7 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नवीन पटनायक का बड़ा फैसला: बाढ़ पीड़ितों से एकजुटता में बीजेडी नहीं मनाएगी दीपावली

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नवीन पटनायक का बड़ा फैसला: बाढ़ पीड़ितों से एकजुटता में बीजेडी नहीं मनाएगी दीपावली

सारांश

दीपावली की रोशनी इस बार बीजेडी के घर नहीं जलेगी। नवीन पटनायक ने चक्रवात 'अर्नब' की बाढ़ से तबाह गंजाम, गजपति और कंधमाल के पीड़ितों के साथ खड़े रहने का प्रतीकात्मक संदेश दिया है — वहीं सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए राहत की निगरानी की माँग भी उठाई है।

मुख्य बातें

बीजेडी अध्यक्ष नवीन पटनायक ने 7 नवंबर 2026 को दीपावली न मनाने का ऐलान किया।
यह फैसला चक्रवात 'अर्नब' से प्रभावित गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों के बाढ़ पीड़ितों से एकजुटता के लिए है।
कंधमाल में भूस्खलन के बाद कई लोग अभी भी लापता हैं, बचाव अभियान जारी है।
ओडिशा सरकार ने एसडीआरएफ से ₹107.70 करोड़ से अधिक की राहत राशि मंजूर की है।
गंजाम के 4,29,782 और कोरापुट के 1,051 प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार ₹2,500 अनुग्रह सहायता मिलेगी।
बीजेडी ने बाढ़ के लिए राज्य सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

बीजू जनता दल (बीजेडी) के अध्यक्ष और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने 7 नवंबर 2026 को ऐलान किया कि वे इस वर्ष दीपावली नहीं मनाएंगे। यह निर्णय ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में चक्रवात 'अर्नब' के कारण आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से पीड़ित लाखों लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए लिया गया है। पटनायक इस समय गंजाम जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का सीधा दौरा कर रहे हैं।

बाढ़ और भूस्खलन की तबाही

चक्रवात 'अर्नब' की वजह से गंजाम और गजपति जिलों में भारी वर्षा और बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। कंधमाल जिले में भूस्खलन के बाद कई लोग अभी भी लापता हैं और बचाव अभियान के दौरान मलबे में दबे लोगों का पूरी तरह पता नहीं चल पाया है। पटनायक ने कहा कि प्रभावित परिवार इस आपदा के बाद की विकट परिस्थितियों से उबरने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

सरकार की राहत राशि

ओडिशा सरकार ने चक्रवात 'अर्नब' से प्रभावित परिवारों को सहायता देने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से ₹107.70 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की है। यह अनुग्रह सहायता गंजम और कोरापुट जिलों के प्रभावित परिवारों को सीधे नकद हस्तांतरण के रूप में दी जाएगी।

सरकारी आदेश के अनुसार, गंजम जिले के लिए ₹107 करोड़ 44 लाख 55 हजार और कोरापुट जिले के लिए ₹26 लाख 27 हजार 500 स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि संबंधित जिलों के कलेक्टरों को उपलब्ध करा दी गई है।

प्रति परिवार सहायता राशि का ब्यौरा

राहत पैकेज के तहत गंजम जिले के 4,29,782 प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार ₹2,500 की अनुग्रह राशि दी जाएगी। कोरापुट जिले के 1,051 प्रभावित परिवारों को भी प्रति परिवार ₹2,500 की सहायता मिलेगी। गौरतलब है कि यह सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।

बीजेडी का सरकार पर हमला

बीजेडी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि चक्रवात 'अर्नब' के बाद गंजाम में आई बाढ़ के लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है। पार्टी का कहना है कि गंजाम, कंधमाल और गजपति जिलों में लाखों लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और उन्हें अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आपदा प्रबंधन को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।

आगे क्या होगा

नवीन पटनायक का बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा जारी है और वे प्रभावित लोगों से सीधे बातचीत कर रहे हैं। बचाव एवं राहत कार्य अभी भी जारी हैं, विशेषकर कंधमाल में जहाँ लापता लोगों की तलाश चल रही है। राहत राशि वितरण की निगरानी जिला कलेक्टरों को सौंपी गई है और उम्मीद है कि जल्द ही प्रभावित परिवारों तक यह सहायता पहुँचेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 की सहायता उन लाखों परिवारों की तात्कालिक जरूरतों के लिए पर्याप्त है जो बाढ़ और भूस्खलन की दोहरी मार झेल रहे हैं। बीजेडी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा रही है, जबकि वह खुद डेढ़ दशक तक ओडिशा में सत्ता में रही — यह विरोधाभास आलोचकों की नज़र से नहीं चूका है। कंधमाल में अभी भी लापता लोगों की तलाश जारी है और जब तक सभी प्रभावित लोगों तक राहत नहीं पहुँचती, तब तक प्रतीकात्मक एकजुटता के साथ-साथ जवाबदेही की भी उतनी ही ज़रूरत है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नवीन पटनायक ने दीपावली क्यों नहीं मनाने का फैसला किया?
नवीन पटनायक ने चक्रवात 'अर्नब' से ओडिशा के गंजाम, गजपति और कंधमाल जिलों में आई बाढ़ और भूस्खलन से पीड़ित लोगों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए यह फैसला किया। उनका कहना है कि जब तक प्रभावित परिवार इस आपदा से उबर नहीं लेते, उत्सव मनाना उचित नहीं होगा।
चक्रवात 'अर्नब' से ओडिशा के किन जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ?
चक्रवात 'अर्नब' से गंजाम, गजपति और कंधमाल जिले सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। गंजाम और गजपति में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जबकि कंधमाल में भूस्खलन के बाद कई लोग अभी भी लापता हैं।
ओडिशा सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को कितनी राहत राशि दी है?
ओडिशा सरकार ने एसडीआरएफ से ₹107.70 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की है। गंजाम के 4,29,782 परिवारों और कोरापुट के 1,051 परिवारों को प्रति परिवार ₹2,500 की अनुग्रह सहायता दी जाएगी।
बीजेडी ने ओडिशा सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
बीजेडी ने आरोप लगाया है कि चक्रवात 'अर्नब' के बाद गंजाम जिले में आई बाढ़ के लिए राज्य सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है। पार्टी का कहना है कि लाखों लोग गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं और सरकार की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं रही।
नवीन पटनायक अभी कहाँ हैं और क्या कर रहे हैं?
नवीन पटनायक इस समय गंजाम जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। वे आपदा से हुए नुकसान का प्रत्यक्ष जायजा लेने और पीड़ित लोगों से सीधी बातचीत करने के लिए वहाँ मौजूद हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 1 सप्ताह पहले