30 अक्टूबर 2026
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चक्रवात 'अर्नब': तटरक्षक बल ने ALH हेलीकॉप्टर से 6 लोगों को बाढ़ से निकाला, गंजाम में राहत

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चक्रवात 'अर्नब': तटरक्षक बल ने ALH हेलीकॉप्टर से 6 लोगों को बाढ़ से निकाला, गंजाम में राहत

सारांश

चक्रवात 'अर्नब' ने ओडिशा के गंजाम को बाढ़ में डुबो दिया — लेकिन भारतीय तटरक्षक बल का ALH MK-3 हेलीकॉप्टर एक जलमग्न स्वास्थ्य केंद्र के ऊपर मँडराया और दो महिलाओं, दो बच्चों समेत 6 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लाया। खराब मौसम और हर सेकंड की अहमियत — यह अभियान तटरक्षक बल की तैयारी की असली परीक्षा था।

मुख्य बातें

भारतीय तटरक्षक बल ने 29 अक्टूबर 2026 को चक्रवात 'अर्नब' के दौरान ओडिशा के गंजाम जिले में हवाई बचाव अभियान चलाया।
बाढ़ से घिरे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से 6 लोगों को बचाया गया — जिनमें दो महिलाएँ, दो बच्चे और एक बुजुर्ग शामिल थे।
बचाव के लिए भुवनेश्वर स्थित हवाई केंद्र से ALH MK-3 हेलीकॉप्टर तैनात किया गया।
सभी को धाराकोट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया।
तटरक्षक बल के पूर्वोत्तर क्षेत्रीय मुख्यालय के समस्त हवाई-समुद्री संसाधन हाई अलर्ट पर हैं।
इसी महीने पारादीप तट के पास 'सारेक्स-2026' बचाव अभ्यास आयोजित किया गया था।

भारतीय तटरक्षक बल ने 29 अक्टूबर 2026 को चक्रवात 'अर्नब' के कहर के बीच ओडिशा के गंजाम जिले में एक जटिल हवाई बचाव अभियान चलाकर 6 लोगों की जान बचाई — जिनमें दो महिलाएँ, दो बच्चे और एक बुजुर्ग शामिल थे। सभी को एक बाढ़ से घिरे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर की सहायता से सुरक्षित निकाला गया।

बचाव अभियान का घटनाक्रम

तटरक्षक बल के अनुसार, 29 अक्टूबर को गंजाम जिला प्रशासन ने संकट की सूचना दी कि एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कुछ लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। इसके तत्काल बाद भुवनेश्वर स्थित तटरक्षक बल के हवाई केंद्र से उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर (ALH MK-3) को एक्शन में लाया गया और बचाव दल को रवाना किया गया।

खराब मौसम और तेज़ हवाओं के बावजूद हेलीकॉप्टर के चालक दल ने बाढ़ग्रस्त इलाके में स्थित स्वास्थ्य केंद्र का पता लगाया। वहाँ हेलीकॉप्टर को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के ऊपर सावधानीपूर्वक स्थिर रखा गया।

कैसे हुआ बचाव

बचाव दल ने विशेष उपकरणों की सहायता से फँसे हुए 6 लोगों को एक-एक करके हेलीकॉप्टर में सुरक्षित चढ़ाया। इसके बाद सभी को धाराकोट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार शुरू किया गया।

गौरतलब है कि इस तरह के हवाई बचाव अभियान में हर सेकंड की अहमियत होती है — विशेषकर जब भूमि मार्ग बाढ़ के कारण अवरुद्ध हो जाते हैं। तटरक्षक बल के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान चक्रवाती परिस्थितियों में हवाई बचाव की तैयारी और कुशलता का उदाहरण है।

हाई अलर्ट पर संसाधन

चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव को देखते हुए भारतीय तटरक्षक बल के पूर्वोत्तर क्षेत्रीय मुख्यालय ने अपने समस्त हवाई और समुद्री संसाधनों को हाई अलर्ट पर रखा है। बल के विमान लगातार निगरानी, आपातकालीन निकासी और बाढ़ से अलग-थलग पड़े लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए तैनात हैं।

