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दीपोत्सव 2026: शिकागो से अयोध्या पहुँचे पॉल और शेल्बे, सरयू तट पर जलाए आस्था के दीये

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दीपोत्सव 2026: शिकागो से अयोध्या पहुँचे पॉल और शेल्बे, सरयू तट पर जलाए आस्था के दीये

सारांश

शिकागो के पॉल और शेल्बे के लिए अयोध्या वर्षों से सुनी एक कहानी थी — इस दीपोत्सव पर वह कहानी जीवंत अनुभव बन गई। सरयू आरती और राम की पैड़ी पर दीये जलाकर दोनों उस परंपरा का हिस्सा बने, जिसकी गूँज हज़ारों मील दूर अमेरिका तक पहुँची है।

मुख्य बातें

अमेरिका के शिकागो से आए पॉल और शेल्बे ने दीपोत्सव 2026 में अयोध्या में भाग लिया।
दोनों ने सरयू आरती में हिस्सा लिया और राम की पैड़ी पर स्थानीय लोगों के साथ दीये जलाए।
पॉल की प्रेरणा उनके माता-पिता से सुनी अयोध्या की महत्ता थी; शेल्बे को उनके अमेरिकी दोस्तों ने यहाँ आने के लिए प्रेरित किया।
दोनों ने अमेरिका में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दीपोत्सव की परंपरा के बारे में जानकारी मिली होने का उल्लेख किया।
यह उत्सव भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की स्मृति से जुड़ा है।

अयोध्या के दीपोत्सव 2026 में इस बार अमेरिका के शिकागो से आए दो विदेशी मित्रों — पॉल और शेल्बे — की उपस्थिति ने रामनगरी की वैश्विक आस्था को एक नया आयाम दिया। 7 नवंबर 2026 को सरयू तट पर आयोजित दीपोत्सव में दोनों ने स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दीये जलाए और सरयू आरती में भाग लिया — वह अनुभव जो उन्होंने वर्षों तक केवल सुना था, आज उनकी आँखों के सामने जीवंत हो उठा।

अमेरिका से अयोध्या तक का सफर

पॉल ने बताया कि उनके माता-पिता बचपन से ही अयोध्या की महत्ता और धार्मिक गरिमा के बारे में बताते रहे हैं। उन्हीं बातों ने उनके मन में इस नगरी को लेकर गहरी जिज्ञासा जगाई। उन्होंने कहा कि जिस अयोध्या को वे माता-पिता की बातों के माध्यम से जानते थे, उसे दीपोत्सव 2026 में स्वयं अपनी आँखों से देखना एक अविस्मरणीय अनुभव रहा।

शेल्बे की प्रेरणा का स्रोत उनके अमेरिकी मित्र थे, जिन्होंने अयोध्या के प्राचीन इतिहास और धार्मिक महत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की थी। उन बातों ने शेल्बे को भी इस पावन नगरी की ओर खींचा और उन्होंने पॉल के साथ यहाँ आने का निश्चय किया।

सरयू आरती और राम की पैड़ी पर भागीदारी

दोनों मित्रों के लिए इस यात्रा का सबसे खास पड़ाव सरयू आरती रही। आरती में शामिल होने के बाद वे राम की पैड़ी पहुँचे, जहाँ स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उन्होंने दीये जलाए। अमेरिका में सुनी कहानियों से शुरू हुआ उनका परिचय, रामनगरी के उत्सव में सक्रिय भागीदारी तक पहुँच गया।

गौरतलब है कि अयोध्या का दीपोत्सव भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की स्मृति से जुड़ा उत्सव है। पॉल और शेल्बे ने बताया कि अमेरिका में उन्हें इस उत्सव के ऐतिहासिक और धार्मिक संदर्भ की जानकारी मिली थी, जिसने उनकी यात्रा को और अधिक अर्थपूर्ण बना दिया।

योगी आदित्यनाथ और दीपोत्सव की पृष्ठभूमि

पॉल और शेल्बे ने यह भी बताया कि अमेरिका में उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका के बारे में जानकारी मिली थी — कि वे भगवान राम के अनन्य भक्त हैं और अयोध्या में दीपोत्सव की परंपरा को भव्य रूप देने में उनकी प्रमुख भूमिका रही है। इस जानकारी ने भी उनकी उत्सुकता को बढ़ाया था।

यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर तेज़ी से उभर रही है। राम मंदिर के निर्माण के बाद से विदेशी श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

आस्था का वैश्विक विस्तार

पॉल और शेल्बे की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि अयोध्या की आस्था और परंपरा की गूँज अब केवल भारत तक सीमित नहीं है। शिकागो जैसे दूरस्थ अमेरिकी शहर में भी रामनगरी की चर्चा पीढ़ी-दर-पीढ़ी होती रही है।

दोनों मित्रों के लिए यह दीपोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि वर्षों की जिज्ञासा और कल्पना को साकार करने का अवसर बन गया। आने वाले वर्षों में अयोध्या के दीपोत्सव में ऐसे अंतरराष्ट्रीय अतिथियों की भागीदारी और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस सांस्कृतिक कूटनीति के मानवीय पहलू को नज़रअंदाज़ करती है। यह कहानी यह भी रेखांकित करती है कि भारतीय प्रवासी समुदाय किस तरह अपनी अगली पीढ़ियों और विदेशी मित्रों में भारत की धार्मिक विरासत के प्रति जिज्ञासा जगा रहा है — एक ऐसी 'सॉफ्ट पावर' जो किसी सरकारी अभियान की मोहताज नहीं।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीपोत्सव 2026 में अयोध्या आए विदेशी मेहमान कौन थे?
अमेरिका के शिकागो से आए पॉल और शेल्बे दीपोत्सव 2026 में अयोध्या पहुँचे। दोनों ने सरयू आरती में भाग लिया और राम की पैड़ी पर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दीये जलाए।
पॉल और शेल्बे को अयोध्या आने की प्रेरणा कहाँ से मिली?
पॉल को उनके माता-पिता ने बचपन से अयोध्या की महत्ता के बारे में बताया था, जिसने उनके मन में यहाँ आने की जिज्ञासा जगाई। शेल्बे को उनके अमेरिकी दोस्तों ने अयोध्या के इतिहास और धार्मिक महत्व की प्रशंसा करते हुए यहाँ आने के लिए प्रेरित किया।
अयोध्या का दीपोत्सव किस अवसर पर मनाया जाता है?
अयोध्या का दीपोत्सव भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की स्मृति से जुड़ा उत्सव है। इस अवसर पर सरयू तट पर लाखों दीये जलाए जाते हैं और भव्य आरती का आयोजन होता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दीपोत्सव से क्या संबंध है?
पॉल और शेल्बे के अनुसार, उन्हें अमेरिका में जानकारी मिली थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान राम के अनन्य भक्त हैं और अयोध्या में दीपोत्सव को भव्य रूप देने में उनकी प्रमुख भूमिका रही है।
क्या अयोध्या में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है?
हाँ, राम मंदिर के निर्माण के बाद से अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों की रुचि उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। पॉल और शेल्बे जैसे विदेशी अतिथियों की भागीदारी इस बढ़ती वैश्विक पहुँच का उदाहरण है।
राष्ट्र प्रेस
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