मणिपुर के कामजोंग में उग्रवादी हमला: कुकी महिला हटनेमकिम हाओकिप की मौत, दो नागरिक लापता
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर के कामजोंग जिले में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 की शाम संदिग्ध उग्रवादियों ने मोटरसाइकिल सवार नागरिकों पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें हटनेमकिम हाओकिप नामक एक अधेड़ उम्र की कुकी आदिवासी महिला की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य नागरिक अभी भी लापता हैं। पुलिस ने ग्रामीणों के हवाले से यह जानकारी दी और तलाशी अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया।
हमले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, फाइकोह और मोलवैलुप के बीच के रास्ते पर चार नागरिक आवश्यक सामान खरीदने के लिए फाइकोह जा रहे थे, तभी संदिग्ध उग्रवादियों ने उन पर हमला बोल दिया। पुलिस अधिकारी के बयान के अनुसार, हमले में हटनेमकिम हाओकिप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति बाल-बाल बच निकले। दो अन्य नागरिकों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
तलाशी एवं राहत अभियान
सुरक्षाकर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से लापता व्यक्तियों की खोज के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। कामजोंग जिला मणिपुर के उन सुदूर इलाकों में से एक है जहाँ दूरदराज की पहाड़ी भौगोलिक स्थिति के कारण त्वरित प्रतिक्रिया अक्सर चुनौतीपूर्ण रहती है।
कुकी इनपी मणिपुर की कड़ी निंदा
कुकी इनपी मणिपुर (KIM) सहित कई संगठनों ने इस हत्या की कड़ी निंदा की है। KIM के सूचना एवं प्रचार सचिव जांघाओलन हाओकिप ने इस हमले का आरोप नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (इसाक-मुइवा) पर लगाया। उन्होंने कहा कि इस संगठन ने बार-बार निहत्थे नागरिकों — विशेषकर महिलाओं और बच्चों — को निशाना बनाया है।
जांघाओलन हाओकिप ने इस घटना को 'मानवीय सिद्धांतों का घोर उल्लंघन' बताते हुए कहा कि कमज़ोर नागरिकों और ग्रामीणों पर कथित हमले अस्वीकार्य हैं और इनकी कड़ी भर्त्सना होनी चाहिए।
सरकार पर जवाबदेही की माँग
KIM ने राज्य और केंद्र सरकारों को कानून-व्यवस्था के चरमराने के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराया, यह आरोप लगाते हुए कि प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते विद्रोही समूह निर्बाध रूप से काम कर रहे हैं। जांघाओलन हाओकिप ने माँग की कि हत्या के दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तत्काल व्यापक सुरक्षा अभियान चलाया जाए और दोनों लापता नागरिकों का शीघ्र पता लगाया जाए।
KIM ने चेतावनी दी कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जन अशांति और क्षेत्रीय तनाव में और वृद्धि हो सकती है। संगठन ने हटनेमकिम हाओकिप के शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मणिपुर में मई 2023 से चली आ रही जातीय हिंसा के बीच कुकी और मैतेई समुदायों के बीच तनाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। गौरतलब है कि कामजोंग और आसपास के सीमावर्ती जिले पहले भी उग्रवादी गतिविधियों के लिहाज़ से संवेदनशील माने जाते रहे हैं। लापता नागरिकों के मिलने और जाँच की दिशा तय होने के साथ ही स्थिति की अगली तस्वीर सामने आएगी।