पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना महाभियोग में दोषी, सभी 44 सीनेटर्स ने हटाया; गिरफ्तारी का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
पैराग्वे की राजधानी असुनसियन में 7 नवंबर 2026 को एक ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाक्रम में, देश की सीनेट ने यूएनो बैंक घोटाले से जुड़े आरोपों में राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को पद से हटाने का निर्णय लिया। मतदान में उपस्थित सभी 44 सीनेटर्स ने महाभियोग के पक्ष में वोट डाला — यह एकमत फैसला पैराग्वे के हालिया राजनीतिक इतिहास की सबसे निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है।
महाभियोग की पूरी कार्यवाही
महाभियोग की प्रक्रिया चैंबर ऑफ डेप्युटीज (निचले सदन) द्वारा पेना के खिलाफ आरोपों को मंजूरी दिए जाने के बाद शुरू हुई, जिससे सीनेट में सुनवाई का मार्ग प्रशस्त हुआ। पेना ने बचाव पेश करने के लिए अतिरिक्त समय की माँग की थी, यह तर्क देते हुए कि उन्हें महाभियोग के आरोपों की जानकारी गुरुवार देर रात ही दी गई थी। सीनेट के अनुसार, पेना स्वयं अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुए, हालाँकि उनके बचाव पक्ष के वकील बाद में कांग्रेस पहुँचे।
इससे पहले पेना ने गुरुवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। माना जा रहा है कि यह कदम महाभियोग से बचने का प्रयास था। सीनेट ने उनके इस्तीफे के खिलाफ 24-20 से मतदान किया, परंतु कांग्रेस के संयुक्त सत्र में सांसदों के सदन छोड़कर चले जाने के कारण कोरम पूरा न हो सका, जिससे इस्तीफे की प्रक्रिया अधूरी रह गई।
गिरफ्तारी का आदेश
महाभियोग के तुरंत बाद, अभियोजकों ने यूएनो बैंक के डूबने से जुड़े विश्वासघात और अन्य आपराधिक आरोपों में अपदस्थ राष्ट्रपति पेना को हिरासत में लेने का आदेश जारी किया। स्थानीय समाचार पत्र 'एबीसी कलर' के अनुसार, यह आदेश बैंकिंग घोटाले की जाँच कर रही चार अभियोजकों की एक विशेष टीम ने जारी किया है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रीय पुलिस को भेज दिया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, पेना पर निजी बैंक से जुड़े हितों के टकराव, नियमों में हेरफेर और पेंशन फंड के दुरुपयोग के आरोप हैं।
यूएनो बैंक संकट और आम नागरिकों पर असर
यूएनो बैंक के डूबने से पैराग्वे में एक गंभीर वित्तीय संकट उत्पन्न हो गया, जिसके चलते लगभग 30 लाख ग्राहक अपने खातों से पैसे नहीं निकाल सके। यह ऐसे समय में आया है जब पैराग्वे पहले से ही आर्थिक दबावों का सामना कर रहा था। बैंकिंग संकट की इस व्यापकता ने ही महाभियोग की राजनीतिक जमीन तैयार की।
संवैधानिक परिणाम
पैराग्वे के संविधान के अनुसार, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पूर्व राष्ट्रपतियों को सीनेट में आजीवन सीट और संसदीय छूट (इम्युनिटी) प्राप्त होती है — बशर्ते उन्हें महाभियोग की सुनवाई में दोषी न ठहराया गया हो। पेना के महाभियोग द्वारा पद से हटाए जाने के कारण वे इन सभी संवैधानिक विशेषाधिकारों से वंचित हो गए हैं, जिसका अर्थ है कि अब उन पर आपराधिक कार्यवाही का रास्ता पूरी तरह खुल गया है।
आगे क्या होगा
अपदस्थ राष्ट्रपति पेना की गिरफ्तारी किसी भी समय संभव है, क्योंकि राष्ट्रीय पुलिस को आदेश भेजा जा चुका है। पैराग्वे में अब उपराष्ट्रपति या संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार नया नेतृत्व सत्ता संभालेगा। यूएनो बैंक घोटाले की जाँच जारी है और अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।