5 नवंबर 2026
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अग्निवीरों को स्थायी नौकरी के फैसले पर शिवसेना ने सराहा, राहुल गांधी पर झूठा नैरेटिव फैलाने का आरोप

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अग्निवीरों को स्थायी नौकरी के फैसले पर शिवसेना ने सराहा, राहुल गांधी पर झूठा नैरेटिव फैलाने का आरोप

सारांश

केंद्र सरकार के अग्निवीर स्थायीकरण फैसले को शिवसेना ने विपक्षी आरोपों का जवाब बताया। महाराष्ट्र के किसानों को दीपावली से पहले ₹7,500 करोड़ की अग्रिम सहायता मिली। साथ ही राहुल गांधी पर झूठा नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया गया — राजनीतिक तापमान तेज़।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता अरुण सावंत ने 5 नवंबर 2026 को केंद्र सरकार के अग्निवीर स्थायीकरण फैसले का स्वागत किया।
PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मंजूरी दी कि 4 साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को स्थायी सेना में नौकरी मिलेगी।
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को ₹7,500 करोड़ की अग्रिम सहायता मंजूर की; ₹3,650 करोड़ DBT के ज़रिये सीधे खातों में भेजे गए।
प्रति किसान ₹5,000 की दर से यह राशि दीपावली से पहले दी गई — केंद्र सहायता मिलने पर और राशि जोड़ी जाएगी।
सावंत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर झूठा नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया और 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान की घोषणा की।

शिवसेना प्रवक्ता अरुण सावंत ने 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्र सरकार के उस फैसले की सराहना की, जिसके तहत 4 साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को सेना में स्थायी नौकरी दी जाएगी। सावंत ने कहा कि इस निर्णय से विपक्ष का वह आरोप खारिज हो गया है कि अग्निवीरों को सेवा के बाद बेसहारा छोड़ दिया जाएगा।

अग्निवीर नीति पर सरकार का बड़ा कदम

सावंत ने कहा, 'जो अग्निवीर सेवा कर रहे हैं, उन्हें पहले डर था कि आगे क्या होगा। इसे लेकर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट में मंजूरी दी कि जिस अग्निवीर ने अपनी चार साल की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें स्थायी रूप से सेना में ही नौकरी दी जाएगी और स्थायी सेवा करने वालों की मान्यता मिलेगी।' उन्होंने इस फैसले का पूरे महाराष्ट्र की ओर से स्वागत किया और कहा कि यह बेरोज़गारी कम करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

महाराष्ट्र के किसानों को ₹7,500 करोड़ की अग्रिम सहायता

सावंत ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा किसानों को दी गई ₹7,500 करोड़ की अग्रिम राहत का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बुधवार को ₹3,650 करोड़ किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से डाले गए, जिसमें प्रति किसान ₹5,000 की दर से राशि दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अंतिम नहीं है — केंद्र सरकार की सहायता आने के बाद राज्य सरकार अपने संसाधन जोड़कर और मदद देगी।

दीपावली के मौसम का हवाला देते हुए सावंत ने कहा कि किसानों के घर में त्योहार की खुशी बनी रहे, इसीलिए यह अग्रिम राशि समय पर दी गई। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि किसानों के पशुओं — गाय, भैंस और अन्य पालतू जानवरों — के लिए चारे और पानी की व्यवस्था भी शीघ्र सुनिश्चित की जाए।

राहुल गांधी और विपक्ष पर तीखा प्रहार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सावंत ने आरोप लगाया कि वे 'हर दिन पोस्ट करके या बयान देकर देश और महाराष्ट्र की जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक तरफ लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जब महाराष्ट्र में किसानों और दुग्ध उत्पादकों ने अपनी पसंद के प्रतिनिधियों को चुना और स्वयं गांधी ने भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार स्वीकार की, तो यह साबित होता है कि मतदान प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं है।

'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान

सावंत ने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और उद्धव बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना 'अराजकता और लोकतंत्र संकट' का नैरेटिव बनाने में जुटी हैं, जो उनके अनुसार तथ्यहीन है। इसका जवाब देने के लिए BJP और शिवसेना मिलकर 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ देशभर में रैलियाँ आयोजित कर रहे हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में चल रहे अभियानों और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में निकाली जा रही रैलियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी रैलियाँ हर सप्ताह होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की 150 करोड़ जनता को सच बताना उनका दायित्व है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार लोकतंत्र को मज़बूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसका स्पष्ट खुलासा अभी नहीं हुआ है। महाराष्ट्र के किसानों को ₹7,500 करोड़ की अग्रिम सहायता दीपावली से ठीक पहले देना राजनीतिक संदर्भ में भी देखा जाएगा, क्योंकि राज्य में कृषि संकट और सरकार की जवाबदेही को लेकर बहस जारी है। विपक्ष के 'लोकतंत्र संकट' के नैरेटिव को रैलियों से काटने की कोशिश सत्तापक्ष की नई रणनीति है, पर क्या यह ज़मीनी चिंताओं का जवाब देती है — यह देखना होगा।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्निवीरों को स्थायी नौकरी देने का फैसला क्या है?
केंद्र सरकार ने कैबिनेट में मंजूरी दी है कि जो अग्निवीर अपनी 4 साल की सेवा पूरी कर लेंगे, उन्हें सेना में स्थायी रूप से नौकरी दी जाएगी। शिवसेना के अनुसार यह फैसला विपक्ष के उस आरोप को खारिज करता है कि अग्निवीरों को सेवा के बाद बेसहारा छोड़ दिया जाएगा।
महाराष्ट्र के किसानों को ₹7,500 करोड़ की सहायता क्यों दी गई?
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को दीपावली से पहले अग्रिम राहत के तौर पर ₹7,500 करोड़ मंजूर किए, जिसमें से ₹3,650 करोड़ DBT के ज़रिये ₹5,000 प्रति किसान की दर से सीधे खातों में भेजे गए। यह राशि अंतिम नहीं है; केंद्र सरकार की सहायता आने पर राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी जोड़कर और धन देगी।
शिवसेना ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना प्रवक्ता अरुण सावंत ने राहुल गांधी पर झूठा नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांधी एक तरफ चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं और दूसरी तरफ महाराष्ट्र में BJP की हार खुद स्वीकार करते हैं, जो साबित करता है कि मतदान में कोई गड़बड़ी नहीं है।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान क्या है?
BJP और शिवसेना मिलकर 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ महाराष्ट्र और देशभर में रैलियाँ आयोजित कर रहे हैं। इसका उद्देश्य विपक्ष के उस प्रचार का जवाब देना है जिसमें संविधान और लोकतंत्र पर खतरे का दावा किया जाता है।
महाराष्ट्र में महायुति सरकार का नेतृत्व कौन कर रहा है?
महाराष्ट्र में महायुति सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। शिवसेना प्रवक्ता के अनुसार इनके नेतृत्व में राज्य में लोकतंत्र पूरी तरह मज़बूत है।
राष्ट्र प्रेस
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