अजमतुल्लाह ओमरजाई का 50 गेंदों में 116 रन का रिकॉर्ड शतक, पोलार्ड-शनाका-स्टब्स के छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा
सारांश
मुख्य बातें
अजमतुल्लाह ओमरजाई ने 30 अक्टूबर 2026 को शारजाह में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच में 50 गेंदों पर 5 चौकों और 12 छक्कों की मदद से 116 रन की तूफानी पारी खेली और अफगानिस्तान को 19 रन से जीत दिलाते हुए सीरीज भी अपने नाम कराई। इस पारी के साथ ओमरजाई ने टी20 इंटरनेशनल इतिहास में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।
संकट में उतरे, इतिहास रच गए
पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान की टीम महज 5 रन पर 4 विकेट गंवाकर गहरे संकट में आ गई थी। ऐसे विपरीत हालात में छठे नंबर पर उतरे ओमरजाई ने पूरी तस्वीर पलट दी। उन्होंने सातवें विकेट के लिए एजाज अहमदजाई के साथ मिलकर 59 गेंदों पर 142 रन की विस्फोटक साझेदारी की। अहमदजाई ने भी 27 गेंदों पर 52 रन की पारी खेली। इस जुझारू बल्लेबाजी की बदौलत अफगानिस्तान ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 221 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड — छठे नंबर पर शतक और छक्कों की बरसात
ओमरजाई फुल मेंबर टीमों के टी20 इंटरनेशनल इतिहास में पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने छठे या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया। इससे पहले यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के सैम बिलिंग्स के नाम था, जिन्होंने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ बेसेटेरे के वार्नर पार्क मैदान पर 87 रन की पारी खेली थी। ओमरजाई ने उस अर्द्धशतकीय रिकॉर्ड को भी शतक में बदल दिया।
इसके अलावा 12 छक्कों की बदौलत ओमरजाई ने एक और अनोखी उपलब्धि हासिल की। वे फुल मेंबर टीम के इतिहास में पहले बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में छठे या उससे नीचे के क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए एक पारी में 10 या अधिक छक्के लगाए। इससे पहले यह संयुक्त रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के कीरोन पोलार्ड, श्रीलंका के दासुन शनाका और दक्षिण अफ्रीका के ट्रिस्टन स्टब्स के नाम था, जिन्होंने प्रत्येक ने ऐसे क्रम पर एक पारी में 8 छक्के लगाए थे।
जिम्बाब्वे का प्रतिरोध नाकाफी
जवाब में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने 56 गेंदों पर नाबाद 106 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन उनका यह प्रयास एकाकी रहा। पूरी टीम 20 ओवर में 5 विकेट पर 202 रन ही बना सकी और अफगानिस्तान ने मैच 19 रन से जीतकर सीरीज अपने नाम की।
अफगानिस्तान क्रिकेट का बढ़ता कद
गौरतलब है कि अफगानिस्तान क्रिकेट पिछले कुछ वर्षों में लगातार नई ऊंचाइयाँ छू रहा है। ओमरजाई जैसे ऑलराउंडर इस उभरती टीम की धुरी बनते जा रहे हैं — कभी गेंद से, कभी बल्ले से। यह पारी उस यात्रा का एक और मील का पत्थर है और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में अफगानिस्तान को दावेदारों की सूची में और ऊपर रखेगी।