वाई-ब्रेक: आयुष मंत्रालय का वो योग फॉर्मूला जो लंबी शिफ्ट में भी रखेगा फिट और फोकस्ड

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वाई-ब्रेक: आयुष मंत्रालय का वो योग फॉर्मूला जो लंबी शिफ्ट में भी रखेगा फिट और फोकस्ड

सारांश

आयुष मंत्रालय का 'वाई-ब्रेक' ऑफिस कर्मचारियों के लिए एक क्रांतिकारी योग ब्रेक है। कुर्सी पर बैठे-बैठे 5-7 मिनट में कमरदर्द, तनाव और थकान से मुक्ति मिलती है। दिन में 2-3 बार इसे अपनाने से उत्पादकता और मानसिक स्वास्थ्य दोनों में सुधार होता है।

Key Takeaways

  • वाई-ब्रेक आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक 5-7 मिनट का योग ब्रेक है जो कुर्सी पर बैठे-बैठे किया जा सकता है।
  • इसमें ताड़ासन, कटिचक्रासन, ग्रीवा संचालन, नाड़ी शोधन प्राणायाम और सरल ध्यान शामिल हैं।
  • आयुष मंत्रालय ने सिफारिश की है कि दिन में 2-3 बार यह ब्रेक लिया जाए।
  • नियमित वाई-ब्रेक से कमरदर्द, तनाव, मानसिक थकान और मोटापे के खतरे में कमी आती है।
  • एसोचैम के अनुसार भारत में लगभग 42.5%25 कर्मचारी कार्यस्थल संबंधी तनाव से पीड़ित हैं।
  • 21 जून, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर इस अभियान को और व्यापक रूप देने की आयुष मंत्रालय की योजना है।

नई दिल्ली, 22 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू की गई 'वाई-ब्रेक' योजना उन लाखों कर्मचारियों के लिए एक क्रांतिकारी समाधान बनकर उभरी है जो लंबी ऑफिस शिफ्ट में शारीरिक और मानसिक थकान से जूझते हैं। यह एक छोटा योग ब्रेक है जिसे कर्मचारी अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे ही कर सकते हैं — बिना किसी विशेष स्थान या उपकरण की जरूरत के। सिर्फ कुछ मिनटों का यह ब्रेक दिनभर की थकान मिटाकर कर्मचारियों को तरोताजा और उत्पादक बनाए रखता है।

क्या है 'वाई-ब्रेक' और इसकी जरूरत क्यों?

आज के कॉर्पोरेट युग में अधिकांश कर्मचारी 8 से 10 घंटे तक एक ही मुद्रा में बैठकर काम करते हैं। इससे गर्दन में जकड़न, कमरदर्द, कंधों में दर्द, घुटनों की समस्या और मानसिक तनाव जैसी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, शारीरिक निष्क्रियता दुनिया में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने 'वाई-ब्रेक' (Yoga Break) कार्यक्रम की शुरुआत की।

मंत्रालय ने इस पहल के तहत पूरी विधि और प्रशिक्षण वीडियो अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध कराए हैं, ताकि कोई भी कर्मचारी इसे आसानी से सीख और अपना सके।

वाई-ब्रेक में कौन-कौन से अभ्यास शामिल हैं?

वाई-ब्रेक में मुख्यतः तीन प्रकार के अभ्यास शामिल किए गए हैं — योगासन, प्राणायाम और ध्यान। इनमें प्रमुख हैं:

ताड़ासन (बैठे-बैठे शरीर को ऊपर की ओर खींचना) — इससे रीढ़ की हड्डी सीधी होती है और पॉश्चर सुधरता है। कटिचक्रासन (कमर को धीरे-धीरे घुमाना) — कमर और पीठ के दर्द से राहत मिलती है। ग्रीवा संचालन (गर्दन की हल्की स्ट्रेचिंग) — गर्दन की जकड़न और सिरदर्द में कमी आती है।

इसके अतिरिक्त नाड़ी शोधन प्राणायाम (वैकल्पिक नासिका से श्वास लेना) और सरल ध्यान भी इस दिनचर्या का हिस्सा हैं। ये अभ्यास रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं, मांसपेशियों की जकड़न दूर करते हैं और मन को शांत रखते हैं।

