MCX पर चांदी 2.62% टूटी, ₹2,42,025 पर; सोना भी 1.31% गिरकर ₹1,53,550 पर — वैश्विक दबाव का असर
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार, 8 जून 2026 को कीमती धातुओं में तीव्र बिकवाली का दौर रहा। चांदी जुलाई वायदा दोपहर 12.17 बजे IST तक ₹6,512 (2.62%) की गिरावट के साथ ₹2,42,025 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि सोना अगस्त वायदा ₹2,044 (1.31%) टूटकर ₹1,53,550 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और शेयर बाजार की कमजोरी के बीच दोनों धातुओं पर एक साथ दबाव बना।
चांदी में तीखी गिरावट का विवरण
MCX सिल्वर जुलाई वायदा सोमवार को ₹2,51,001 प्रति किलोग्राम पर खुला — यही दिन का उच्चतम स्तर रहा। कारोबार के दौरान यह गिरकर ₹2,39,064 के दिन के निम्नतम स्तर तक पहुँचा। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,48,537 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, यानी एक ही सत्र में ₹6,500 से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।
गौरतलब है कि जून महीने की शुरुआत में चांदी ₹2,66,163 प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी। अब तक इस महीने में यह करीब ₹24,000 प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है, जो जून को चांदी के लिए अब तक का दबाव भरा महीना बनाता है।
सर्वकालिक उच्च स्तर से दूरी
चांदी इस वर्ष जनवरी में ₹4,57,328 प्रति किलोग्राम के अपने रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुँची थी। मौजूदा कीमतों की तुलना में यह अपने शिखर से करीब ₹2.15 लाख प्रति किलोग्राम नीचे आ चुकी है — एक उल्लेखनीय सुधार जो बाजार में संरचनात्मक बदलाव का संकेत देता है।
इसी तरह, सोना भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर ₹2,04,375 प्रति 10 ग्राम से लगभग ₹51,000 प्रति 10 ग्राम नीचे कारोबार कर रहा है।
सोने में भी भारी दबाव
MCX गोल्ड अगस्त वायदा सोमवार को ₹1,54,177 प्रति 10 ग्राम पर खुला। दिन के कारोबार में इसने ₹1,54,512 का उच्च और ₹1,52,712 का निम्न स्तर छुआ। खबर लिखे जाने तक यह ₹1,53,550 पर था, जबकि शुक्रवार को इसका बंद भाव ₹1,55,594 प्रति 10 ग्राम था।
जून की शुरुआत में सोना ₹1,59,241 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। अब तक इस महीने में यह ₹6,000 से अधिक सस्ता हो चुका है, जो लगातार नरमी की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
वैश्विक कारण और बाजार संदर्भ
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों की दिशा, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और निवेशकों की जोखिम-क्षमता में बदलाव जैसे कारक सक्रिय हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन्हीं वैश्विक परिस्थितियों के कारण घरेलू बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
शेयर बाजार में एक साथ कमजोरी और कमोडिटी में बिकवाली यह संकेत देती है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। हालाँकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि लंबी अवधि के निवेशक कीमतों में आई इस गिरावट को संभावित प्रवेश अवसर के रूप में देख सकते हैं।
आगे की दिशा
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले सत्रों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत संकेतों, डॉलर इंडेक्स की चाल और वैश्विक व्यापार तनावों पर निगाह रहेगी। फिलहाल दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है और बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी।