अक्षर योग केंद्र को आयुष मंत्रालय की सर्वोच्च मान्यता, 'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' का दर्जा
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु स्थित अक्षर योग केंद्र को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत योग सर्टिफिकेशन बोर्ड (YCB) ने 'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' — अर्थात प्रमुख योग संस्थान — का दर्जा प्रदान किया है। यह मान्यता YCB के संस्थागत प्रत्यायन ढाँचे की सर्वोच्च श्रेणी है और उन चुनिंदा संस्थानों को दी जाती है जो विरासत, बुनियादी ढाँचे, शैक्षणिक व्यवस्था और योग शिक्षा में निरंतर योगदान की कसौटी पर खरे उतरते हैं। इस उपलब्धि के साथ अक्षर योग केंद्र अब देश के शीर्ष योग संस्थानों की औपचारिक सूची में शामिल हो गया है।
दो दशकों की यात्रा को मिली सरकारी स्वीकृति
संस्थान के अनुसार यह मान्यता 20 से अधिक वर्षों की अनवरत साधना का परिणाम है। हिमालयन सिद्ध अक्षर के मार्गदर्शन में स्थापित इस केंद्र ने पारंपरिक योग ज्ञान को संरक्षित रखते हुए उसे व्यवस्थित और वैज्ञानिक पद्धति से सीखने-सिखाने योग्य बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। संस्थान का दावा है कि उसकी पहल 80 से अधिक देशों में 2 करोड़ से अधिक छात्रों और अभ्यासकर्ताओं तक पहुँची है।
इन वर्षों में केंद्र ने 50,000 से अधिक योग शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है। इसके पाठ्यक्रम में आसन, प्राणायाम, ध्यान, मुद्रा, योग दर्शन, अलाइनमेंट, शिक्षण पद्धति, वेलनेस और उन्नत योग अभ्यास सम्मिलित हैं। संस्थान के कार्यक्रमों में छात्र, एथलीट, शिक्षक, कॉर्पोरेट पेशेवर, पुलिस और रक्षाकर्मी, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन और अंतरराष्ट्रीय अभ्यासकर्ता शामिल रहे हैं।
42 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड — पैमाने का प्रमाण
अक्षर योग केंद्र ने योग के क्षेत्र में 42 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किए हैं, जो इसके प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आउटरीच पहलों के विस्तार को रेखांकित करते हैं। यह उपलब्धि संस्थान को न केवल एक शैक्षणिक इकाई, बल्कि एक वैश्विक योग आंदोलन के रूप में स्थापित करती है।
नई मान्यता से मिलेंगे विशेष अधिकार
'लीडिंग योग इंस्टीट्यूशन' का दर्जा मिलने के बाद अक्षर योग केंद्र अब YCB के दिशानिर्देशों के अनुसार कई श्रेणियों में प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए अधिकृत हो गया है। इनमें योग स्वयंसेवक, योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षक, योग वेलनेस प्रशिक्षक, योग शिक्षक एवं मूल्यांकनकर्ता, योग मास्टर, योग चिकित्सक, चिकित्सीय योग सलाहकार, योगासन कोच और स्कूल-स्तरीय योग शिक्षक कार्यक्रम शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, संस्थान अब योग्य उम्मीदवारों का YCB ढाँचे के तहत स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन करने और सतत योग शिक्षा कार्यक्रम, कार्यशालाएँ, सेमिनार तथा सम्मेलन जैसी व्यावसायिक विकास पहलें आयोजित करने का भी अधिकार रखता है।
संस्थापक का संदेश और वैश्विक विस्तार की योजना
इस मान्यता पर प्रतिक्रिया देते हुए संस्थापक हिमालयन सिद्ध अक्षर ने कहा, 'यह पहचान हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह योग की प्रामाणिकता और अनुशासन को बनाए रखने की हमारी जिम्मेदारी को और मजबूत करती है। दो दशकों से अधिक समय से, हमारा प्रयास एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने का रहा है जहाँ पारंपरिक योग ज्ञान को व्यवस्थित शिक्षा और कठोर शिक्षक प्रशिक्षण का समर्थन मिले।'
केंद्र अब जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाज़ारों में भी अपनी उपस्थिति को मज़बूत करने पर ध्यान दे रहा है। संस्थान का दीर्घकालिक लक्ष्य भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को वैश्विक समुदाय तक व्यापक रूप से पहुँचाना है। यह मान्यता उस दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत आधार प्रदान करती है।