हज 2027 की तैयारी: भारतीय राजदूत विपुल ने सऊदी उपमंत्री अल-मशात से की व्यापक समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
सऊदी अरब में भारत के राजदूत विपुल ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को जेद्दा में सऊदी अरब के हज एवं उमरा मामलों के उपमंत्री अब्दुलफत्ताह बिन सुलेमान अल-मशात से मुलाकात कर हज 2027 की तैयारियों का विस्तृत मूल्यांकन किया। इस बैठक में भारतीय हज मिशन और सऊदी हज एवं उमरा मंत्रालय के बीच समन्वय की रूपरेखा पर गहन चर्चा हुई।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
राजदूत विपुल के साथ जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के महावाणिज्य दूत फहद सूरी और कौंसल (हज) सादफ चौधरी भी इस बैठक में मौजूद थीं। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सऊदी हज एवं उमरा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी अलग से विचार-विमर्श किया।
जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के माध्यम से इस बैठक की जानकारी साझा की।
बुनियादी ढाँचे का निरीक्षण
राजदूत विपुल ने महावाणिज्य दूत और कौंसल (हज) के साथ जेद्दा एयरपोर्ट स्थित हज टर्मिनल और हरमैन हाई-स्पीड रेलवे स्टेशन का भी स्थलीय दौरा किया। दोनों स्थानों पर उन्होंने सुविधाओं, बुनियादी ढाँचे और परिचालन व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, यह दोनों स्थल भारतीय तीर्थयात्रियों के आगमन और आगे की यात्रा की दृष्टि से महत्वपूर्ण परिचालन केंद्र हैं, क्योंकि भारत की हज कमेटी के माध्यम से प्रतिवर्ष 1 लाख से अधिक भारतीय श्रद्धालु हज यात्रा करते हैं।
तकनीकी एकीकरण पर पहले भी हुई चर्चा
गौरतलब है कि हज 2027 की तैयारियाँ पिछले कई महीनों से चल रही हैं। 9 अगस्त को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीवत्स कृष्ण ने सऊदी हज एवं उमरा मंत्रालय में योजना और डिजिटल परिवर्तन के उपमंत्री अब्दुलअजीज अल-मथामी से मुलाकात की थी।
उस बैठक में भारतीय और सऊदी हज पोर्टल के तकनीकी एकीकरण पर विस्तार से चर्चा हुई थी। साथ ही उभरती तकनीकों के उपयोग के जरिए समन्वय को बेहतर बनाने, सेवाओं को सुव्यवस्थित करने और भारतीय श्रद्धालुओं के हज अनुभव को और सहज बनाने के उपायों पर भी विचार किया गया था।
आम जनता पर असर
भारत दुनिया के सबसे बड़े हज प्रेषक देशों में से एक है और हर वर्ष हज कमेटी ऑफ इंडिया के माध्यम से लाखों श्रद्धालु मक्का पहुँचते हैं। इस तरह की उच्च-स्तरीय बैठकें यह सुनिश्चित करने के लिए होती हैं कि यात्रा-लॉजिस्टिक्स, आवास, परिवहन और डिजिटल प्रक्रियाएँ बेहद सुगम रहें।
यह ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब अपनी 'विज़न 2030' के तहत हज बुनियादी ढाँचे का आधुनिकीकरण कर रहा है, जिसमें हरमैन हाई-स्पीड रेल नेटवर्क और डिजिटलीकृत तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणाली प्रमुख घटक हैं।
आगे क्या होगा
दोनों पक्षों के बीच समन्वय बैठकों का यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। भारतीय हज मिशन और सऊदी हज एवं उमरा मंत्रालय के बीच करीबी तालमेल से हज 2027 की तैयारियों को और मजबूती मिलने की संभावना है, जिससे भारतीय श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव और सुविधाएँ मिल सकेंगी।