सोना साप्ताहिक आधार पर 1.15% टूटा, चांदी 2.88% फिसली; मजबूत डॉलर और ट्रेजरी यील्ड ने बढ़ाया दबाव
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 1 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान सोने की कीमतों में 1.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी इसी अवधि में 2.88 प्रतिशत नीचे आई। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, मजबूत अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में उछाल ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग को कमज़ोर किया।
साप्ताहिक मूल्य बदलाव: सोना और चांदी
IBJA के आंकड़ों के अनुसार, 999 शुद्धता वाले सोने का भाव सोमवार को बाज़ार खुलने पर ₹1,44,532 प्रति 10 ग्राम था, जो शुक्रवार को घटकर ₹1,42,860 प्रति 10 ग्राम रह गया — यानी सप्ताह भर में ₹1,672 की गिरावट। चांदी की बात करें तो 999 शुद्धता वाली चांदी सोमवार के ₹2,24,771 प्रति किलोग्राम से शुक्रवार को ₹2,18,295 प्रति किलोग्राम पर आ गई — एक हफ्ते में ₹6,476 की गिरावट।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को अगस्त डिलीवरी वाला सोना वायदा 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ ₹1,41,599 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी वायदा 1.13 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹2,17,488 प्रति किलोग्राम पर रही।
फेडरल रिज़र्व के फैसले का असर
सप्ताह के दौरान अमेरिकी फेडरल रिज़र्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जिसके बाद सोने में करीब 2 प्रतिशत की तेज़ी आई थी। इसके बाद डॉलर के कमज़ोर होने से गुरुवार तक सोने ने अपनी बढ़त को और मज़बूत किया। हालांकि, सप्ताह के अंत में डॉलर ने फिर से पकड़ बनाई और कीमती धातुओं पर दबाव लौट आया।
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, फेडरल रिज़र्व के अपेक्षाकृत सख्त रुख, मज़बूत श्रम बाज़ार और ऊर्जा कीमतों में हालिया उछाल से उपजी महंगाई की आशंकाओं ने निकट भविष्य में ब्याज दर कटौती की उम्मीदों को कमज़ोर किया है। आंकड़ों के अनुसार, बाज़ार अब सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना लगभग 63 प्रतिशत मान रहा है।
भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी बाज़ार
विश्लेषकों का कहना है कि इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कई बार घटा-बढ़ा। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों को रोके जाने और हूती विद्रोहियों की नाकेबंदी के बाद सऊदी अरब ने लाल सागर में समुद्री सुरक्षा के लिए 43 देशों का गठबंधन बनाने की पहल की, जिससे भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ा।
यह ऐसे समय में आया है जब कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखी गई, परंतु बढ़ती महंगाई की आशंकाओं ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर को मज़बूती दी — जिससे बिना ब्याज वाले निवेश विकल्पों जैसे सोने की मांग प्रभावित हुई।
तकनीकी स्तर और आगे का अनुमान
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, COMEX पर सोने के लिए $4,160–$4,180 प्रति औंस का स्तर प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) माना जा रहा है, जबकि $4,070–$4,090 का स्तर मज़बूत समर्थन (सपोर्ट) है। MCX गोल्ड के लिए ₹1,44,000–₹1,44,300 निकटतम रेजिस्टेंस और ₹1,43,000–₹1,43,300 प्रमुख सपोर्ट ज़ोन है।
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि क्षेत्र में स्थायी युद्धविराम होता है तो ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम होगा, वैश्विक निवेशकों का जोखिम उठाने का रुझान सुधरेगा और इससे सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है। आने वाले हफ्तों में निवेशकों की नज़र अमेरिकी महंगाई व रोज़गार आंकड़ों, फेडरल रिज़र्व के अधिकारियों की टिप्पणियों और डॉलर इंडेक्स की चाल पर रहेगी — यही कारक आगे सोने और चांदी की दिशा तय करेंगे।