29 सितंबर 2026
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डीएमजेड बारूदी सुरंग विस्फोट: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने दिए पारदर्शी जांच के आदेश

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डीएमजेड बारूदी सुरंग विस्फोट: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने दिए पारदर्शी जांच के आदेश

सारांश

डीएमजेड में बारूदी सुरंग विस्फोट — और उत्तर कोरिया पर संदेह की उंगली। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने पारदर्शी जांच का आदेश दिया है, रक्षा मंत्री ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यह घटना कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव के एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने 29 सितंबर 2026 को डीएमजेड विस्फोट की पारदर्शी जांच के आदेश दिए।
विस्फोट 21 सितंबर को हुआ था; दो सैनिक गंभीर और एक मामूली रूप से घायल।
प्रारंभिक जांच में उत्तर कोरिया की बारूदी सुरंगों से विस्फोट होने की 'काफी संभावना' बताई गई।
घटनास्थल पर तीन सुरंगें दबी थीं — दो में विस्फोट, एक बिना फटी; अवशेषों में टीएनटी के निशान मिले।
रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने कहा — जांच पुष्टि होने पर जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रपति ने परमाणु पनडुब्बियों और हाइपरसोनिक मिसाइलों के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने 29 सितंबर 2026 को डिमिलिटराइज्ड जोन (डीएमजेड) में हुए बारूदी सुरंग विस्फोट की पारदर्शी जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हुए थे। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि जांच के नतीजों के आधार पर सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।

राष्ट्रपति का निर्देश और कैबिनेट बैठक

राष्ट्रपति ली ने मंगलवार को चेओंग वा डे में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि सैन्य अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र कमान (यूएनसी) के साथ मिलकर घटना की सच्चाई जल्द से जल्द और पूरी तरह सामने लानी चाहिए। उन्होंने यह भी अपील की कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कोई विभाजन नहीं होना चाहिए।

ली ने बिना ठोस आधार के साजिश संबंधी सिद्धांत फैलाने से भी बचने की चेतावनी दी, यह रेखांकित करते हुए कि संवेदनशील सुरक्षा मामलों में अटकलें राष्ट्रीय हित के विरुद्ध हैं।

विस्फोट की परिस्थितियाँ और प्रारंभिक जांच

विस्फोट 21 सितंबर को डीएमजेड के भीतर उस समय हुआ, जब दक्षिण कोरियाई सेना और संयुक्त राष्ट्र कमान का संयुक्त दल उन संभावित बारूदी सुरंगों की जांच के लिए रास्ता साफ कर रहा था, जिन्हें दक्षिण कोरिया के अनुसार उत्तर कोरिया ने कथित तौर पर सैन्य सीमा रेखा के पार हाल ही में बिछाया हो सकता है।

सोमवार को जारी प्रारंभिक सैन्य जांच में कहा गया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 'उत्तर कोरिया की बारूदी सुरंगों से विस्फोट होने की काफी संभावना है।' हालाँकि, अंतिम जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

तकनीकी साक्ष्य और घटनास्थल का विवरण

दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, घटनास्थल से बरामद सुरंग के टुकड़ों और अवशेषों में टीएनटी और भूरे रंग की सिंथेटिक सामग्री के निशान मिले हैं। सेना का कहना है कि ये विशेषताएं उत्तर कोरिया द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एंटी-पर्सनल बारूदी सुरंगों से मेल खाती हैं।

विस्फोट सैन्य सीमांकन रेखा से करीब 10 मीटर दक्षिण में हुआ था। घटनास्थल पर कुल तीन बारूदी सुरंगें दबी होने की आशंका है — इनमें से दो में विस्फोट हुआ, जबकि सैनिकों ने पीछे हटते समय एक अन्य बिना फटी सुरंग देखे जाने की जानकारी दी।

घायल सैनिक और मानवीय पहलू

विस्फोट में दो दक्षिण कोरियाई सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि तीसरे सैनिक को मामूली चोट आई। राष्ट्रपति ली ने घायल सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

रक्षा मंत्री का रुख और आगे की रणनीति

दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने कहा है कि यदि अंतिम जांच में यह पुष्टि होती है कि विस्फोट उत्तर कोरिया द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों के कारण हुआ, तो उचित और जवाबी कदम उठाए जाएंगे। सेना ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त राष्ट्र कमान के साथ जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष जारी किए जाएंगे।

इस बीच, राष्ट्रपति ली ने कैबिनेट बैठक में दक्षिण कोरिया की रक्षा क्षमता को मजबूत करने पर जोर देते हुए उन्नत हथियारों पर आधारित आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था विकसित करने और 'परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों तथा हाइपरसोनिक मिसाइलों' के निर्माण के प्रयास तेज करने का निर्देश दिया। जांच के नतीजे आने पर कोरियाई प्रायद्वीप की सुरक्षा स्थिति एक नए मोड़ पर आ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उन्होंने हाइपरसोनिक मिसाइलों और परमाणु पनडुब्बियों की बात की — यह संकेत है कि घरेलू राजनीतिक दबाव और सैन्य हकीकत उन्हें कठोर भाषा की ओर धकेल रही है। संयुक्त राष्ट्र कमान की भागीदारी यह भी दर्शाती है कि सियोल इसे केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि बहुपक्षीय सुरक्षा मुद्दे के रूप में स्थापित करना चाहता है — जिससे किसी भी जवाबी कदम को अंतरराष्ट्रीय वैधता मिल सके।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएमजेड में बारूदी सुरंग विस्फोट कब और कैसे हुआ?
विस्फोट 21 सितंबर 2026 को डिमिलिटराइज्ड जोन (डीएमजेड) में उस समय हुआ जब दक्षिण कोरियाई सेना और संयुक्त राष्ट्र कमान का संयुक्त दल संभावित बारूदी सुरंगों की जांच के लिए रास्ता साफ कर रहा था। विस्फोट सैन्य सीमांकन रेखा से करीब 10 मीटर दक्षिण में हुआ।
क्या इस विस्फोट के लिए उत्तर कोरिया जिम्मेदार है?
दक्षिण कोरियाई सेना की प्रारंभिक जांच के अनुसार उत्तर कोरिया की बारूदी सुरंगों से विस्फोट होने की 'काफी संभावना' है, क्योंकि अवशेषों में टीएनटी और भूरे रंग की सिंथेटिक सामग्री मिली जो उत्तर कोरियाई एंटी-पर्सनल सुरंगों से मेल खाती है। हालाँकि, अंतिम जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
विस्फोट में कितने सैनिक घायल हुए और उनकी स्थिति क्या है?
विस्फोट में कुल तीन दक्षिण कोरियाई सैनिक घायल हुए — दो गंभीर रूप से और एक मामूली रूप से। राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने घायल सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
दक्षिण कोरिया आगे क्या कदम उठाएगा?
संयुक्त राष्ट्र कमान के साथ संयुक्त जांच पूरी होने के बाद अंतिम निष्कर्ष जारी किए जाएंगे। रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने कहा है कि यदि जांच में उत्तर कोरिया की संलिप्तता की पुष्टि होती है तो उचित जवाबी कदम उठाए जाएंगे।
राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने रक्षा क्षमता पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ली ने कैबिनेट बैठक में उन्नत हथियारों पर आधारित आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था विकसित करने और 'परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों तथा हाइपरसोनिक मिसाइलों' के निर्माण के प्रयास तेज करने का निर्देश दिया। यह बयान दक्षिण कोरिया की दीर्घकालिक सैन्य आत्मनिर्भरता की नीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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