नवीन पटनायक का बड़ा फैसला: बाढ़ पीड़ितों से एकजुटता में बीजेडी नहीं मनाएगी दीपावली
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (बीजेडी) के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने 7 नवंबर 2026 को ऐलान किया कि वे इस वर्ष दीपावली नहीं मनाएंगे। यह निर्णय ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में चक्रवात 'अर्नब' के कारण आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से पीड़ित लाखों लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए लिया गया है। पटनायक इस समय गंजाम जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का सीधा दौरा कर रहे हैं।
बाढ़ और भूस्खलन की तबाही
चक्रवात 'अर्नब' की वजह से गंजाम और गजपति जिलों में भारी वर्षा और बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। कंधमाल जिले में भूस्खलन के बाद कई लोग अभी भी लापता हैं और बचाव अभियान के दौरान मलबे में दबे लोगों का पूरी तरह पता नहीं चल पाया है। पटनायक ने कहा कि प्रभावित परिवार इस आपदा के बाद की विकट परिस्थितियों से उबरने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सरकार की राहत राशि
ओडिशा सरकार ने चक्रवात 'अर्नब' से प्रभावित परिवारों को सहायता देने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से ₹107.70 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की है। यह अनुग्रह सहायता गंजम और कोरापुट जिलों के प्रभावित परिवारों को सीधे नकद हस्तांतरण के रूप में दी जाएगी।
सरकारी आदेश के अनुसार, गंजम जिले के लिए ₹107 करोड़ 44 लाख 55 हजार और कोरापुट जिले के लिए ₹26 लाख 27 हजार 500 स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि संबंधित जिलों के कलेक्टरों को उपलब्ध करा दी गई है।
प्रति परिवार सहायता राशि का ब्यौरा
राहत पैकेज के तहत गंजम जिले के 4,29,782 प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार ₹2,500 की अनुग्रह राशि दी जाएगी। कोरापुट जिले के 1,051 प्रभावित परिवारों को भी प्रति परिवार ₹2,500 की सहायता मिलेगी। गौरतलब है कि यह सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।
बीजेडी का सरकार पर हमला
बीजेडी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि चक्रवात 'अर्नब' के बाद गंजाम में आई बाढ़ के लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है। पार्टी का कहना है कि गंजाम, कंधमाल और गजपति जिलों में लाखों लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और उन्हें अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आपदा प्रबंधन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।
आगे क्या होगा
नवीन पटनायक का बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा जारी है और वे प्रभावित लोगों से सीधे बातचीत कर रहे हैं। बचाव एवं राहत कार्य अभी भी जारी हैं, विशेषकर कंधमाल में जहाँ लापता लोगों की तलाश चल रही है। राहत राशि वितरण की निगरानी जिला कलेक्टरों को सौंपी गई है और उम्मीद है कि जल्द ही प्रभावित परिवारों तक यह सहायता पहुँचेगी।