राजकोट बनेगा भारत का पहला '15-मिनट योग शहर', CM भूपेंद्र पटेल ने 12वें योग दिवस पर किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 21 जून 2026 को गांधीनगर जिले के मनसा में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राज्य-स्तरीय समारोह में एक ऐतिहासिक घोषणा की — राजकोट अब भारत का पहला '15-मिनट योग शहर' बनने की दिशा में अग्रसर होगा। यह पहल गुजरात राज्य योग बोर्ड और राजकोट नगर निगम के बीच हुए एक विशेष समझौते के तहत शुरू की गई है।
क्या है '15-मिनट योग शहर' की अवधारणा
इस पहल का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राजकोट शहर में किसी भी स्थान से अधिकतम 15 मिनट की दूरी पर एक सक्रिय योग केंद्र उपलब्ध हो। गुजरात राज्य योग बोर्ड और राजकोट नगर निगम के बीच हुए इस समझौते को शहरी स्वास्थ्य अवसंरचना की दिशा में एक नई सोच के रूप में देखा जा रहा है। यह देश में अपनी तरह की पहली नागरिक-स्तरीय योग नेटवर्किंग योजना है।
समारोह में भागीदारी के आँकड़े
राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में गुजरात भर में 330 से अधिक स्थानों पर एक साथ योग सत्र आयोजित किए गए, जिनमें 1.25 करोड़ से अधिक बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुए राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का लाइव प्रसारण भी देखा।
मुख्यमंत्री का संदेश और गुजरात की उपलब्धियाँ
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा, 'आइए, योग को राष्ट्र-निर्माण की एक ताकत बनाएं और 'विकसित गुजरात से विकसित भारत 2047' के संकल्प को पूरा करें।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग को वार्षिक आयोजन तक सीमित न रखकर नागरिकों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष का योग दिवस प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मनाया जा रहा है।
गुजरात की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि गुजरात राज्य योग बोर्ड ने देश में सर्वाधिक 1.5 लाख योग प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया है। इसके अलावा राज्य में 5,000 से अधिक निःशुल्क योग कक्षाओं के माध्यम से एक ही वर्ष में 8 लाख से अधिक लोगों को योग गतिविधियों से जोड़ा गया।
स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी अपील
आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि योग उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोगों जैसी बीमारियों से निपटने में सहायक है। उन्होंने 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग' को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलों — 'एक पेड़ मां के नाम', 'कैच द रेन', सौर ऊर्जा संवर्धन, प्राकृतिक खेती और मिशन लाइफ — का उल्लेख करते हुए उन्होंने इन्हें संतुलित जीवनशैली का आधार बताया।
आगे की राह
राज्य योग बोर्ड के अध्यक्ष शीशपाल राजपूत ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का स्वागत किया और वर्षभर योग को दैनिक जीवन में शामिल करने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को 'कॉमन योग प्रोटोकॉल' के तहत योग भी कराया। राजकोट की यह पहल यदि सफल रही, तो यह देश के अन्य शहरों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बन सकती है।