7 नवंबर 2026
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पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना महाभियोग में दोषी, सभी 44 सीनेटर्स ने हटाया; गिरफ्तारी का आदेश

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पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना महाभियोग में दोषी, सभी 44 सीनेटर्स ने हटाया; गिरफ्तारी का आदेश

सारांश

पैराग्वे में राजनीतिक भूचाल — सभी 44 सीनेटर्स ने एकमत होकर राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को यूएनो बैंक घोटाले में पद से हटाया। अब वे संसदीय छूट से भी वंचित हैं और गिरफ्तारी का आदेश जारी हो चुका है। 30 लाख बैंक ग्राहक पहले से ही इस संकट की चपेट में हैं।

मुख्य बातें

पैराग्वे की सीनेट ने 7 नवंबर 2026 को सभी 44 उपस्थित सीनेटर्स के एकमत मत से राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को पद से हटाया।
महाभियोग का आधार यूएनो बैंक घोटाला रहा, जिसमें विश्वासघात, नियमों में हेरफेर और पेंशन फंड दुरुपयोग के आरोप हैं।
चार अभियोजकों की टीम ने पेना की गिरफ्तारी का आदेश जारी किया, जो राष्ट्रीय पुलिस को भेज दिया गया है।
बैंक के डूबने से लगभग 30 लाख ग्राहक अपने खातों तक पहुँच से वंचित हो गए थे।
महाभियोग में दोषी ठहराए जाने के कारण पेना सीनेट में आजीवन सीट और संसदीय छूट से भी वंचित हो गए हैं।
पेना ने पहले 24-20 मतों के खिलाफ इस्तीफे की राह तलाशी थी, परंतु कोरम न बन पाने से यह प्रयास विफल रहा।

पैराग्वे की राजधानी असुनसियन में 7 नवंबर 2026 को एक ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रम में, देश की सीनेट ने यूएनो बैंक घोटाले से जुड़े आरोपों में राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को पद से हटाने का निर्णय लिया। मतदान में उपस्थित सभी 44 सीनेटर्स ने महाभियोग के पक्ष में वोट डाला — यह एकमत फैसला पैराग्वे के हालिया राजनीतिक इतिहास की सबसे निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है।

महाभियोग की पूरी कार्यवाही

महाभियोग की प्रक्रिया चैंबर ऑफ डेप्युटीज (निचले सदन) द्वारा पेना के खिलाफ आरोपों को मंजूरी दिए जाने के बाद शुरू हुई, जिससे सीनेट में सुनवाई का मार्ग प्रशस्त हुआ। पेना ने बचाव पेश करने के लिए अतिरिक्त समय की माँग की थी, यह तर्क देते हुए कि उन्हें महाभियोग के आरोपों की जानकारी गुरुवार देर रात ही दी गई थी। सीनेट के अनुसार, पेना स्वयं अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुए, हालाँकि उनके बचाव पक्ष के वकील बाद में कांग्रेस पहुँचे।

इससे पहले पेना ने गुरुवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। माना जा रहा है कि यह कदम महाभियोग से बचने का प्रयास था। सीनेट ने उनके इस्तीफे के खिलाफ 24-20 से मतदान किया, परंतु कांग्रेस के संयुक्त सत्र में सांसदों के सदन छोड़कर चले जाने के कारण कोरम पूरा न हो सका, जिससे इस्तीफे की प्रक्रिया अधूरी रह गई।

गिरफ्तारी का आदेश

महाभियोग के तुरंत बाद, अभियोजकों ने यूएनो बैंक के डूबने से जुड़े विश्वासघात और अन्य आपराधिक आरोपों में अपदस्थ राष्ट्रपति पेना को हिरासत में लेने का आदेश जारी किया। स्थानीय समाचार पत्र 'एबीसी कलर' के अनुसार, यह आदेश बैंकिंग घोटाले की जाँच कर रही चार अभियोजकों की एक विशेष टीम ने जारी किया है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रीय पुलिस को भेज दिया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, पेना पर निजी बैंक से जुड़े हितों के टकराव, नियमों में हेरफेर और पेंशन फंड के दुरुपयोग के आरोप हैं।

