मणिपुर: चार दिन बाद मिले लापता दो कुकी युवकों के शव, नागा उग्रवादियों पर संदेह
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और असम राइफल्स की संयुक्त टीमों द्वारा चलाए गए गहन तलाशी अभियान के बाद 1 नवंबर 2026 को वे दो कुकी युवक मृत पाए गए, जो 28 अक्टूबर को कांगपोकपी जिले के ताफौ कुकी गाँव से कथित तौर पर अगवा किए जाने के बाद से लापता थे। दोनों की पहचान टिंगिनलुन चोंगलोई (21) और पाओगिनलाल हैंगशिंग (20) के रूप में हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इलाके में तलाशी अभियान जारी है।
तलाशी अभियान और शवों की बरामदगी
दोनों युवकों के लापता होने की सूचना मिलते ही मणिपुर पुलिस ने CRPF, कोबरा (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और असम राइफल्स के साथ मिलकर कई तलाशी दल गठित किए। रविवार, 1 नवंबर को एसपी रोड के किनारे इंफाल-दिमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-2) के पूर्वी क्षेत्र में व्यापक छानबीन के दौरान दोनों शव बरामद किए गए।
मणिपुर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शवों की बरामदगी के बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएँ और प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के उद्देश्य से इलाके में तलाशी एवं छानबीन अभियान जारी रहेगा।
बंद और सामाजिक तनाव
कंगपोकपी जिले में जनजातीय एकता समिति (COTU) ने दोनों युवकों के कथित अपहरण के विरोध में 48 घंटे के बंद का आह्वान किया था। यह बंद गुरुवार शाम 5 बजे शुरू हुआ, जिसके चलते शनिवार शाम तक इंफाल-दिमापुर NH-2 पर यातायात बाधित रहा। बंद के दौरान दुकानें, बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
COTU ने आरोप लगाया था कि दोनों कुकी युवकों का अपहरण कथित तौर पर 'नागा उग्रवादियों' ने किया था। हालाँकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जाँच जारी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मणिपुर के उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने इससे पहले संबंधित अधिकारियों से युवकों का पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आग्रह किया था। एक पूर्व बयान में उन्होंने ताफौ कुकी गाँव के पास से दोनों युवकों के कथित अपहरण की कड़ी निंदा करते हुए सुरक्षा बलों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मणिपुर में जातीय तनाव की पृष्ठभूमि में हिंसक घटनाएँ थमी नहीं हैं। गौरतलब है कि मई 2023 से जारी कुकी-मैतेई संघर्ष के बीच कांगपोकपी और आसपास के जिलों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है, फिर भी कथित अपहरण और हिंसा की छिटपुट वारदातें रुकी नहीं हैं।
शवों की बरामदगी के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियाँ आरोपियों की पहचान के लिए साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।