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अक्षर योग केंद्र को आयुष मंत्रालय की सर्वोच्च मान्यता, 'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' का दर्जा

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अक्षर योग केंद्र को आयुष मंत्रालय की सर्वोच्च मान्यता, 'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' का दर्जा

सारांश

बेंगलुरु का अक्षर योग केंद्र अब सरकारी मुहर के साथ देश के शीर्ष योग संस्थानों की पंक्ति में खड़ा है। आयुष मंत्रालय के YCB ने 'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' का सर्वोच्च दर्जा देकर 20 साल की साधना को औपचारिक स्वीकृति दी है — 80 देशों, 2 करोड़ अभ्यासकर्ता और 42 गिनीज रिकॉर्ड के साथ।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय के योग सर्टिफिकेशन बोर्ड (YCB) ने अक्षर योग केंद्र, बेंगलुरु को 'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' का सर्वोच्च संस्थागत दर्जा प्रदान किया।
यह YCB के संस्थागत प्रत्यायन ढाँचे की सर्वोच्च श्रेणी है, जो विरासत, बुनियादी ढाँचे और शैक्षणिक योगदान के आधार पर दी जाती है।
संस्थान की पहुँच 80 से अधिक देशों में 2 करोड़ से ज़्यादा छात्रों तक और 50,000 से अधिक प्रशिक्षित योग शिक्षकों तक है।
केंद्र ने योग के क्षेत्र में 42 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए हैं।
अब संस्थान YCB दिशानिर्देशों के तहत योग मास्टर, चिकित्सक, स्कूल शिक्षक सहित कई श्रेणियों में प्रशिक्षण और मूल्यांकन का अधिकार रखता है।
जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में विस्तार की योजना जारी है।

बेंगलुरु स्थित अक्षर योग केंद्र को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत योग सर्टिफिकेशन बोर्ड (YCB) ने 'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' — अर्थात प्रमुख योग संस्थान — का दर्जा प्रदान किया है। यह मान्यता YCB के संस्थागत प्रत्यायन ढाँचे की सर्वोच्च श्रेणी है और उन चुनिंदा संस्थानों को दी जाती है जो विरासत, बुनियादी ढाँचे, शैक्षणिक व्यवस्था और योग शिक्षा में निरंतर योगदान की कसौटी पर खरे उतरते हैं। इस उपलब्धि के साथ अक्षर योग केंद्र अब देश के शीर्ष योग संस्थानों की औपचारिक सूची में शामिल हो गया है।

दो दशकों की यात्रा को मिली सरकारी स्वीकृति

संस्थान के अनुसार यह मान्यता 20 से अधिक वर्षों की अनवरत साधना का परिणाम है। हिमालयन सिद्ध अक्षर के मार्गदर्शन में स्थापित इस केंद्र ने पारंपरिक योग ज्ञान को संरक्षित रखते हुए उसे व्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से सीखने-सिखाने योग्य बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। संस्थान का दावा है कि उसकी पहल 80 से अधिक देशों में 2 करोड़ से अधिक छात्रों और अभ्यासकर्ताओं तक पहुँची है।

इन वर्षों में केंद्र ने 50,000 से अधिक योग शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है। इसके पाठ्यक्रम में आसन, प्राणायाम, ध्यान, मुद्रा, योग दर्शन, अलाइनमेंट, शिक्षण पद्धति, वेलनेस और उन्नत योग अभ्यास सम्मिलित हैं। संस्थान के कार्यक्रमों में छात्र, एथलीट, शिक्षक, कॉर्पोरेट पेशेवर, पुलिस और रक्षाकर्मी, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन और अंतरराष्ट्रीय अभ्यासकर्ता शामिल रहे हैं।

42 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड — पैमाने का प्रमाण

अक्षर योग केंद्र ने योग के क्षेत्र में 42 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए हैं, जो इसके प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आउटरीच पहलों के विस्तार को रेखांकित करते हैं। यह उपलब्धि संस्थान को न केवल एक शैक्षणिक इकाई, बल्कि एक वैश्विक योग आंदोलन के रूप में स्थापित करती है।

नई मान्यता से मिलेंगे विशेष अधिकार

'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' का दर्जा मिलने के बाद अक्षर योग केंद्र अब YCB के दिशानिर्देशों के अनुसार कई श्रेणियों में प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए अधिकृत हो गया है। इनमें योग स्वयंसेवक, योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षक, योग वेलनेस प्रशिक्षक, योग शिक्षक एवं मूल्यांकनकर्ता, योग मास्टर, योग चिकित्सक, चिकित्सीय योग सलाहकार, योगासन कोच और स्कूल-स्तरीय योग शिक्षक कार्यक्रम शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, संस्थान अब योग्य उम्मीदवारों का YCB ढाँचे के तहत स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन करने और सतत योग शिक्षा कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, सेमिनार तथा सम्मेलन जैसी व्यावसायिक विकास पहलें आयोजित करने का भी अधिकार रखता है।

