दीपावली पर VMMC और सफदरजंग अस्पताल अलर्ट मोड में: 20 बर्न बेड आरक्षित, डॉक्टरों की छुट्टियाँ रद्द
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में दीपावली 2026 के मद्देनज़र वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल ने पटाखों से होने वाली जलन, आग से जुड़ी आपात स्थितियों और बड़े पैमाने पर घायलों की संभावित आमद से निपटने के लिए व्यापक तैयारी पूरी कर ली है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, त्योहार के तीन दिनों के दौरान किसी भी डॉक्टर को अवकाश नहीं मिलेगा और सभी विभाग चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे।
बर्न यूनिट और वार्ड की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 'बर्न कैजुअल्टी' विभाग को अपग्रेड करके 9 बिस्तरों का कर दिया गया है, जहाँ प्राथमिक उपचार, ड्रेसिंग और आवश्यक दवाओं की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। बर्न वार्ड में 20 बिस्तर विशेष रूप से आरक्षित रखे जाएंगे ताकि मरीजों की अचानक बढ़ती संख्या को तुरंत भर्ती किया जा सके। प्लास्टिक सर्जरी वार्ड में भी अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है।
डॉक्टर और चिकित्सा दल की तैनाती
दीपावली के तीन दिनों के दौरान जूनियर रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और फैकल्टी सहित सभी चिकित्सक ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे। जनरल सर्जरी, नेत्र रोग (ऑप्थल्मोलॉजी), एनेस्थीसिया और ऑर्थोपेडिक्स के विशेषज्ञ भी अतिरिक्त सहायता के लिए तैनात किए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में दीपावली के दौरान दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में पटाखों से घायल मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
लॉजिस्टिक्स और आपातकालीन संसाधन
मरीजों के सुचारू प्रबंधन के लिए अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ, सुरक्षाकर्मी, नर्सिंग अटेंडेंट, ट्रॉली, व्हीलचेयर और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। गौरतलब है कि त्योहारी सीज़न में अस्पताल की क्षमता पर दबाव बढ़ जाता है, इसलिए यह पूर्व-तैयारी महत्वपूर्ण है।
जागरूकता अभियान और सुरक्षा सलाह
अस्पताल की ओर से पटाखों से जुड़ी सुरक्षा, जलने से बचाव और प्राथमिक उपचार के बारे में जनजागरण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है: पटाखों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें; बच्चों के साथ बड़ों की उपस्थिति अनिवार्य रखें; सूती कपड़े पहनें; पास में पानी या अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) रखें। यदि कोई जल जाए, तो प्रभावित हिस्से को तुरंत साफ बहते पानी के नीचे 20 मिनट तक रखें। बर्फ, टूथपेस्ट, तेल या कोई भी घरेलू नुस्खा न लगाएं और तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।
आम जनता पर असर
दिल्ली सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे 'पहले सुरक्षा, फिर मस्ती' के सिद्धांत पर दीपावली मनाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल की यह पूर्व-तैयारी उन परिवारों को राहत देती है जो दुर्घटना की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता की चिंता करते हैं। आने वाले दिनों में अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया और वास्तविक मरीज़ संख्या यह बताएगी कि यह तैयारी कितनी प्रभावी रही।