डीएमजेड से बारूदी सुरंग हटाना उत्तर कोरिया को 'निर्णायक जवाब': दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि विसैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) से बारूदी सुरंगें हटाकर सियोल ने प्योंगयांग को 'निर्णायक जवाब' दे दिया है। उन्होंने कहा कि डीएमजेड के भीतर इस तरह का अभियान अपने आप में अभूतपूर्व है और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति दक्षिण कोरिया की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्य घटनाक्रम
21 सितंबर 2026 को सैन्य सीमांकन रेखा (एमडीएल) के दक्षिण में एक विस्फोट में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे, जिनमें से दो को गंभीर चोटें आई थीं। इस घटना के बाद दक्षिण कोरियाई सेना और संयुक्त राष्ट्र कमान (यूएनसी) ने संयुक्त जाँच शुरू की।
जाँच में निष्कर्ष निकला कि एमडीएल के दक्षिण में जानबूझकर बिछाई गई रेजिन-आधारित एंटी-पर्सनल माइंस विस्फोट का कारण थीं। जाँचकर्ताओं ने इन माइंस की संरचना और सामग्री की तुलना पहले बरामद उत्तर कोरियाई माइंस से की, जिसके आधार पर इन्हें उत्तर कोरियाई सैनिकों द्वारा बिछाया गया बताया गया।
सोमवार, 5 अक्टूबर को ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) और यूएनसी ने विस्फोट स्थल और उसके आसपास अतिरिक्त बारूदी सुरंगों की पहचान की। इसके बाद दक्षिण कोरियाई सेना ने दोपहर करीब 12 बजकर 51 मिनट पर एमडीएल के दक्षिण में बारूदी सुरंग हटाने का अभियान चलाया।
रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री कांग ने रक्षा मंत्रालय परिसर में पत्रकारों से कहा कि बारूदी सुरंग हटाने का अभियान 'हमारे लिए एक निर्णायक जवाब' था। उन्होंने उन आलोचनाओं को सिरे से खारिज किया जिनमें दक्षिण कोरियाई सेना की प्रतिक्रिया को 'बहुत निष्क्रिय' या 'केवल रक्षात्मक' बताया जा रहा था।
कांग ने स्पष्ट किया कि दक्षिण कोरिया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि का 'निर्णायक' तरीके से जवाब देगा। हालाँकि, उन्होंने संभावित अगले कदमों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।
उत्तर कोरिया का रुख
उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया और यूएनसी के सभी निष्कर्षों को खारिज किया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन और वरिष्ठ अधिकारी किम यो-जोंग ने सियोल के आरोपों को 'मनगढ़ंत' बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दक्षिण कोरिया की ओर से इसके अनुरूप कोई कार्रवाई की गई, तो प्योंगयांग जवाबी कदम उठा सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया ने सीमा क्षेत्र में कंटीले तारों की बाड़ मज़बूत करने, बारूदी सुरंगें बिछाने और टैंक रोधी अवरोध खड़े करने का काम तेज किया हुआ है। गौरतलब है कि दोनों कोरियाई देशों के बीच सीमा पर तनाव लंबे समय से बना हुआ है।
संवाद का रास्ता भी खुला
इस कड़े सैन्य रुख के बावजूद दक्षिण कोरिया की सरकार ने संवाद का दरवाज़ा बंद नहीं किया है। दक्षिण कोरियाई एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि वह अंतर-कोरियाई मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान तलाशता रहेगा और टकराव के बजाय संवाद के ज़रिये स्थायी शांति की दिशा में काम करेगा।
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग भी हाल में दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव कम करने और संवाद बहाल करने की प्रतिबद्धता दोहरा चुके हैं। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों को विश्वास बहाली और संवाद की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
दक्षिण कोरियाई सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि उत्तर कोरिया अपनी ओर से बारूदी सुरंगें हटाने को तैयार नहीं होता, तो वह डीएमजेड में ऐसे अभियान जारी रखेगी — जो दोनों देशों के बीच तनाव के अगले अध्याय का संकेत है।