संस्थापक का संदेश और वैश्विक विस्तार की योजना

इस मान्यता पर प्रतिक्रिया देते हुए संस्थापक हिमालयन सिद्ध अक्षर ने कहा, 'यह पहचान हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह योग की प्रामाणिकता और अनुशासन को बनाए रखने की हमारी जिम्मेदारी को और मजबूत करती है। दो दशकों से अधिक समय से, हमारा प्रयास एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने का रहा है जहाँ पारंपरिक योग ज्ञान को व्यवस्थित शिक्षा और कठोर शिक्षक प्रशिक्षण का समर्थन मिले।'

केंद्र अब जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाज़ारों में भी अपनी उपस्थिति को मज़बूत करने पर ध्यान दे रहा है। संस्थान का दीर्घकालिक लक्ष्य भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को वैश्विक समुदाय तक व्यापक रूप से पहुँचाना है। यह मान्यता उस दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत आधार प्रदान करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ध्यान देने योग्य है कि 'लीडिंग इंस्टीट्यूशन' की पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र पारदर्शिता अभी भी व्यापक रूप से सार्वजनिक नहीं है, जिससे यह प्रश्न उठता है कि अन्य योग्य संस्थानों को यह दर्जा पाने में किन बाधाओं का सामना करना पड़ता है। संस्थान के आँकड़े — 2 करोड़ अभ्यासकर्ता, 50,000 शिक्षक — प्रभावशाली हैं, लेकिन इनका स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है। वास्तविक परीक्षा यह होगी कि यह मान्यता योग शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच को ज़मीनी स्तर पर कैसे बदलती है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' का दर्जा क्या होता है?
यह भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के योग सर्टिफिकेशन बोर्ड (YCB) द्वारा दी जाने वाली संस्थागत प्रत्यायन की सर्वोच्च श्रेणी है। यह उन चुनिंदा संस्थानों को दी जाती है जो विरासत, बुनियादी ढाँचे, शैक्षणिक व्यवस्था और योग शिक्षा में दीर्घकालिक योगदान की कसौटी पर खरे उतरते हैं।
अक्षर योग केंद्र को यह मान्यता क्यों मिली?
संस्थान को 20 से अधिक वर्षों की सक्रियता, 80 से अधिक देशों में 2 करोड़ से ज़्यादा अभ्यासकर्ताओं तक पहुँच, 50,000 से अधिक प्रशिक्षित शिक्षकों और 42 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के आधार पर यह सर्वोच्च दर्जा दिया गया। YCB ने संस्थान की विरासत, दायरे और शैक्षणिक प्रणाली को मान्यता का आधार बताया है।
इस मान्यता के बाद अक्षर योग केंद्र को क्या अधिकार मिले हैं?
अब यह केंद्र YCB दिशानिर्देशों के तहत योग स्वयंसेवक, योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षक, योग वेलनेस प्रशिक्षक, योग मास्टर, योग चिकित्सक, चिकित्सीय योग सलाहकार, योगासन कोच और स्कूल-स्तरीय योग शिक्षक सहित कई श्रेणियों में प्रशिक्षण दे सकता है। इसके साथ ही यह YCB ढाँचे के तहत उम्मीदवारों का स्वतंत्र मूल्यांकन और व्यावसायिक विकास कार्यक्रम आयोजित करने का भी अधिकार रखता है।
अक्षर योग केंद्र की अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजना क्या है?
संस्थान जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाज़ारों में अपनी उपस्थिति को विस्तार देने पर काम कर रहा है। इसका दीर्घकालिक लक्ष्य भारत की पारंपरिक योग ज्ञान प्रणाली को व्यापक वैश्विक समुदाय तक पहुँचाना है।
हिमालयन सिद्ध अक्षर कौन हैं?
हिमालयन सिद्ध अक्षर बेंगलुरु स्थित अक्षर योग केंद्र के संस्थापक हैं। उनके मार्गदर्शन में पिछले 20 से अधिक वर्षों में संस्थान ने पारंपरिक योग को व्यवस्थित शैक्षणिक ढाँचे में ढालकर वैश्विक स्तर पर फैलाया है।
राष्ट्र प्रेस
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