सारेक्स-2026 अभ्यास से मिली तैयारी

यह ऐसे समय में आया है जब तटरक्षक बल ने इसी महीने ओडिशा के पारादीप तट के पास 'सारेक्स-2026' राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास आयोजित किया था। इस व्यापक अभ्यास में शिप, विमान, लाइट हेलीकॉप्टर और चेतक हेलीकॉप्टर तैनात किए गए थे। इसे इस बार एक बड़े और जटिल समुद्री बचाव अभ्यास के रूप में संचालित किया गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि इसी तरह के पूर्व अभ्यासों की वजह से बल वास्तविक आपदाओं में त्वरित और कुशल प्रतिक्रिया दे पाता है। गंजाम में किया गया यह बचाव अभियान उसी तैयारी का व्यावहारिक प्रमाण है।

आगे की राह

चक्रवात 'अर्नब' के ओडिशा तट पर बने रहने की आशंका के मद्देनज़र तटरक्षक बल के अभियान जारी रहने की उम्मीद है। बल की हवाई और समुद्री टीमें तटीय क्षेत्रों में फँसे लोगों की मदद के लिए सतर्क हैं और स्थिति पर नज़र बनाए हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारत की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली की असली परीक्षा है। गंजाम जैसे तटीय जिलों में जहाँ भूमि मार्ग घंटों में बाढ़ से कट जाते हैं, वहाँ हवाई क्षमता ही एकमात्र जीवन-रेखा होती है। यह ऐसे समय में आया जब 'सारेक्स-2026' अभ्यास की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी — जो दर्शाता है कि पूर्व तैयारी और वास्तविक तैनाती के बीच का अंतर तेज़ी से पाटा जा रहा है। तथापि, सवाल यह भी है कि ओडिशा के आंतरिक बाढ़ग्रस्त इलाकों में जहाँ तटरक्षक बल की पहुँच सीमित है, वहाँ नागरिक प्रशासन की क्षमता उतनी ही सुदृढ़ है या नहीं।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'अर्नब' के दौरान तटरक्षक बल ने क्या किया?
भारतीय तटरक्षक बल ने 29 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के गंजाम जिले में ALH MK-3 हेलीकॉप्टर की सहायता से एक बाढ़ से घिरे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से 6 लोगों को सुरक्षित निकाला। बचाए गए लोगों में दो महिलाएँ, दो बच्चे और एक बुजुर्ग शामिल थे।
बचाए गए लोगों को कहाँ पहुँचाया गया?
सभी 6 लोगों को हेलीकॉप्टर से धाराकोट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार किया गया।
तटरक्षक बल को बचाव की सूचना कैसे मिली?
तटरक्षक बल के अनुसार, 29 अक्टूबर को गंजाम जिला प्रशासन ने संकट की सूचना दी कि एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। इसके तुरंत बाद भुवनेश्वर के हवाई केंद्र से ALH MK-3 हेलीकॉप्टर रवाना किया गया।
सारेक्स-2026 अभ्यास क्या था और इससे क्या मदद मिली?
सारेक्स-2026 इसी महीने ओडिशा के पारादीप तट के पास आयोजित एक बड़ा और जटिल राष्ट्रीय समुद्री खोज एवं बचाव अभ्यास था, जिसमें शिप, विमान, लाइट हेलीकॉप्टर और चेतक हेलीकॉप्टर शामिल थे। इस तरह के अभ्यासों से बल को वास्तविक आपदाओं में त्वरित प्रतिक्रिया देने में मदद मिलती है।
चक्रवात 'अर्नब' के मद्देनज़र तटरक्षक बल की आगे की तैयारी क्या है?
पूर्वोत्तर क्षेत्रीय मुख्यालय ने अपने समस्त हवाई और समुद्री संसाधनों को हाई अलर्ट पर रखा है। बल के विमान लगातार निगरानी, आपातकालीन निकासी और अलग-थलग पड़े लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए तैनात हैं।
राष्ट्र प्रेस
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