एलआईसी का Q2 FY27 मुनाफा 19.96% बढ़कर ₹12,114 करोड़, नेट प्रीमियम आय ₹1.47 लाख करोड़ के पार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने 5 नवंबर 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के वित्तीय नतीजे जारी किए, जिनमें कंपनी का कंसोलिडेटेड कर-पश्चात (PAT) मुनाफा सालाना आधार पर 19.96 प्रतिशत बढ़कर ₹12,114.78 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आँकड़ा ₹10,098.48 करोड़ था। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी की नेट प्रीमियम आय भी इस अवधि में ₹1,47,433.15 करोड़ पर पहुँच गई।
नेट प्रीमियम आय में उछाल
एलआईसी की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, Q2 FY27 में नेट प्रीमियम आय सालाना आधार पर 16.15 प्रतिशत बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में यह आय ₹1,26,930.04 करोड़ थी। यह वृद्धि मुख्यतः रिन्यूएल और सिंगल प्रीमियम श्रेणियों में हुई मजबूत बढ़त की देन है।
रिन्यूएल प्रीमियम आय सालाना आधार पर बढ़कर ₹68,717.96 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹65,320.48 करोड़ थी। वहीं, सिंगल प्रीमियम आय पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के ₹50,882.30 करोड़ से उल्लेखनीय रूप से बढ़कर ₹68,425.31 करोड़ पर पहुँच गई।
पहले साल का प्रीमियम और निवेश आय
हालाँकि, पहले साल के प्रीमियम (फर्स्ट-ईयर प्रीमियम) से आय सालाना आधार पर मामूली घटकर ₹10,483.85 करोड़ रह गई, जो वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में ₹10,884.48 करोड़ थी। नए व्यवसाय में यह सुस्ती कंपनी के लिए एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी।
निवेश से शुद्ध आय Q2 FY27 में सालाना 2.22 प्रतिशत बढ़कर ₹1,15,033.85 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹1,12,528.25 करोड़ थी। यह संकेत देता है कि एलआईसी का विशाल निवेश पोर्टफोलियो स्थिर, यद्यपि अपेक्षाकृत धीमी, वृद्धि दर्ज कर रहा है।
परिचालन खर्च और कमीशन
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एलआईसी ने कमीशन पर कुल ₹6,089.30 करोड़ खर्च किए, जो वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही के ₹5,807.35 करोड़ से अधिक है। परिचालन लागत में यह बढ़ोतरी व्यवसाय विस्तार के साथ-साथ एजेंट नेटवर्क को मजबूत बनाने के प्रयासों को दर्शाती है।
शेयर बाज़ार में प्रदर्शन
नतीजे घोषित होने से पहले कारोबारी सत्र में एलआईसी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹408 पर लगभग सपाट बंद हुआ। रिटर्न के मोर्चे पर, कंपनी ने बीते एक महीने में 4.97 प्रतिशत और बीते छह महीने में 2.09 प्रतिशत का सकारात्मक रिटर्न दिया है। हालाँकि, बीते एक साल में एलआईसी ने 8.94 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न दर्ज किया है, जो दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक सतर्कता का संकेत है।
आगे देखें तो एलआईसी के लिए पहले साल की प्रीमियम आय में गिरावट को पलटना और शेयर की कमज़ोर वार्षिक रिटर्न की स्थिति को सुधारना दो प्रमुख चुनौतियाँ बनी हुई हैं।