7 नवंबर 2026
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किरेन रिजिजू ने जेद्दा की 'अल-रहमा मस्जिद' का दौरा किया, हज 2027 समझौते के लिए सऊदी अरब में

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किरेन रिजिजू ने जेद्दा की 'अल-रहमा मस्जिद' का दौरा किया, हज 2027 समझौते के लिए सऊदी अरब में

सारांश

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू सऊदी अरब में हज 2027 की तैयारियों को अंतिम रूप देने पहुँचे हैं। जेद्दा की ऐतिहासिक 'फ्लोटिंग मस्जिद' के दौरे के साथ, वे द्विपक्षीय हज समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे — जो 1 लाख से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू 7 नवंबर 2026 को सऊदी अरब के आधिकारिक दौरे पर हैं।
उन्होंने जेद्दा स्थित ऐतिहासिक अल-रहमा मस्जिद ('फ्लोटिंग मस्जिद') का दौरा किया, जो लाल सागर के तट पर स्थित है।
रिजिजू 'छठे हज सम्मेलन और प्रदर्शनी 2027' में भाग लेने और सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय हज समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए जेद्दा पहुँचे हैं।
हज कमेटी ऑफ इंडिया के ज़रिए 1 लाख से अधिक भारतीय तीर्थयात्री हर वर्ष हज करते हैं।
4 अक्टूबर 2026 को भारतीय राजदूत विपुल और सऊदी हज उप-मंत्री डॉ.
अब्दुलफत्ताह बिन सुलेमान अल-मशात के बीच हज 2027 की तैयारियों पर बैठक हो चुकी है।

केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू 7 नवंबर 2026 को सऊदी अरब के दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने जेद्दा स्थित ऐतिहासिक अल-रहमा मस्जिद का दौरा किया, जिसे 'फ्लोटिंग मस्जिद' यानी 'तैरती हुई मस्जिद' के नाम से भी जाना जाता है। यह मस्जिद लाल सागर (रेड सी) के तट पर स्थित है और सऊदी अरब की समृद्ध इस्लामी विरासत एवं वास्तुशिल्प का प्रतीक मानी जाती है।

मस्जिद दौरे की झलक

रिजिजू ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मैंने जेद्दा में ऐतिहासिक अल-रहमा मस्जिद का दौरा किया, जिसे 'फ्लोटिंग मस्जिद' के नाम से भी जाना जाता है। यह खूबसूरत लाल सागर के तट पर स्थित है। यह आध्यात्मिक महत्व और वास्तुकला की सुंदरता का एक अद्भुत स्थान है, जो सऊदी अरब की समृद्ध इस्लामी विरासत को दर्शाता है।' यह दौरा उनकी व्यापक राजनयिक यात्रा का एक हिस्सा था।

हज सम्मेलन और द्विपक्षीय समझौता

रिजिजू शुक्रवार को 'छठे हज सम्मेलन और प्रदर्शनी 2027' में भाग लेने के लिए जेद्दा पहुँचे। उनके एजेंडे में सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय हज समझौते पर हस्ताक्षर करना और हज 2027 की तैयारियों की समीक्षा करना शामिल है, ताकि अगले साल भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए सुगम, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जा सके।

मंत्री ने पोस्ट में यह भी बताया कि जेद्दा में भारत के महावाणिज्य दूत (कॉन्सुल जनरल) फहद सूरी ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गौरतलब है कि यह यात्रा भारत-सऊदी अरब के बीच हज-समन्वय की एक सुस्थापित प्रक्रिया का हिस्सा है, जो हर साल औपचारिक समझौते के ज़रिए नवीनीकृत होती है।

पिछले महीने हुई समीक्षा बैठक

4 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल ने, कॉन्सुल जनरल फहद सूरी और कॉन्सुल (हज) सदफ चौधरी के साथ मिलकर, सऊदी अरब के हज और उमरा उप-मंत्री डॉ. अब्दुलफत्ताह बिन सुलेमान अल-मशात और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने हज 2027 की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की और भारतीय हज मिशन तथा सऊदी हज एवं उमराह मंत्रालय के बीच निरंतर समन्वय पर जोर दिया।

