क्या दिल्ली धमाके के बाद बिहार में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद हो गई?

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क्या दिल्ली धमाके के बाद बिहार में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद हो गई?

सारांश

दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट ने बिहार में चुनावी माहौल को प्रभावित किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर दिया है। क्या बिहार में सुरक्षा इंतजाम मजबूत होंगे?

मुख्य बातें

दिल्ली में विस्फोट ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।
बिहार में सुरक्षा इंतजाम को चाक-चौबंद किया गया है।
सभी सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय किया गया है।
चुनावी माहौल में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
सामाजिक मीडिया पर अफवाहों की निगरानी की जा रही है।

नई दिल्ली, ११ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के लाल किले के समीप सोमवार को हुए खतरनाक विस्फोट के बाद कई राज्यों ने अपने क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है। लाल किले के नजदीक मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-१ के पास खड़ी एक कार में हुए इस भीषण बम विस्फोट के परिणामस्वरूप चुनावी राज्य बिहार में सुरक्षा के इंतजाम को मजबूत किया गया है।

यह घटना सोमवार की शाम को हुई, जिसमें कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और कई लोग या तो मारे गए या घायल हुए। यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली रही है, विशेषकर बिहार में, जहां विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण आज, ११ नवंबर को होना है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने तत्परता से राज्यव्यापी हाई अलर्ट जारी किया और आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया।

पुलिस उप-महानिरीक्षक, एटीएस बिहार द्वारा जारी किए गए थ्रेट एडवाइजरी में सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और रेलवे पुलिस को इस निर्देश के साथ सतर्कता बरतने को कहा गया है कि चुनावी माहौल में किसी भी संभावित खतरे को रोका जाए।

इस एडवाइजरी में १० प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, जिसमें धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, भीड़भाड़ वाले बाजारों, रेलवे-मेट्रो स्टेशनों, बड़े प्रशासनिक भवनों और सैन्य छावनियों पर सघन चेकिंग, पुलिस गश्त में वृद्धि, सीसीटीवी की २४ घंटे मॉनिटरिंग, बस अड्डों, मॉलों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष अभियान चलाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकपॉइंट को मजबूत करने, संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों या परित्यक्त वस्तुओं पर त्वरित कार्रवाई शामिल है।

इसके अतिरिक्त, सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय, शांति समितियों और व्हाट्सएप ग्रुपों को सक्रिय करना, आसूचना संकलन और साझा करना, और सोशल मीडिया पर अफवाहों की निगरानी करना और उन्हें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना भी शामिल है।

राजधानी पटना में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से मुस्तैद हैं। पटना जंक्शन पर एटीएस, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमों ने सघन तलाशी अभियान आरंभ कर दिया है। यात्रियों के सामान की जांच के लिए डॉग स्क्वाड और बम डिफ्यूज स्क्वाड तैनात किए गए हैं। हर आने-जाने वाले यात्री की बॉडी चेकिंग की जा रही है और संदिग्धों से गहन पूछताछ की जा रही है। स्टेशन परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसी तरह मीठापुर बस स्टैंड, गांधी मैदान, बोरिंग रोड चौराहा और प्रमुख बाजारों में चेकिंग तेज़ी से चल रही है।

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को धार्मिक स्थलों, मॉलों, सिनेमाघरों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा कड़ी करने के आदेश दिए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में विस्फोट कब हुआ?
दिल्ली में विस्फोट ११ नवंबर को हुआ था।
बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को क्यों बढ़ाया गया?
बिहार में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है।
एटीएस का क्या रोल है?
एटीएस आतंकवाद निरोधक कार्यों में सक्रिय रहती है और इस घटना के बाद अधिक सक्रिय हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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