दीपावली-छठ पर बिहार के सभी सरकारी अस्पताल अलर्ट मोड में, 6 से 17 नवंबर तक स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टी पर रोक
सारांश
मुख्य बातें
बिहार स्वास्थ्य विभाग ने दीपावली और छठ महापर्व के दौरान स्वास्थ्य सेवाएँ अखंडित बनाए रखने के लिए राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। विभाग ने 6 से 17 नवंबर 2026 तक चिकित्सकों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर रोक लगाई है। पटना समेत पूरे राज्य में 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध रहेंगी।
किन संस्थानों को दिशा-निर्देश जारी हुए
स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों, जिला अस्पतालों, अनुमंडलीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं। सामान्य परिस्थितियों में इस पूरी अवधि के दौरान किसी भी स्वास्थ्यकर्मी को छुट्टी स्वीकृत नहीं की जाएगी। अपरिहार्य स्थिति में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
सभी अस्पतालों में ड्यूटी रोस्टर तैयार करना अनिवार्य किया गया है, जिसे आपातकालीन कक्ष और सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करना होगा। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के लिए है कि मरीज़ किसी भी समय सही चिकित्सक तक पहुँच सकें।
दवाएँ, उपकरण और विशेष वार्ड की तैयारी
विभाग ने अस्पतालों को आवश्यक दवाओं, सर्जिकल सामग्री, IV फ्लूड और ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। पटाखों से जलने, चोट लगने और सांस संबंधी आपात स्थितियों के लिए बर्न वार्ड, क्रिटिकल केयर बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब दीपावली के दौरान हर वर्ष पटाखों से जलने के सैकड़ों मामले सामने आते हैं और छठ घाटों पर भीड़ के कारण चोट एवं हृदयाघात की घटनाएँ भी दर्ज होती हैं। गौरतलब है कि बिहार में छठ सबसे बड़े जनसमूह वाले पर्वों में से एक है, जहाँ लाखों श्रद्धालु गंगा और अन्य नदियों के घाटों पर एकत्रित होते हैं।
छठ घाटों पर मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस
छठ महापर्व के दौरान प्रमुख और संवेदनशील घाटों पर मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे, जहाँ चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों की शिफ्टवार तैनाती होगी। सिविल सर्जनों को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
विभाग ने सभी 102 एम्बुलेंस और अन्य एम्बुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखने का आदेश दिया है। प्रत्येक एम्बुलेंस में जीवनरक्षक उपकरण, प्राथमिक उपचार किट और पर्याप्त ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। भीड़भाड़ वाले स्थानों और प्रमुख घाटों पर एम्बुलेंस की विशेष तैनाती होगी।
मिलावट जाँच और अग्नि सुरक्षा
त्योहारी मौसम में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को विशेष जाँच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। मिठाई, खोया, छेना, घी और खाद्य तेल की दुकानों एवं निर्माण इकाइयों की जाँच की जाएगी। मिलावट पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
दीपावली के दौरान आग लगने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल परिसरों में अग्निशामक उपकरणों, फायर अलार्म और निकासी मार्गों की जाँच अनिवार्य की गई है। अस्पताल परिसर में दीये, मोमबत्ती और पटाखों के प्रयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है।
24 घंटे नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में 24 घंटे स्वास्थ्य नियंत्रण कक्ष संचालित करने का निर्देश दिया है। राज्य स्तर पर बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति का नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन नंबर 104 भी निरंतर कार्यरत रहेगा। सभी जिलों से स्वास्थ्य सेवाओं की दैनिक रिपोर्ट मंगाई जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
आने वाले दिनों में विभाग की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना होगी कि ज़मीनी स्तर पर इन निर्देशों का पालन हो और श्रद्धालुओं को किसी चिकित्सा आपात स्थिति में बिना देरी के सहायता मिले।