7 नवंबर 2026
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यूरोप में बम धमकियों से 50+ उड़ानें प्रभावित, नाटो ने की हवाई गश्त; हाइब्रिड युद्ध का संदेह

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यूरोप में बम धमकियों से 50+ उड़ानें प्रभावित, नाटो ने की हवाई गश्त; हाइब्रिड युद्ध का संदेह

सारांश

यूरोप में एक हफ्ते से भी कम समय में 50 से अधिक उड़ानें बम धमकियों की चपेट में आईं — लड़ाकू विमान उठे, नाटो ने गश्त की, मीडिया संस्थानों को खाली कराया गया। कोई विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन सवाल बड़ा है: क्या यह हाइब्रिड युद्ध की नई रणभूमि है?

मुख्य बातें

2 से 6 नवंबर 2026 के बीच यूरोप में 50 से अधिक यात्री उड़ानें बम धमकियों से प्रभावित हुईं।
हंगरी ने अपने हवाई क्षेत्र में तीन बार लड़ाकू विमान भेजे; नाटो ने हंगरी-रोमानिया सीमा के पास हवाई गश्त की।
6 नवंबर को आरटीई (आयरलैंड) और नोवा टीवी (बुल्गारिया) समेत स्काई न्यूज़ (ब्रिटेन) को भी धमकियां मिलीं।
कुछ संदेशों में 'फाइटर्स ऑफ द मेल स्टेट' नाम का उल्लेख था — रूस से जुड़ा एक अति-राष्ट्रवादी संगठन — लेकिन भूमिका की पुष्टि नहीं हुई।
अब तक किसी भी विमान में विस्फोटक नहीं मिला और कोई यात्री हताहत नहीं हुआ।
स्पेनिश विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने इन्हें संभावित हाइब्रिड आक्रामकता और मनोवैज्ञानिक युद्ध का प्रयास बताया।

यूरोप के आसमान में 2 नवंबर से 6 नवंबर 2026 के बीच यात्री विमानों को लक्षित कर दी गई बम धमकियों की एक के बाद एक घटनाओं ने महाद्वीप की विमानन सुरक्षा व्यवस्था को हिला दिया है। बुल्गारिया, चेक गणराज्य, फ्रांस, इटली, हंगरी, साइप्रस, रोमानिया, ब्रिटेन और पुर्तगाल समेत कई देशों की दर्जनों उड़ानें या तो डायवर्ट की गईं, देरी से चलीं या सुरक्षा जांच के लिए उन्हें लड़ाकू विमानों की निगरानी में रखा गया। हालांकि अब तक किसी भी विमान में विस्फोटक नहीं मिला है और कोई यात्री हताहत नहीं हुआ है, लेकिन इस लगातार जारी सिलसिले ने यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियों और सरकारों को गहरी चिंता में डाल दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

6 नवंबर को यूरोप में निर्धारित कुल 26,709 उड़ानों में से 18 उड़ानें बम धमकियों से प्रभावित हुईं। इनमें प्राग आने-जाने वाली नौ उड़ानें, फ्रांस के हवाई क्षेत्र में चार विमान और सोफिया की ओर जाने वाले दो विमान शामिल थे। लिस्बन से रोम जा रही एक उड़ान को भी सुरक्षा अलर्ट का सामना करना पड़ा।

इससे पहले 5 नवंबर को यूरोप के करीब 20 विमानों को बम धमकियां मिली थीं। आयरलैंड के डबलिन से रोम जा रही एर लिंगस की एक उड़ान को फ्रांस के एवरू सैन्य हवाई अड्डे पर उतारा गया। बुल्गारिया ने मैड्रिड, कोपेनहेगन और लंदन से सोफिया जा रहे तीन रायनएयर विमानों को सुरक्षा एस्कॉर्ट प्रदान किया। रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार और गुरुवार को भी कम से कम 35 उड़ानों को डायवर्ट किया गया या उनकी सुरक्षा जांच कराई गई।

