बिहार में होली पर्व के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, शांतिपूर्ण त्योहार की तैयारी

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बिहार में होली पर्व के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, शांतिपूर्ण त्योहार की तैयारी

सारांश

पटना में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में होली पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों के अधिकारियों को सुरक्षा सुनिश्चित करने और शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के लिए कहा गया है।

Key Takeaways

  • बिहार में होली पर्व ३ और ४ मार्च को मनाया जाएगा।
  • सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं।
  • डीजे बजाने पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
  • आवश्यक सेवाएं 'एक्टिव मोड' में रहेंगी।
  • शांति समिति की बैठकें अनिवार्य करें।

पटना, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में मंगलवार को होली पर्व के अवसर पर राज्य में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने भाग लिया।

इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य आगामी होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाना है। बैठक में पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने सुरक्षा के सख्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीजे बजाने पर कड़ी निगरानी रखी जाए और नियमों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।

पुलिस महानिदेशक ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की विस्तृत ब्रीफिंग करें, ताकि वे अपनी ड्यूटी को मुस्तैदी और सही तरीके से निभा सकें।

डीजीपी ने यह भी निर्देश दिया कि दंगा नियंत्रण दस्ता २४ घंटे 'रेडी मोड' में रखा जाए। इसके साथ ही, संवेदनशील स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाने के लिए विशेष चेकिंग दल का गठन किया जाए। आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए 'डायल 112' और जिला समन्वय केंद्रों को पूरी तरह सक्रिय रखने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अस्पतालों और फायर ब्रिगेड को भी 'एक्टिव मोड' में रहने का निर्देश दिया गया।

अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) पंकज दराद ने कहा कि राज्य में होली का पर्व ३ और ४ मार्च को मनाया जाएगा। उन्होंने पिछले वर्ष होली के दौरान हुई लगभग २० सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं का उल्लेख करते हुए संबंधित जिलों को विशेष रूप से सतर्क रहने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित करें।

Point of View

जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है। विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों से यह उम्मीद की जा सकती है कि होली पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाएगा।
NationPress
25/02/2026

Frequently Asked Questions

बिहार में होली कब मनाई जाएगी?
बिहार में होली पर्व ३ और ४ मार्च को मनाई जाएगी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बैठक का मुख्य उद्देश्य होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाना था।
सुरक्षा को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
डीजे बजाने पर कड़ी निगरानी रखने और नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
कौन-कौन से अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए?
इस बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
शांति समिति की बैठकें क्यों आयोजित की जाएंगी?
शांति समिति की बैठकें स्थानीय स्तर पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए अनिवार्य हैं।
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