हज टर्मिनल और हाई-स्पीड रेल का निरीक्षण

तैयारियों के तहत राजदूत विपुल ने जेद्दा हवाई अड्डे के हज टर्मिनल और हरमैन हाई-स्पीड रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया। हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से यात्रा करने वाले 1 लाख से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए ये दोनों स्थल हज के दौरान आगमन और आगे की यात्रा के प्रमुख केंद्र हैं। राजदूत ने सुविधाओं, बुनियादी ढाँचे और परिचालन व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा की।

आगे क्या होगा

रिजिजू की इस यात्रा के दौरान हज 2027 के लिए द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जो लाखों भारतीय तीर्थयात्रियों के हज कोटे, सेवाओं और लॉजिस्टिक्स को औपचारिक रूप देगा। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हज 2027 की तैयारियाँ तेज़ी पकड़ रही हैं और दोनों देश प्रशासनिक ढाँचे को और मज़बूत बनाने पर काम कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए हज समझौते का समय पर नवीनीकरण प्रशासनिक दक्षता की कसौटी भी है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और सऊदी अरब के बीच श्रम, ऊर्जा और निवेश के मोर्चे पर भी संबंध गहरे हो रहे हैं। परंतु असली परीक्षा यह होगी कि हज टर्मिनल और हरमैन रेल जैसी बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा ज़मीनी स्तर पर तीर्थयात्रियों के अनुभव में कितना सुधार लाती है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू सऊदी अरब क्यों गए हैं?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू 'छठे हज सम्मेलन और प्रदर्शनी 2027' में भाग लेने, सऊदी अरब के साथ द्विपक्षीय हज समझौते पर हस्ताक्षर करने और हज 2027 की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए जेद्दा पहुँचे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य 1 लाख से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम हज यात्रा सुनिश्चित करना है।
अल-रहमा मस्जिद क्या है और यह क्यों प्रसिद्ध है?
अल-रहमा मस्जिद जेद्दा (सऊदी अरब) में लाल सागर के तट पर स्थित एक ऐतिहासिक मस्जिद है, जिसे 'फ्लोटिंग मस्जिद' यानी 'तैरती हुई मस्जिद' के नाम से जाना जाता है। यह सऊदी अरब की समृद्ध इस्लामी विरासत और शानदार वास्तुकला का प्रतीक मानी जाती है।
भारत-सऊदी अरब हज 2027 समझौते में क्या शामिल होगा?
इस द्विपक्षीय हज समझौते के तहत भारतीय तीर्थयात्रियों का कोटा, यात्रा सेवाएँ और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था औपचारिक रूप से तय की जाएगी। हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से यात्रा करने वाले 1 लाख से अधिक तीर्थयात्री इस समझौते से सीधे लाभान्वित होंगे।
हज 2027 की तैयारियाँ किस स्तर पर हैं?
4 अक्टूबर 2026 को भारतीय राजदूत विपुल और सऊदी हज उप-मंत्री डॉ. अब्दुलफत्ताह बिन सुलेमान अल-मशात के बीच समीक्षा बैठक हो चुकी है। जेद्दा हवाई अड्डे के हज टर्मिनल और हरमैन हाई-स्पीड रेलवे स्टेशन का निरीक्षण भी किया जा चुका है।
भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए हज टर्मिनल और हरमैन ट्रेन क्यों महत्वपूर्ण हैं?
हज कमेटी ऑफ इंडिया के रास्ते यात्रा करने वाले 1 लाख से अधिक भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए जेद्दा का हज टर्मिनल और हरमैन हाई-स्पीड रेलवे स्टेशन आगमन एवं आगे की यात्रा के प्रमुख केंद्र हैं। इन सुविधाओं की दक्षता सीधे तीर्थयात्रियों के अनुभव और सुरक्षा को प्रभावित करती है।
राष्ट्र प्रेस
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