2 नवंबर को लंदन के ल्यूटन हवाई अड्डे से सोफिया जा रही विज एयर की उड़ान को बम धमकी मिलने पर बुडापेस्ट की ओर मोड़ा गया, जहां हंगरी के एक ग्रिपेन लड़ाकू विमान ने उसे एस्कॉर्ट किया। 3 नवंबर को भी यूरोप में सात विमानों की तलाशी ली गई या उनका रास्ता बदला गया।

नाटो की हवाई गश्त और सैन्य प्रतिक्रिया

इन घटनाओं की गंभीरता का सबसे बड़ा संकेत यह है कि हंगरी को अपने हवाई क्षेत्र में तीन बार लड़ाकू विमान भेजने पड़े। हंगरी के रक्षा मंत्री रोमुलुस रूसिन-सेंडी ने बताया कि ब्रसेल्स से सोफिया और प्राग से बुखारेस्ट तथा साइप्रस जा रहे यात्री विमानों को सैन्य विमानों ने एस्कॉर्ट किया। नाटो ने हंगरी और रोमानिया की सीमा के पास हवाई गश्त भी की।

इटली, फ्रांस और बुल्गारिया ने भी अपने-अपने लड़ाकू विमान हवा में उतारे। स्पेन के मैड्रिड-बाराखास हवाई अड्डे पर ईमेल के ज़रिए मिली धमकियों के कारण छह उड़ानें प्रभावित हुईं — जिनमें चार इबेरिया और दो एयर यूरोपा की उड़ानें थीं। ब्रिटेन के हीथ्रो और बर्मिंघम हवाई अड्डों को भी धमकियां मिलीं, लेकिन पुलिस जांच में कोई ठोस खतरा नहीं मिला।

मीडिया संस्थानों तक फैला दायरा

6 नवंबर को इन घटनाओं ने नया मोड़ लिया, जब आयरलैंड के सरकारी प्रसारक आरटीई और बुल्गारिया के नोवा टीवी को ईमेल के ज़रिए बम धमकियां मिलीं। आरटीई के डबलिन स्थित मुख्यालय को खाली कराना पड़ा और उसका प्रसारण कुछ समय के लिए बाधित रहा। ब्रिटेन के स्काई न्यूज़ ने भी सुरक्षा संबंधी धमकी मिलने की पुष्टि की।

रिपोर्टों के अनुसार, मीडिया संस्थानों को भेजे गए संदेशों में कथित तौर पर मिखाइल एंड्रोपोव नाम का इस्तेमाल किया गया था। संदेशों का शीर्षक 'मैसेज टू द वेस्ट' था और उनमें यूरोप में परिवहन के साधनों को निशाना बनाकर आगे हमले करने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि जांच एजेंसियां यह पुष्टि नहीं कर सकी हैं कि मीडिया संस्थानों और विमानों को मिली धमकियां एक ही स्रोत से भेजी गई थीं।

संदिग्ध संगठन और रूसी कनेक्शन

कुछ धमकी भरे ईमेल में 'फाइटर्स ऑफ द मेल स्टेट' नाम का उल्लेख था। यह रूस से जुड़ा एक दक्षिणपंथी, अति-राष्ट्रवादी और महिला-विरोधी आंदोलन रहा है, जिसकी स्थापना 2016 में व्लादिस्लाव पॉज्दन्याकोव ने की थी। हालांकि, इस संगठन की मौजूदा घटनाओं में भूमिका की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है और पॉज्दन्याकोव ने भी किसी संबंध से इनकार किया है।

यह ऐसे समय में आया है जब यूरोपीय देशों में हाइब्रिड खतरों को लेकर पहले से ही गहरी चिंता है। कुछ यूरोपीय अधिकारियों को संदेह है कि यूक्रेन के समर्थन में खड़े देशों को निशाना बनाकर नागरिक परिवहन और संचार व्यवस्था को अस्थिर करने की व्यापक कोशिश हो सकती है।

विशेषज्ञ और सरकारों की प्रतिक्रिया

स्पेनिश विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने घटनाओं के एक जैसे तौर-तरीकों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इन्हें संभावित हाइब्रिड आक्रामकता और मनोवैज्ञानिक युद्ध का प्रयास बताते हुए कहा कि इतने सारे देशों में एक साथ इस तरह की घटनाओं का होना महज संयोग नहीं हो सकता।

