यूरोप में एक साथ कई फ्लाइट्स को बम की धमकी, डबलिन-रोम 'एर लिंगस' फ्लाइट फ्रांस के एवरो में उतरी
सारांश
मुख्य बातें
डबलिन से रोम जा रही एर लिंगस की उड़ान को 5 नवंबर 2026 को बम की संदिग्ध धमकी मिलने के बाद फ्रांस के एवरो हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। विमान में सवार 151 यात्री और चालक दल के 6 सदस्य सभी सुरक्षित हैं। यह घटना उसी दिन हुई जब यूरोप भर में एक साथ कई उड़ानों को इसी तरह की धमकियाँ मिलीं।
मुख्य घटनाक्रम
फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने पुष्टि की कि एवरो हवाई अड्डे पर सभी यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बम निरोधक दस्ते मौके पर तैनात किए गए और स्थिति की निगरानी जारी रखी गई। फ्रांसीसी वायुसेना ने बताया कि धमकी की सूचना मिलते ही उसके लड़ाकू विमान रवाना कर दिए गए थे।
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, यह उड़ान आयरलैंड की राष्ट्रीय विमानन कंपनी एर लिंगस की थी, जो नियमित डबलिन–रोम मार्ग पर संचालित होती है।
यूरोप में व्यापक बम धमकियों का सिलसिला
इतालवी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, रोम जाने वाली और मिलान से उड़ान भरने वाली दो अन्य फ्लाइट्स को भी बम की धमकियाँ मिलीं। हेलसिंकी से रोम जा रही एक उड़ान इतालवी लड़ाकू विमानों की निगरानी में सुरक्षित उतरी।
फिनलैंड की राष्ट्रीय विमानन कंपनी फिनएयर के एक प्रवक्ता ने बताया कि हेलसिंकी से वियना जाने वाली जेटटाइम संचालित उड़ान को भी धमकी मिली थी, परंतु विमान बिना किसी अप्रिय घटना के सुरक्षित उतरा।
बुल्गारिया में रायन एयर की सोफिया जाने वाली तीन उड़ानों को भी बम की धमकियाँ मिलीं। परिवहन मंत्रालय के अनुसार, कोपेनहेगन और मैड्रिड से उड़ान भरने वाले दो विमान सुरक्षित सोफिया पहुँचे, जबकि लंदन से आने वाली तीसरी उड़ान का रूट बदलकर प्लोवदिव भेजा गया।
चेक गणराज्य में प्राग-बाउंड चार विमानों पर अलर्ट
चेक पुलिस ने बताया कि प्राग जाने वाले चार विमानों को भी बम की धमकियाँ मिलीं। पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'प्राग जा रहे चार विमानों में विस्फोटक उपकरण रखे जाने की धमकी मिलने के बाद हम प्राग एयरपोर्ट के अधिकारियों के साथ उनके उतरने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल हम इन धमकियों की गंभीरता को कम मान रहे हैं।'
पुलिस ने स्पष्ट किया कि खतरे को नजरअंदाज नहीं किया गया और यात्रियों तथा हवाई अड्डे के संचालन पर न्यूनतम प्रभाव को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए गए। सभी विमानों के उतरने के बाद विस्फोटक जाँच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। मामले की जाँच अब आतंकवाद, उग्रवाद और साइबर अपराध से जुड़े राष्ट्रीय केंद्र को सौंप दी गई है।
पूर्व में भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ
गौरतलब है कि इससे महज दो दिन पहले, मंगलवार को भी यूरोप की लगभग 10 फ्लाइट्स को बम की धमकियाँ मिली थीं, जिसके कारण वारसॉ हवाई अड्डे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था और इतालवी वायुसेना के विमानों को भी सक्रिय किया गया था। यह बताता है कि यूरोपीय विमानन क्षेत्र पर धमकियों का यह दौर एक अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि एक उभरते पैटर्न का हिस्सा हो सकता है।
आगे की स्थिति
फ्रांस, इटली, चेक गणराज्य, बुल्गारिया और फिनलैंड की सुरक्षा एजेंसियाँ इन धमकियों की जाँच कर रही हैं। धमकियों के स्रोत और मंशा का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। यूरोपीय विमानन नियामकों पर दबाव बढ़ेगा कि वे ऐसे समन्वित फर्जी या वास्तविक खतरों से निपटने के लिए साझा प्रोटोकॉल को मजबूत करें।