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गुजरात बना देश में सर्वाधिक योग शिक्षकों वाला राज्य, 4,985 निःशुल्क कक्षाओं में रोज़ 5 लाख नागरिक

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गुजरात बना देश में सर्वाधिक योग शिक्षकों वाला राज्य, 4,985 निःशुल्क कक्षाओं में रोज़ 5 लाख नागरिक

सारांश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले गुजरात ने बड़ी उपलब्धि दर्ज की — 4,985 निःशुल्क कक्षाएं, 1.50 लाख प्रमाणित प्रशिक्षक और रोज़ 5 लाख नागरिकों की भागीदारी के साथ राज्य देश में योग का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।

मुख्य बातें

गुजरात देश में सर्वाधिक योग शिक्षकों और योग कक्षाओं वाला राज्य बन गया है।
राज्य में 4,985 से अधिक निःशुल्क योग कक्षाएं संचालित हैं; प्रतिदिन 4 से 5 लाख नागरिक योगाभ्यास करते हैं।
गुजरात राज्य योग बोर्ड ने 6 वर्षों में 1.50 लाख से अधिक प्रमाणित योग प्रशिक्षक तैयार किए और 750 योग कोच की स्थायी नियुक्ति की।
वर्ष 2026 में 763 योग शिविरों में 8.04 लाख से अधिक नागरिकों ने भाग लिया।
'योग संवाद' कार्यक्रमों में 2020 से अब तक 12.17 लाख से अधिक लोग शामिल हुए।
' मेदस्विता मुक्त गुजरात अभियान ' के तहत 25 हज़ार से अधिक नागरिकों ने स्वस्थ जीवनशैली का संकल्प लिया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पूर्व गुजरात ने योग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है — राज्य अब देश में सर्वाधिक योग शिक्षकों और सर्वाधिक योग कक्षाओं वाला राज्य बन गया है। गुजरात राज्य योग बोर्ड के चेयरमैन शीशपाल राजपूत ने 19 जून 2026 को गांधीनगर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में पूरे राज्य में 4,985 से अधिक निःशुल्क योग कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जिनमें प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख नागरिक योगाभ्यास करते हैं।

योग बोर्ड की स्थापना और विस्तार

राजपूत के अनुसार, गुजरात राज्य योग बोर्ड की स्थापना के बाद राज्य में योग गतिविधियों को अभूतपूर्व गति मिली है। बोर्ड ने गत 6 वर्षों में 1.50 लाख से अधिक प्रमाणित योग प्रशिक्षक तैयार किए हैं और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देने के लिए 750 योग कोच की स्थायी नियुक्ति भी की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार योग को वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन के रूप में स्थापित करने पर बल दे रही है।

योग शिविरों में लाखों की भागीदारी

वर्ष 2026 के दौरान राज्यव्यापी स्वास्थ्य जागृति अभियान के तहत आयोजित 763 योग शिविरों में 8.04 लाख से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया। 2020 से अब तक आयोजित 'योग संवाद' कार्यक्रमों में 12.17 लाख से अधिक लोग शामिल हुए हैं। गौरतलब है कि यह भागीदारी केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रही — बोर्ड ने 'हर घर योग' और 'निरामय गुजरात' के लक्ष्य के साथ योग को राज्य के हर जिले, तहसील और गांव तक पहुँचाने का दावा किया है।

बच्चों और युवाओं पर विशेष ध्यान

निःशुल्क समर योग शिविरों के माध्यम से बच्चों और युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली के संस्कार विकसित करने की पहल के तहत गत चार वर्षों में 76 हज़ार से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। राजपूत ने रेखांकित किया कि आज योग केवल वरिष्ठ नागरिकों तक सीमित नहीं रहा — बच्चे, युवा, महिलाएं, उद्योगपति, सरकारी अधिकारी और विभिन्न पेशों से जुड़े लोग इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं।

मोटापा-मुक्ति अभियान और स्वास्थ्य लक्ष्य

'मेदस्विता मुक्त गुजरात अभियान' के तहत आयोजित विशेष योग शिविरों में 25 हज़ार से अधिक नागरिकों ने मोटापे के खिलाफ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया है। बोर्ड के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योग को वैश्विक जनआंदोलन बनाने के विजन को साकार करने में गुजरात अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर राज्य में और बड़े आयोजनों की तैयारी की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'सर्वाधिक' का दावा तब तक अधूरा है जब तक कोई स्वतंत्र राष्ट्रीय तुलनात्मक डेटा सामने न आए — यह आँकड़े स्वयं राज्य योग बोर्ड के हैं, जो कि एक हितधारक संस्था है। 1.50 लाख प्रशिक्षकों का नेटवर्क निस्संदेह बड़ा है, परंतु प्रश्न यह है कि इनमें से कितने सक्रिय रूप से कक्षाएं संचालित कर रहे हैं और इनकी गुणवत्ता का मापन कैसे होता है। 'हर घर योग' जैसे नारे राजनीतिक रूप से आकर्षक हैं, किंतु सार्वजनिक स्वास्थ्य पर वास्तविक प्रभाव — जैसे मोटापे की दर या जीवनशैली रोगों में कमी — के लिए दीर्घकालिक स्वतंत्र मूल्यांकन ज़रूरी होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात देश में सर्वाधिक योग शिक्षकों वाला राज्य कैसे बना?
गुजरात राज्य योग बोर्ड ने गत 6 वर्षों में 1.50 लाख से अधिक प्रमाणित योग प्रशिक्षक तैयार किए और 750 योग कोच की स्थायी नियुक्ति की। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में 4,985 से अधिक निःशुल्क योग कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
गुजरात में प्रतिदिन कितने लोग योगाभ्यास करते हैं?
गुजरात राज्य योग बोर्ड के अनुसार, राज्य में संचालित 4,985 से अधिक निःशुल्क योग कक्षाओं में प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख नागरिक योगाभ्यास करते हैं।
'मेदस्विता मुक्त गुजरात अभियान' क्या है?
यह गुजरात राज्य योग बोर्ड द्वारा मोटापे से मुक्ति के लिए चलाया जा रहा विशेष अभियान है। इसके तहत आयोजित योग शिविरों में 25 हज़ार से अधिक नागरिकों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया है।
गुजरात में 2026 में कितने योग शिविर आयोजित हुए और कितने लोगों ने भाग लिया?
वर्ष 2026 के दौरान राज्यव्यापी स्वास्थ्य जागृति अभियान के तहत 763 योग शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 8.04 लाख से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया।
'हर घर योग' और 'निरामय गुजरात' अभियान का उद्देश्य क्या है?
गुजरात राज्य योग बोर्ड का लक्ष्य 'हर घर योग' और 'निरामय गुजरात' के तहत योग को राज्य के हर जिले, तहसील और गांव तक पहुँचाना है। इस अभियान के माध्यम से बच्चों, युवाओं, महिलाओं और विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों को योग से जोड़ा जा रहा है।
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