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क्या पहले चरण के मतदान से पहले बिहार में हाई अलर्ट है? डीजीपी विनय कुमार ने दी सख्त चेतावनी

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क्या पहले चरण के मतदान से पहले बिहार में हाई अलर्ट है? डीजीपी विनय कुमार ने दी सख्त चेतावनी

सारांश

बिहार में पहले चरण के मतदान से पहले प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। डीजीपी विनय कुमार का कहना है कि चुनाव के दौरान कोई भी उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जानें इस संबंध में और क्या कहा गया।

मुख्य बातें

बिहार चुनाव के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा उपाय किए हैं।
डीजीपी विनय कुमार ने हिंसा की सख्त चेतावनी दी है।
चुनाव में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा स्थिति की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम का गठन किया गया है।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों को चिन्हित किया गया है।

पटना, 5 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में पहले चरण के मतदान से एक दिन पूर्व प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। डीजीपी विनय कुमार ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा, उपद्रव या कानून-व्यवस्था को बाधित करने वाले व्यक्तियों को तुरंत प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत गिरफ्तार किया जाएगा।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से कहा कि चुनाव के बाद ऐसे लोगों को बांड पर रिहा किया जाएगा, लेकिन उनके खिलाफ सख्त बांड भरने की शर्तें लागू होंगी।

डीजीपी ने बताया कि स्थिति की निगरानी के लिए एक बड़ा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिससे राज्यभर की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा, "किसी भी अवैध गतिविधि को सहन नहीं किया जाएगा। हमारी टीम 24 घंटे सक्रिय है।"

उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार की रोकथाम कार्रवाई पहले से चल रही है और अब तक 2 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

विनय कुमार ने कहा कि चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। पहले चरण के लिए कुल 1500 अर्धसैनिक बल तीन चरणों में उपलब्ध कराए गए हैं। पिछले 5 से 6 दिनों में अतिरिक्त 150 अर्धसैनिक बल ने भी सहयोग दिया है।

उन्होंने कहा कि डायल 112 पूरी तरह से क्रियाशील रहेगा और सभी अधिकारियों के नंबर सक्रिय रहेंगे ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, शिकायतों के लिए एक बड़ा तंत्र विकसित किया गया है, जहां हर प्रकार की सूचना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाएगी।

डीजीपी ने चेतावनी दी कि गुरुवार को मतदान के दौरान राज्य के हर कोने पर पुलिस की निगरानी रहेगी। कट्टासोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों को चिन्हित किया जा चुका है और उन्हें जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।

उन्होंने आश्वासन दिया कि बिहार का चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न होगा। साथ ही स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति आपराधिक घटना में शामिल होता है या वोटिंग को प्रभावित करने का प्रयास करता है, तो चुनाव के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर डीजीपी ने कहा, "कानून के अनुसार, जहां भी उल्लंघन होता है, तुरंत एफआईआर दर्ज की जाती है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बिहार के चुनावों में प्रशासन का यह प्रयास लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। चुनावी प्रक्रिया में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, जिससे मतदाता स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से अपने मत का प्रयोग कर सकें।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में चुनाव सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए गए हैं?
डीजीपी विनय कुमार के अनुसार, चुनाव के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है और एक बड़ा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो स्थिति पर नजर रखेगा।
क्या चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त की जाएगी?
डीजीपी ने कहा है कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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