गौरतलब है कि 6 नवंबर को प्रभावित उड़ानों की संख्या उस दिन की कुल 26,709 निर्धारित उड़ानों का मात्र 0.0674 प्रतिशत थी। संख्या के लिहाज़ से यह भले ही छोटा आंकड़ा हो, लेकिन लगातार जारी इस सिलसिले ने विमानन कंपनियों, सुरक्षा एजेंसियों और यात्रियों सभी के सामने नई चुनौती पेश कर दी है। यूरोपीय जांच एजेंसियां इन ईमेल और धमकी भरे संदेशों के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में इस जांच की दिशा यह तय करेगी कि ये बिखरी हुई शरारतें हैं या किसी सुनियोजित मुहिम का हिस्सा।

संपादकीय दृष्टिकोण

सिर्फ धमकी ही काफी है लड़ाकू विमान उड़ाने, हवाई अड्डे बंद करने और लाखों यात्रियों में दहशत भरने के लिए। यह क्लासिक हाइब्रिड युद्ध की परिभाषा है — न गोली चली, न खून बहा, फिर भी संसाधन खर्च हुए, नागरिक जीवन बाधित हुआ और मनोवैज्ञानिक असर गहरा पड़ा। मुख्यधारा की कवरेज 'कोई खतरा नहीं मिला' की राहत में उलझी रह गई, जबकि असली कहानी यह है कि जांच एजेंसियां अभी तक धमकियों का स्रोत नहीं खोज पाई हैं। जब तक यह पहेली नहीं सुलझती, यूरोप के आसमान पर यह अदृश्य दबाव बना रहेगा।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूरोप में हवाई उड़ानों को बम धमकियां कब से और कहां से मिल रही हैं?
2 नवंबर 2026 से यूरोप के कई देशों में यात्री उड़ानों को ईमेल के ज़रिए बम धमकियां मिल रही हैं। बुल्गारिया, चेक गणराज्य, फ्रांस, इटली, हंगरी, साइप्रस, रोमानिया, ब्रिटेन, पुर्तगाल और स्पेन की उड़ानें प्रभावित हुई हैं। अब तक किसी भी विमान में विस्फोटक नहीं मिला है।
क्या इन धमकियों के पीछे रूस का हाथ है?
कुछ यूरोपीय अधिकारियों को संदेह है कि यूक्रेन के समर्थक देशों को हाइब्रिड गतिविधियों से निशाना बनाया जा रहा है। कुछ ईमेल में 'फाइटर्स ऑफ द मेल स्टेट' नामक रूस-संबद्ध संगठन का उल्लेख था, लेकिन इसकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच जारी है।
नाटो और यूरोपीय देशों ने इन धमकियों पर क्या कदम उठाए?
हंगरी ने तीन बार अपने हवाई क्षेत्र में लड़ाकू विमान भेजे और नाटो ने हंगरी-रोमानिया सीमा के पास हवाई गश्त की। इटली, फ्रांस, बुल्गारिया और हंगरी ने अपने लड़ाकू विमानों से यात्री विमानों को एस्कॉर्ट किया। सभी प्रभावित विमान सुरक्षित उतरे।
क्या इन धमकियों से आम यात्रियों को खतरा है?
अब तक किसी भी प्रभावित विमान में विस्फोटक नहीं मिला और कोई यात्री हताहत नहीं हुआ। हालांकि धमकियों के कारण उड़ानें डायवर्ट हुईं, देरी हुई और सुरक्षा जांच की गई, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई। सुरक्षा एजेंसियां हर धमकी पर पूरी प्रक्रिया अपना रही हैं।
'मैसेज टू द वेस्ट' धमकी क्या थी और मीडिया को क्यों निशाना बनाया गया?
6 नवंबर को आयरलैंड के आरटीई और बुल्गारिया के नोवा टीवी को ईमेल से बम धमकियां मिलीं जिनका शीर्षक 'मैसेज टू द वेस्ट' था। इनमें यूरोप के परिवहन साधनों पर भविष्य में हमले की चेतावनी थी। आरटीई के डबलिन मुख्यालय को खाली कराना पड़ा और प्रसारण अस्थायी रूप से बाधित हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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