डीएमजेड लैंडमाइन विस्फोट: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने घायल सैनिकों से अस्पताल में की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग बुधवार, 30 सितंबर को बिना किसी पूर्व सूचना के एक सैन्य अस्पताल पहुँचे, जहाँ असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) में 21 सितंबर को हुए बारूदी सुरंग (लैंडमाइन) विस्फोट में घायल तीन सैन्यकर्मी उपचाराधीन हैं। राष्ट्रपति के प्रवक्ता किम सुंग-वान ने इस दौरे की जानकारी दी और बताया कि ली ने घायल सैनिकों व उनके परिजनों को सांत्वना दी।
मुख्य घटनाक्रम
21 सितंबर को डीएमजेड के दक्षिणी हिस्से में स्थित मिलिट्री बफर जोन में बारूदी सुरंग विस्फोट हुए, जिसमें तीन सैन्यकर्मी घायल हो गए। इनमें से दो की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। दक्षिण कोरियाई सेना और यूनाइटेड नेशंस कमांड (यूएनसी) की संयुक्त जाँच में यह स्थापित हुआ है कि ये बारूदी सुरंगें उत्तर कोरियाई सेना ने बिछाई थीं।
यूएनसी ने बुधवार को आधिकारिक रूप से इसे 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद संपन्न हुए कोरियाई युद्धविराम समझौते का 'उल्लंघन' करार दिया। यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर पहले से तनाव की स्थिति बनी हुई है और दोनों देशों के बीच सीमा पर गतिविधियाँ बढ़ी हैं।
राष्ट्रपति का अस्पताल दौरा
राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने मिलिट्री हॉस्पिटल में घायल सैनिकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उन्हें अपनी सेहत पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने सैनिकों के उपचार, पुनर्वास और सेना में आगे की सेवा को सुगम बनाने के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
प्रवक्ता किम सुंग-वान ने बताया कि घायल सैनिकों के छोटे बच्चों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह दौरा पूरी तरह मीडिया और कैमरों से दूर रखा गया — न कोई फोटोग्राफी हुई, न मीडिया की उपस्थिति रही।
मुआवज़े और सैन्य मनोबल पर ज़ोर
राष्ट्रपति ने अधिकारियों से विशेष रूप से पूछा कि क्या ड्यूटी के दौरान घायल हुए सैनिकों के लिए उचित मुआवज़े की व्यवस्था है। उन्होंने निर्देश दिया कि घायल सैनिकों को पर्याप्त मुआवज़ा मिले और इस बात पर जोर दिया कि यह सीधे तौर पर सशस्त्र बलों के मनोबल से जुड़ा है।
ली ने अधिकारियों को घायल सैनिकों को दी जा रही चिकित्सा सहायता की समीक्षा करने और उनके परिवारों को स्थिति से निरंतर अवगत कराते रहने का भी निर्देश दिया। गौरतलब है कि युद्ध-क्षेत्र में घायल सैनिकों के लिए मुआवज़े की पर्याप्तता दक्षिण कोरिया में पहले भी बहस का विषय रही है।
सैनिकों का संकल्प
प्रवक्ता किम के अनुसार, घायल सैनिकों ने अपनी सैन्य सेवा जारी रखने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी पद पर रहते हुए खुद को देश के लिए समर्पित करना चाहते हैं।' यह दृढ़ता दक्षिण कोरियाई सैन्य परंपरा और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
क्या होगा आगे
यूएनसी द्वारा इसे युद्धविराम समझौते का उल्लंघन घोषित किए जाने के बाद अब यह देखना होगा कि दक्षिण कोरिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर क्या राजनयिक या सैन्य प्रतिक्रिया देते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, इस घटना से कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव और गहरा हो सकता है।