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भारत योग क्रांति: 2030 तक 10 लाख योग शिक्षक तैयार करेगा अक्षर योग केंद्र

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भारत योग क्रांति: 2030 तक 10 लाख योग शिक्षक तैयार करेगा अक्षर योग केंद्र

सारांश

अक्षर योग केंद्र का 'भारत योग क्रांति' अभियान केवल योग प्रसार की पहल नहीं — यह आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को रोज़गार और आत्मनिर्भरता देने का दांव है। 2030 तक 10 लाख शिक्षक, पहले चरण में 1,500 को पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण — हिमालयन सिद्धा अक्षर की इस महत्वाकांक्षी योजना का असली इम्तिहान क्रियान्वयन में होगा।

मुख्य बातें

अक्षर योग केंद्र ने 5 नवंबर 2026 को बेंगलुरु से 'भारत योग क्रांति' राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की।
लक्ष्य: वर्ष 2030 तक 10 लाख पेशेवर योग शिक्षकों को प्रशिक्षित करना।
पहले चरण में 1,500 प्रतिभागियों को 45 दिवसीय आवासीय कार्यक्रम के लिए पूर्णतः वित्तपोषित छात्रवृत्ति।
आवास, भोजन, वस्त्र, योग उपकरण, प्रमाणन और रोज़गार सहायता सभी निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे।
संस्था को आयुष मंत्रालय द्वारा ' लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन ' का दर्जा प्राप्त; अब तक 50,000+ शिक्षकों को प्रशिक्षण और 80+ देशों में उपस्थिति।
संस्था के अनुसार अब तक 42 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और 2 करोड़+ शिक्षार्थियों तक पहुँच।

अक्षर योग केंद्र ने 5 नवंबर 2026 को बेंगलुरु से 'भारत योग क्रांति' अभियान की शुरुआत की, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक देशभर में 10 लाख पेशेवर योग शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है। संस्था के संस्थापक हिमालयन सिद्धा अक्षर के नेतृत्व में शुरू की गई यह पहल विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों को योग शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, कौशल विकास और रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

अभियान का पहला चरण

इस राष्ट्रीय अभियान के प्रथम चरण में देशभर से चुने गए 1,500 प्रतिभागियों को बेंगलुरु में आयोजित 45 दिवसीय आवासीय योग शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पूर्णतः वित्तपोषित छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। यह प्रशिक्षण निःशुल्क होगा, जिसमें प्रतिभागियों को आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र, अध्ययन सामग्री और योग उपकरण बिना किसी खर्च के मिलेंगे।

सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रतिभागियों को प्रमाणन, करियर मार्गदर्शन, रोज़गार सहायता और उद्यमिता समर्थन भी प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि यह संरचना योग प्रशिक्षण को एक पेशेवर करियर मार्ग के रूप में स्थापित करने का प्रयास है, न कि केवल शारीरिक अभ्यास का माध्यम।

प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में क्या शामिल

प्रशिक्षण कार्यक्रम में पारंपरिक योग अभ्यास, मानसिक स्वास्थ्य, समग्र स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षण पद्धति और पेशेवर विकास जैसे विविध विषय शामिल होंगे। प्रतिभागियों को अनुभवी योग गुरुओं और प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा।

'नया भारत, नई ऊर्जा, नया भविष्य' थीम पर आधारित इस अभियान के माध्यम से संस्था का लक्ष्य योग को एक आर्थिक सशक्तिकरण के उपकरण के रूप में भी प्रस्तुत करना है।

संस्थापक की बात

इस पहल की घोषणा करते हुए हिमालयन सिद्धा अक्षर ने कहा, 'योग भारत की दुनिया को सबसे बड़ी देनों में से एक है। हमारा मानना है कि इसकी शिक्षा और लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचने चाहिए, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। भारत योग क्रांति के माध्यम से हम लोगों को पेशेवर कौशल, रोज़गार के अवसर और समाज की सेवा करने का मंच प्रदान करना चाहते हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'वर्ष 2030 तक 10 लाख योग शिक्षकों को तैयार करने का हमारा लक्ष्य योग शिक्षा को देश के हर कोने तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।'