वाई-ब्रेक कैसे करें — विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों के अनुसार, वाई-ब्रेक करने के लिए कुर्सी पर सीधे बैठें और पीठ को सहारा दें। दोनों हाथ घुटनों पर रखें और पेट को धीरे-धीरे अंदर खींचें, फिर ढीला छोड़ें। गर्दन को दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे धीरे-धीरे घुमाएं। पैरों को जमीन पर सपाट रखें और गहरी सांस लेते हुए शरीर को रिलैक्स करें।

आयुष मंत्रालय की सिफारिश है कि दिन में कम से कम दो से तीन बार यह ब्रेक लिया जाए। प्रत्येक सत्र केवल 5 से 7 मिनट का होता है, जो किसी भी व्यस्त कार्यसूची में आसानी से फिट हो सकता है।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

नियमित वाई-ब्रेक से न केवल शारीरिक समस्याएं कम होती हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। तनाव, चिंता और मानसिक थकान में उल्लेखनीय कमी देखी गई है। कर्मचारियों की एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती है।

लगातार बैठे रहने से शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने लगती है, जो मोटापे और मधुमेह जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों को आमंत्रण देती है। वाई-ब्रेक इस प्रवृत्ति को रोकने में सहायक साबित होता है। इसके साथ ही कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनता है और समग्र उत्पादकता में वृद्धि होती है।

व्यापक संदर्भ: भारत में वर्कप्लेस वेलनेस की बढ़ती जरूरत

गौरतलब है कि भारत में कॉर्पोरेट क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य संकट तेजी से गहराता जा रहा है। एसोचैम की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 42.5%25 कर्मचारी किसी न किसी रूप में कार्यस्थल संबंधी तनाव से पीड़ित हैं। ऐसे में आयुष मंत्रालय की यह पहल केवल एक योग कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक व्यापक राष्ट्रीय वेलनेस नीति का हिस्सा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखें तो जापान, स्वीडन और नीदरलैंड जैसे देशों में वर्कप्लेस माइंडफुलनेस और योग ब्रेक को कानूनी दर्जा दिया जा चुका है। भारत इस दिशा में वाई-ब्रेक जैसी पहलों के जरिए आगे बढ़ रहा है।

आने वाले समय में आयुष मंत्रालय इस कार्यक्रम को सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी अनिवार्य रूप से लागू करने की दिशा में काम कर रहा है। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस अभियान को और व्यापक रूप देने की योजना है।

Point of View

वहाँ एक मुफ्त और सरल सरकारी पहल को अभी भी व्यापक स्वीकृति नहीं मिली है। मुख्यधारा की मीडिया इसे 'सॉफ्ट न्यूज' मानकर नजरअंदाज करती है, जबकि सच यह है कि कार्यस्थल पर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की अनदेखी भारत की GDP को प्रतिवर्ष अरबों का नुकसान पहुँचाती है। वाई-ब्रेक जैसी पहलों को नीतिगत स्तर पर अनिवार्य बनाना समय की माँग है।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

वाई-ब्रेक क्या है और इसे किसने शुरू किया?
वाई-ब्रेक (Yoga Break) भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक छोटा योग ब्रेक कार्यक्रम है। इसे ऑफिस कर्मचारी अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे 5-7 मिनट में कर सकते हैं।
वाई-ब्रेक दिन में कितनी बार करना चाहिए?
आयुष मंत्रालय की सिफारिश है कि दिन में कम से कम दो से तीन बार वाई-ब्रेक लिया जाए। प्रत्येक सत्र केवल 5 से 7 मिनट का होता है।
वाई-ब्रेक से कौन-कौन सी स्वास्थ्य समस्याओं में फायदा होता है?
वाई-ब्रेक से कमरदर्द, गर्दन की जकड़न, कंधों का दर्द, मानसिक तनाव और थकान में राहत मिलती है। नियमित अभ्यास से मोटापे और जीवनशैली संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम होता है।
वाई-ब्रेक की विधि और वीडियो कहाँ से देखें?
आयुष मंत्रालय ने वाई-ब्रेक की पूरी विधि और प्रशिक्षण वीडियो अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध कराए हैं। ये पूरी तरह मुफ्त हैं और कोई भी इन्हें देखकर अभ्यास शुरू कर सकता है।
क्या वाई-ब्रेक सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए है?
नहीं, वाई-ब्रेक हर उस व्यक्ति के लिए है जो लंबे समय तक बैठकर काम करता है — चाहे वह सरकारी हो या निजी क्षेत्र का कर्मचारी। आयुष मंत्रालय इसे निजी क्षेत्र में भी लागू करने की दिशा में काम कर रहा है।
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