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हैदराबाद में 38 आत्म गौरव भवन: रेवंत रेड्डी सरकार ने ₹88.50 करोड़ मंजूर, BC संगठनों को सौंपे आदेश

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हैदराबाद में 38 आत्म गौरव भवन: रेवंत रेड्डी सरकार ने ₹88.50 करोड़ मंजूर, BC संगठनों को सौंपे आदेश

सारांश

तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार ने हैदराबाद में पिछड़े वर्गों के 38 संगठनों के लिए ₹88.50 करोड़ की मंजूरी दी है। भूमि पहले से आवंटित थी, पर अड़चनें आड़े आ रही थीं — अब HMDA के सहयोग से रास्ता साफ हुआ और एक साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

मुख्य बातें

तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद में पिछड़े वर्गों के 38 संगठनों के लिए 'आत्म गौरव भवनों' के निर्माण हेतु ₹88.50 करोड़ मंजूर किए।
5 नवंबर 2026 को सरकारी आदेश जारी; BC कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने जाति संगठनों को दस्तावेज़ सौंपे।
HMDA के सहयोग से प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनें दूर; भूमि 'रेडी-टू-कन्स्ट्रक्ट' अवस्था में तैयार।
निर्माण की समय-सीमा एक वर्ष ; देरी पर संगठन प्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
मंत्री ने BC संगठनों की भूमि वापसी की अफवाहों को खारिज कर भूमि सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
हैदराबाद में पाँच एकड़ पर एकीकृत 'बीसी भवन' बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने हैदराबाद में पिछड़े वर्गों के 38 संगठनों के लिए 'आत्म गौरव भवनों' (सामुदायिक केंद्रों) के निर्माण हेतु ₹88.50 करोड़ की राशि मंजूर की है। 5 नवंबर 2026 को जारी सरकारी आदेशों के साथ संबंधित जाति संगठनों के प्रतिनिधियों को आधिकारिक दस्तावेज सौंप दिए गए, जिससे लंबे समय से अटके इन निर्माण कार्यों को अब हरी झंडी मिल गई है।

मुख्य घटनाक्रम

पिछड़ा वर्ग (BC) कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने विभिन्न जाति संगठनों के प्रतिनिधियों को आधिकारिक सरकारी आदेश के दस्तावेज सौंपे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देशों और उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री भट्टी विक्रमार्का के आदेशों के बाद यह निर्माण कार्य तेज़ किया जा रहा है।

गौरतलब है कि इन भवनों के लिए भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी थी, परंतु कुछ प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका था। अब हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के सहयोग से इन बाधाओं को दूर कर लिया गया है और आवंटित भूमि को 'रेडी-टू-कन्स्ट्रक्ट' स्थिति में तैयार किया गया है।

सरकार की प्रतिबद्धता और समय-सीमा

मंत्री प्रभाकर ने स्पष्ट किया कि संबंधित सामुदायिक संगठनों की ज़िम्मेदारी है कि वे आवंटित फंड का उपयोग करते हुए एक वर्ष की निर्धारित समय-सीमा के भीतर — या प्रत्येक निर्माण स्थल की विशिष्ट आवश्यकता के अनुसार — भवन निर्माण पूरा करें। उन्होंने चेतावनी दी कि देरी की स्थिति में संबंधित संगठनों के प्रतिनिधियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

निर्माण अनुमतियों के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे इंजीनियरिंग विभाग और HMDA के बीच समन्वय सुनिश्चित होगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग हर महीने निर्माण प्रगति की समीक्षा करेगा और नियमित स्टेटस रिपोर्ट लेगा।

भूमि वापसी की अफवाहों पर सरकार का जवाब

मंत्री प्रभाकर ने उन खबरों को सिरे से खारिज किया जिनमें दावा किया गया था कि सरकार BC संगठनों को आवंटित भूमि वापस लेना चाहती है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ये भूमियाँ कमज़ोर वर्गों की संपत्ति हैं और मौजूदा कांग्रेस सरकार समेत कोई भी सरकार इन्हें वापस नहीं लेगी। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए इन संपत्तियों की पूर्ण सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

व्यापक बीसी भवन का प्रस्ताव

मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने हैदराबाद में पाँच एकड़ भूमि पर एक व्यापक 'बीसी भवन' के निर्माण का सुझाव भी दिया। यह भवन सभी पिछड़ा वर्ग समुदायों के लिए एक साझा मंच के रूप में काम करेगा, जहाँ जयंती समारोह, बैठकें और विविध सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।

यह पहल ऐसे समय में आई है जब तेलंगाना में पिछड़ा वर्ग मतदाता राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं, और कांग्रेस सरकार के लिए यह सामाजिक उत्थान से जुड़ी नीतिगत प्रतिबद्धता का व्यावहारिक प्रमाण भी है। आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं की ज़मीनी प्रगति यह तय करेगी कि ये घोषणाएँ केवल कागज़ पर रहती हैं या सामुदायिक सशक्तिकरण में बदलती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ एक साल की समय-सीमा कितनी व्यावहारिक है। भूमि वापसी की अफवाहों पर सफाई देने की नौबत आना यह संकेत देता है कि सामुदायिक विश्वास अभी भी पूरी तरह नहीं बना। सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और मासिक समीक्षा का वादा सही दिशा में है, परंतु जवाबदेही का बोझ संगठनों पर डालना सरकार को नैतिक ज़िम्मेदारी से आंशिक रूप से मुक्त करने की कोशिश भी दिखती है।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आत्म गौरव भवन क्या हैं और हैदराबाद में इनके लिए कितनी राशि मंजूर की गई है?
आत्म गौरव भवन पिछड़े वर्गों के सामुदायिक संगठनों के लिए बनाए जाने वाले सामुदायिक केंद्र हैं। तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद में 38 BC संगठनों के लिए इनके निर्माण हेतु ₹88.50 करोड़ मंजूर किए हैं, जिनका उद्देश्य पिछड़े वर्गों का सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक उत्थान करना है।
इन भवनों का निर्माण कब तक पूरा होने की उम्मीद है?
BC कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर के अनुसार, लक्ष्य एक वर्ष के भीतर या प्रत्येक निर्माण स्थल की विशिष्ट आवश्यकता के अनुसार तय समय-सीमा में निर्माण पूरा करना है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग हर महीने प्रगति की समीक्षा करेगा।
पहले निर्माण क्यों नहीं शुरू हो सका था?
भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी थी, लेकिन कुछ प्रशासनिक और तकनीकी समस्याओं के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका था। HMDA के सहयोग से इन बाधाओं को दूर किया गया है और भूमि अब 'रेडी-टू-कन्स्ट्रक्ट' स्थिति में है।
क्या सरकार BC संगठनों की आवंटित भूमि वापस लेने की योजना बना रही है?
नहीं। मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने ऐसी खबरों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये भूमियाँ कमज़ोर वर्गों की संपत्ति हैं और मौजूदा कांग्रेस सरकार समेत कोई भी सरकार इन्हें कभी वापस नहीं लेगी।
प्रस्तावित 'बीसी भवन' क्या होगा और इसके लिए कितनी भूमि चाहिए?
मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने हैदराबाद में पाँच एकड़ भूमि पर एक व्यापक 'बीसी भवन' के निर्माण का सुझाव दिया है। यह भवन सभी पिछड़ा वर्ग समुदायों के लिए एक साझा स्थान होगा, जहाँ जयंती समारोह, बैठकें और विविध सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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