7 नवंबर 2026
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अयोध्या दीपोत्सव 2026: मालिनी अवस्थी बोलीं — 'राम कथा हमेशा नई है, 30 लाख दीये जलेंगे'

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अयोध्या दीपोत्सव 2026: मालिनी अवस्थी बोलीं — 'राम कथा हमेशा नई है, 30 लाख दीये जलेंगे'

सारांश

अयोध्या के 10वें दीपोत्सव में इस बार 30 लाख दीये और 2,500 कलाकार — गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा, राम कथा हर बार नई लगती है। रूस समेत कई देशों की रामलीला और युवाओं की उमड़ती भीड़ बता रही है कि श्रीराम के आदर्श सीमाओं से परे हैं।

मुख्य बातें

अयोध्या दीपोत्सव 2026 का 10वाँ संस्करण 7 नवंबर 2026 को आयोजित हो रहा है।
इस बार 5 लाख से बढ़कर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है।
विभिन्न देशों और राज्यों से लगभग 2,500 कलाकार 12 मंचों पर प्रस्तुति देंगे।
गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा — राम कथा हमेशा नई है , रूस की रामलीला देखकर भी यही अनुभव हुआ।
उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटी दीपावली पर विश्वभर की रामलीलाओं के मंचन की परंपरा शुरू की है।

अयोध्या में आयोजित 10वें दीपोत्सव 2026 के दौरान प्रसिद्ध लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि रामलीला एक ऐसी कथा है जो हर बार देखने पर बिल्कुल नई लगती है। 7 नवंबर 2026 को अयोध्या में हो रहे इस भव्य आयोजन में देश-विदेश के करीब 2,500 कलाकार 12 मंचों पर अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे।

मालिनी अवस्थी का उद्गार

गायिका मालिनी अवस्थी ने बातचीत में कहा, 'अयोध्या तो हम सभी के हृदय में बसा है। हम तो यहाँ रहे भी हैं और प्रतिवर्ष दीपोत्सव में आते हैं।' उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि जहाँ पहले 5 लाख दीये जलाए जाते थे, वहाँ अब 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने आगे जोड़ा, 'प्रभु श्रीराम की अयोध्या वापसी ही दीपोत्सव है और जब इस पर्व पर पूरा परिवार एक होता है, तो यह और भी अच्छा लगता है।' अवस्थी ने यह भी उल्लेख किया कि आज अयोध्या आने वाली फ्लाइट में अधिकतर युवा यात्री थे, जो उनके अनुसार प्रभु श्रीराम के प्रति नई पीढ़ी की बढ़ती श्रद्धा को दर्शाता है।

वैश्विक रामलीला और सांस्कृतिक विविधता

इस वर्ष के दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटी दीपावली के अवसर पर विश्वभर की रामलीलाओं का मंचन करने की परंपरा आरंभ की है। मालिनी अवस्थी ने बताया कि उन्होंने अयोध्या में रूस की रामलीला भी देखी है, जो इस बात का प्रमाण है कि प्रभु श्रीराम के आदर्श हर भाषा और संस्कृति में समाहित हो चुके हैं।

उन्होंने कहा, 'यह कहीं न कहीं दिखाता है कि प्रभु श्रीराम के आदर्श हर भाषा और संस्कृति में अपनाए गए हैं।' गायिका के अनुसार राम कथा का सार — एक आदर्श पुत्र, पति, राजा और योद्धा का चरित्र — आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना सदियों पहले था।

आयोजन का स्वरूप

इस वर्ष के 10वें दीपोत्सव में 6 छोटे, 4 मध्यम और 2 बड़े — कुल 12 मंचों पर विभिन्न देशों और राज्यों से आए लगभग 2,500 कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देंगे। अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद यह पहला दीपोत्सव है, जिससे इस उत्सव का महत्व और बढ़ गया है।

आम जनता पर असर

मालिनी अवस्थी ने युवाओं में बढ़ती धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता को रेखांकित किया। उनके अनुसार 'जेन-जी' पीढ़ी भी प्रभु श्रीराम की ओर आकर्षित हो रही है, जो भारत की सांस्कृतिक पहचान की निरंतरता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राम कथा पर आधारित एक नई फिल्म भी हाल ही में आई है, जो इस रुझान को और पुष्ट करती है।

दीपोत्सव का यह विस्तार — दीयों की संख्या से लेकर कलाकारों की भागीदारी तक — अयोध्या को एक वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी यह है कि अयोध्या एक धार्मिक स्थल से वैश्विक सांस्कृतिक मंच बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। रूस जैसे देशों की रामलीला का यहाँ मंचन होना दर्शाता है कि 'सॉफ्ट पावर' की राजनीति में राम कथा एक नई भूमिका निभा रही है। युवाओं की बढ़ती दिलचस्पी महज आस्था नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान की तलाश भी है — जो नीति-निर्माताओं के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी धर्मगुरुओं के लिए।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या दीपोत्सव 2026 कब और कहाँ हो रहा है?
अयोध्या दीपोत्सव 2026 का 10वाँ संस्करण 7 नवंबर 2026 को अयोध्या, उत्तर प्रदेश में आयोजित हो रहा है। इस बार 12 मंचों पर लगभग 2,500 कलाकार प्रस्तुतियाँ देंगे और 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य है।
मालिनी अवस्थी ने दीपोत्सव 2026 के बारे में क्या कहा?
प्रसिद्ध लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि राम कथा हर बार देखने पर नई लगती है और प्रभु श्रीराम के आदर्श हर भाषा और संस्कृति में अपनाए गए हैं। उन्होंने अयोध्या में युवाओं की बढ़ती उपस्थिति को एक सकारात्मक बदलाव बताया।
इस वर्ष दीपोत्सव में कितने देशों के कलाकार भाग ले रहे हैं?
इस वर्ष विभिन्न देशों और राज्यों से लगभग 2,500 कलाकार 12 अलग-अलग मंचों पर प्रस्तुतियाँ देंगे। उत्तर प्रदेश सरकार ने रूस सहित कई देशों की रामलीला के मंचन की व्यवस्था की है।
दीपोत्सव में दीयों की संख्या कितनी बढ़ी है?
शुरुआत में दीपोत्सव में 5 लाख दीये जलाए जाते थे, जो अब बढ़कर 30 लाख तक पहुँच गए हैं। यह वृद्धि आयोजन के बढ़ते पैमाने और लोकप्रियता को दर्शाती है।
अयोध्या दीपोत्सव का क्या महत्व है?
दीपोत्सव प्रभु श्रीराम की अयोध्या वापसी के उत्सव के रूप में मनाया जाता है और इसे उत्तर प्रदेश सरकार ने एक वैश्विक सांस्कृतिक पर्व का रूप दिया है। श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद यह पहला दीपोत्सव होने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है।
राष्ट्र प्रेस
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