने पिछली क्लोज़िंग ₹2,21,173 प्रति किलो के मुकाबले ₹2,20,555 प्रति किलो पर शुरुआत की। कारोबार के दौरान यह ₹3,940 (1.78 प्रतिशत) की गिरावट के साथ ₹2,17,233 प्रति किलो पर आ गई। दिन का निम्नतम स्तर ₹2,16,592 प्रति किलो और उच्चतम स्तर ₹2,20,555 प्रति किलो रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी दबाव
वैश्विक स्तर पर भी दोनों धातुएँ दबाव में रहीं। कॉमेक्स पर सोना 0.76 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 4,045 डॉलर प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 2.06 प्रतिशत गिरकर 57.53 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
गिरावट के कारण
बाज़ार जानकारों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की बैठक मंगलवार को शुरू होगी और इसके नीतिगत फैसले का ऐलान बुधवार को किया जाएगा। इस अनिश्चितता के चलते निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच हमलों पर विराम से वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी आई है, जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की माँग घटी है।
आगे क्या होगा
जानकारों का कहना है कि जून के महंगाई और रोज़गार के आँकड़ों ने इस संभावना को मज़बूत किया है कि फेडरल रिज़र्व अपनी जुलाई बैठक में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखेगा। हालाँकि, तेल की कीमतों में हाल की बढ़ोतरी से महंगाई के दोबारा उभरने का जोखिम बना हुआ है, जो आगे चलकर कीमती धातुओं की दिशा तय करेगा। फेड के फैसले के बाद बाज़ार में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।