सोना इस सप्ताह 0.87% फिसला, चांदी 9% टूटी; मजबूत डॉलर और फेड दर-वृद्धि की आशंका बनी वजह
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इस सप्ताह सोने की कीमतों में 0.87 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी लगभग 9 प्रतिशत लुढ़क गई। अमेरिका से उम्मीद से बेहतर रोज़गार आंकड़े सामने आने के बाद यह आशंका बलवती हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिज़र्व ब्याज दरों को पहले की अपेक्षा लंबे समय तक ऊँचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यह चांदी का लगातार चौथा गिरावट वाला सप्ताह रहा।
साप्ताहिक कीमतें: सोना और चांदी दोनों दबाव में
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 999 शुद्धता वाले सोने की कीमत सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार, 6 जून को ₹1,54,238 प्रति 10 ग्राम रही, जबकि सोमवार को यह ₹1,55,599 प्रति 10 ग्राम थी। इस प्रकार एक सप्ताह में सोने में ₹1,361 प्रति 10 ग्राम की कमी आई।
चांदी की स्थिति और अधिक कमज़ोर रही। IBJA के अनुसार 999 शुद्धता वाली चांदी शुक्रवार को ₹2,56,908 प्रति किलोग्राम पर आ गई, जो सोमवार के ₹2,63,250 प्रति किलोग्राम के मुकाबले ₹6,342 प्रति किलोग्राम सस्ती है।
MCX वायदा बाज़ार में तेज़ गिरावट
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन MCX पर अगस्त डिलीवरी सोना वायदा 2.47 प्रतिशत गिरकर ₹1,55,600 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। इसी दौरान जुलाई डिलीवरी चांदी वायदा 6.27 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ ₹2,48,201 प्रति किलोग्राम पर था।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार: कॉमेक्स पर सोना मार्च के बाद सबसे कमज़ोर
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कॉमेक्स पर सोना 136 डॉलर तक गिरकर 4,369 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के निचले स्तर पर पहुँचा, जो मार्च 2026 के अंत के बाद का सबसे कमज़ोर भाव है। सप्ताहभर में सोना करीब 5 प्रतिशत टूट गया।
चांदी की स्थिति और भी नाज़ुक रही — कॉमेक्स पर यह 5.34 डॉलर गिरकर 68.63 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गई और सप्ताहभर में करीब 9 प्रतिशत लुढ़की। गौरतलब है कि यह चांदी का लगातार चौथा नकारात्मक सप्ताह था।
गिरावट की वजह: डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उछाल
मज़बूत अमेरिकी रोज़गार आंकड़ों के बाद डॉलर इंडेक्स बढ़कर करीब 99.5 पर पहुँच गया। साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई, जिससे बिना ब्याज वाले निवेश विकल्पों — जैसे सोना और चांदी — की मांग कमज़ोर पड़ी। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में महंगाई अभी भी फेडरल रिज़र्व के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, जिससे वर्ष 2026 में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बरकरार है।
विशेषज्ञों की राय और आगे का रुझान
विश्लेषकों के अनुसार, चांदी की स्थिति सोने की तुलना में अधिक कमज़ोर बनी हुई है — मुनाफावसूली और औद्योगिक मांग को लेकर चिंताओं के चलते लगातार बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। सोने ने प्रमुख समर्थन स्तरों के आसपास कुछ मज़बूती दिखाई है, लेकिन चांदी में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
बाज़ार विशेषज्ञों के मुताबिक, कॉमेक्स पर सोने के लिए 4,350 डॉलर का स्तर प्रमुख समर्थन है, जबकि 4,460 से 4,500 डॉलर का दायरा प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है। आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की आपूर्ति, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की टिप्पणियाँ और प्रमुख आर्थिक आंकड़े सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।