यूएनो बैंक संकट और आम नागरिकों पर असर

यूएनो बैंक के डूबने से पैराग्वे में एक गंभीर वित्तीय संकट उत्पन्न हो गया, जिसके चलते लगभग 30 लाख ग्राहक अपने खातों से पैसे नहीं निकाल सके। यह ऐसे समय में आया है जब पैराग्वे पहले से ही आर्थिक दबावों का सामना कर रहा था। बैंकिंग संकट की इस व्यापकता ने ही महाभियोग की राजनीतिक जमीन तैयार की।

संवैधानिक परिणाम

पैराग्वे के संविधान के अनुसार, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पूर्व राष्ट्रपतियों को सीनेट में आजीवन सीट और संसदीय छूट (इम्युनिटी) प्राप्त होती है — बशर्ते उन्हें महाभियोग की सुनवाई में दोषी न ठहराया गया हो। पेना के महाभियोग द्वारा पद से हटाए जाने के कारण वे इन सभी संवैधानिक विशेषाधिकारों से वंचित हो गए हैं, जिसका अर्थ है कि अब उन पर आपराधिक कार्यवाही का रास्ता पूरी तरह खुल गया है।

आगे क्या होगा

अपदस्थ राष्ट्रपति पेना की गिरफ्तारी किसी भी समय संभव है, क्योंकि राष्ट्रीय पुलिस को आदेश भेजा जा चुका है। पैराग्वे में अब उपराष्ट्रपति या संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार नया नेतृत्व सत्ता संभालेगा। यूएनो बैंक घोटाले की जाँच जारी है और अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यूएनो बैंक संकट में शामिल अन्य नीति-निर्माताओं और नियामकों तक भी पहुँचेगी। 30 लाख प्रभावित ग्राहकों के लिए न्याय तभी पूरा होगा जब व्यवस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित हो।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को किस आरोप में हटाया गया?
राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को यूएनो बैंक घोटाले से जुड़े विश्वासघात, नियमों में हेरफेर और पेंशन फंड के दुरुपयोग के आरोपों में 7 नवंबर 2026 को महाभियोग द्वारा पद से हटाया गया। सीनेट में उपस्थित सभी 44 सीनेटर्स ने उन्हें हटाने के पक्ष में मत दिया।
यूएनो बैंक घोटाला क्या है और इससे कितने लोग प्रभावित हुए?
यूएनो बैंक पैराग्वे का एक निजी बैंक था, जिसके डूबने से लगभग 30 लाख ग्राहक अपने खातों से पैसे नहीं निकाल पाए। इस संकट में राष्ट्रपति पेना पर हितों के टकराव और नियामकीय हेरफेर के आरोप लगाए गए, जो महाभियोग का आधार बने।
क्या सैंटियागो पेना को गिरफ्तार किया जाएगा?
हाँ, अभियोजकों की एक विशेष टीम ने पेना की गिरफ्तारी का आदेश जारी कर दिया है और इसे राष्ट्रीय पुलिस को भेज दिया गया है। महाभियोग में दोषी ठहराए जाने के कारण वे संसदीय छूट से भी वंचित हो गए हैं, जिससे आपराधिक कार्यवाही का मार्ग पूरी तरह खुल गया है।
पेना के इस्तीफे का क्या हुआ?
पेना ने गुरुवार को महाभियोग से बचने के प्रयास में इस्तीफा सौंपा था। सीनेट ने उनके इस्तीफे के विरुद्ध 24-20 मत दिए, परंतु कांग्रेस के संयुक्त सत्र में सांसदों के बाहर चले जाने से कोरम पूरा न हो सका और इस्तीफे की प्रक्रिया अधूरी रह गई।
महाभियोग के बाद पेना किन अधिकारों से वंचित हो गए?
पैराग्वे के संविधान के अनुसार, महाभियोग में दोषी ठहराए गए पूर्व राष्ट्रपति सीनेट में आजीवन सीट और संसदीय छूट के हकदार नहीं होते। पेना को पद से हटाए जाने के कारण वे इन दोनों संवैधानिक विशेषाधिकारों से वंचित हो गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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