संस्था की साख और पहुँच

अक्षर योग केंद्र को योग सर्टिफिकेशन बोर्ड, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' का दर्जा प्राप्त है। संस्था के आँकड़ों के अनुसार, अब तक 42 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए जा चुके हैं, 50,000 से अधिक योग शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है, 2 करोड़ से अधिक शिक्षार्थियों तक पहुँच बनाई गई है और 80 से अधिक देशों में संस्था की उपस्थिति है।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार का आयुष मंत्रालय योग को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवा और रोज़गार सृजन से जोड़ने के प्रयास तेज़ कर रहा है। संस्था का कहना है कि प्रशिक्षित योग शिक्षक अपने समुदायों में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे।

आगे की राह

अभियान को देश में योग-आधारित कौशल और रोज़गार सृजन की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में इस पहल से लाखों युवाओं को एक सम्मानजनक और टिकाऊ आजीविका का मार्ग मिल सकता है — बशर्ते कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोज़गार सहायता का वादा ज़मीन पर भी उतना ही प्रभावी साबित हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या प्रशिक्षण के बाद रोज़गार सहायता का वादा ज़मीन पर टिकता है — भारत में कौशल विकास अभियानों का इतिहास बताता है कि प्रमाणन और वास्तविक रोज़गार के बीच की खाई अक्सर चौड़ी होती है। संस्था की पहुँच — 80 देश, 2 करोड़ शिक्षार्थी — प्रभावशाली है, लेकिन 10 लाख शिक्षकों का लक्ष्य मौजूदा आधार से 20 गुना छलाँग है। यह पहल तब सही मायनों में 'क्रांति' बनेगी जब प्रशिक्षित शिक्षकों की आजीविका के आँकड़े पारदर्शी रूप से सार्वजनिक हों और आयुष मंत्रालय इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य ढाँचे से जोड़े।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'भारत योग क्रांति' अभियान क्या है?
यह अक्षर योग केंद्र द्वारा 5 नवंबर 2026 को शुरू किया गया राष्ट्रीय अभियान है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 10 लाख पेशेवर योग शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है। यह अभियान विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए योग शिक्षा, कौशल विकास और रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
इस अभियान के पहले चरण में क्या मिलेगा?
पहले चरण में देशभर से चुने गए 1,500 प्रतिभागियों को बेंगलुरु में 45 दिवसीय आवासीय योग शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए पूर्णतः निःशुल्क छात्रवृत्ति मिलेगी। आवास, भोजन, वस्त्र, अध्ययन सामग्री, योग उपकरण, प्रमाणन, करियर मार्गदर्शन और रोज़गार सहायता सभी बिना किसी खर्च के उपलब्ध कराई जाएंगी।
अक्षर योग केंद्र को किस सरकारी संस्था की मान्यता प्राप्त है?
अक्षर योग केंद्र को योग सर्टिफिकेशन बोर्ड, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ' लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन ' का दर्जा प्राप्त है। संस्था के अनुसार अब तक 42 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए गए हैं और 50,000 से अधिक योग शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
इस पहल से किसे फायदा होगा?
यह पहल मुख्यतः आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के युवाओं को लक्षित करती है जो पेशेवर योग शिक्षक बनना चाहते हैं। प्रशिक्षण के बाद ये शिक्षक अपने समुदायों में योग और स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कौन-कौन से विषय पढ़ाए जाएंगे?
प्रशिक्षण में पारंपरिक योग अभ्यास, मानसिक स्वास्थ्य, समग्र स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षण पद्धति और पेशेवर विकास जैसे विषय शामिल होंगे। प्रतिभागियों को अनुभवी योग गुरुओं और प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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