ओडिशा के गंजाम में भूस्खलन: गिदिपाबली गांव में 12 लापता, एक शव बरामद, बचाव अभियान जारी
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात 'अर्नब' की अप्रत्याशित बारिश के चलते 28 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के गंजाम जिले के गिदिपाबली गांव में आए भीषण भूस्खलन के बाद 12 लोग अभी भी लापता हैं, जबकि मलबे से अब तक एक व्यक्ति का शव बरामद किया जा चुका है। बहु-एजेंसी बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मीडिया को बताया कि गिदिपाबली की कुल आबादी 25 थी। भूस्खलन से बचकर जंगल से पैदल राहत केंद्र तक पहुँचे लोगों ने प्रशासन को यह जानकारी दी। उनके अनुसार इनमें से केवल 13 लोग ही राहत शिविर तक पहुँच सके, जिससे 12 लोगों के लापता होने की पुष्टि होती है।
पुजारी ने कहा कि लापता लोग कंधमाल की ओर, जंगल से होकर नालों और जल निकासी प्रणालियों को पार करते हुए गंजाम की ओर, या किसी अन्य दिशा में गए — इसकी जाँच की जा रही है।
बचाव दल और तकनीकी संसाधन
जिला कलेक्टर और सब-कलेक्टर की देखरेख में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) के जवान इलाके में तैनात हैं। भारतीय रेलवे ने भी गंजाम-कंधमाल सीमा पर भंजनगर में हुए भूस्खलन के मलबे को हटाने के लिए विशेष जनशक्ति और भारी उपकरण तैनात किए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, भारतीय नौसेना की अत्याधुनिक तकनीक — जो विशेष सेंसर और स्कैनिंग क्षमताओं से लैस है — मिट्टी, कीचड़ और मलबे के नीचे जीवन के संकेतों का पता लगाने में सहायता कर रही है।
आपदा का व्यापक असर
चक्रवात और उसके बाद आई बाढ़ से गंजाम और कंधमाल जिले सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार इस आपदा से कुल 1,18,730 लोग प्रभावित हुए हैं। कंधमाल जिले में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 75,855 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है और 396 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, 807 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया, जिनमें से 399 ने शिशुओं को जन्म दिया है।
कृषि क्षेत्र को भी गहरा नुकसान हुआ है — 75,388 हेक्टेयर में फैली फसल प्रभावित हुई है और 1,672 घरों को क्षति पहुँची है।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में जनजीवन को सामान्य करने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। मंत्री पुजारी ने कहा कि बचाव और राहत कार्यों की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से कर रहे हैं।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि राज्य प्रशासन आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहे एक नए चक्रवाती तूफान पर भी कड़ी नज़र रख रहा है, जो ओडिशा के तटीय जिलों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। बचाव अभियान तब तक जारी रहने की उम्मीद है जब तक लापता सभी 12 लोगों का पता नहीं चल जाता।