एलआईसी का Q4 मुनाफा 23% उछलकर ₹23,467 करोड़, ₹10 डिविडेंड और 1:1 बोनस शेयर का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में 23 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए मुनाफा ₹23,467 करोड़ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹19,039 करोड़ से काफी अधिक है। मुंबई स्थित इस सरकारी बीमा दिग्गज ने साथ ही प्रति इक्विटी शेयर ₹10 के अंतरिम डिविडेंड और 1:1 बोनस शेयर की घोषणा भी की है।
मुख्य वित्तीय प्रदर्शन
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, चौथी तिमाही में एलआईसी की शुद्ध प्रीमियम आय 12 प्रतिशत बढ़कर ₹1.65 लाख करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹1.48 लाख करोड़ थी। यह वृद्धि रिन्यूअल और सिंगल प्रीमियम — दोनों सेगमेंट में मज़बूत प्रदर्शन से संभव हुई।
पहले वर्ष की प्रीमियम आय 17 प्रतिशत उछलकर ₹13,009 करोड़ रही, जबकि पिछले साल यह ₹11,103 करोड़ थी। रिन्यूअल प्रीमियम आय 14 प्रतिशत बढ़कर ₹82,233 करोड़ पहुँची, जो पिछले साल ₹79,425 करोड़ थी।
निवेश से होने वाली आय — कंपनी की कमाई का प्रमुख स्रोत — चौथी तिमाही में 17 प्रतिशत से अधिक बढ़कर ₹1.09 लाख करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹93,443 करोड़ थी।
डिविडेंड और बोनस शेयर की विवरण
एलआईसी के बोर्ड ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹10 के अंतरिम डिविडेंड की सिफारिश की है, जो बोनस शेयर जारी होने से पहले प्रति शेयर ₹20 के बराबर है। डिविडेंड पात्रता के लिए रिकॉर्ड डेट 25 जून 2026 निर्धारित की गई है।
1:1 बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट 29 मई 2026 तय की गई है और बोनस इक्विटी शेयरों के आवंटन की अनुमानित तारीख 1 जून 2026 है। यह घोषणा मौजूदा शेयरधारकों के लिए उल्लेखनीय रूप से लाभकारी है।
अधिशेष और परिचालन खर्च
कंपनी ने इस तिमाही में कुल अधिशेष ₹89,058 करोड़ दर्ज किया, जो एक साल पहले ₹77,053 करोड़ था। सहयोगी कंपनियों और अल्पमत हिस्सेदारी के लाभ के बाद अधिशेष ₹24,964 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹20,271 करोड़ था।
हालाँकि, प्रबंधन खर्च बढ़कर ₹20,699 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹16,526 करोड़ था। कर्मचारियों के वेतन और कल्याण पर खर्च ₹8,891 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹5,943 करोड़ था। अन्य परिचालन खर्च भी ₹4,074 करोड़ हो गए, जो एक साल पहले ₹2,848 करोड़ थे।
सॉल्वेंसी और पर्सिस्टेंसी रेशियो
31 मार्च 2026 तक एलआईसी का सॉल्वेंसी रेशियो बढ़कर 2.35 हो गया, जो एक साल पहले 2.11 था — यह नियामकीय आवश्यकता से काफी ऊपर है। गौरतलब है कि ऊँचा सॉल्वेंसी रेशियो बीमाधारकों के दावों को पूरा करने की कंपनी की वित्तीय मज़बूती का संकेत देता है।
हालाँकि, 13वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो मामूली रूप से घटकर 67.77 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 68.62 प्रतिशत था। 61वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो भी 54.13 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल 58.54 प b>रतिशत था — यह दीर्घकालिक पॉलिसी नवीनीकरण में एक चुनौती की ओर इशारा करता है।
पूरे वित्त वर्ष का प्रदर्शन
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एलआईसी का कर-पश्चात मुनाफा 19 प्रतिशत बढ़कर ₹57,453 करोड़ हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹48,320 करोड़ था। पूरे साल की शुद्ध प्रीमियम आय 10 प्रतिशत बढ़कर ₹5.38 लाख करोड़ रही।
31 मार्च 2026 तक लिंक्ड एसेट्स को छोड़कर पॉलिसीधारकों का फंड ₹53.68 लाख करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹51.64 लाख करोड़ था। शेयरधारकों का निवेश बढ़कर ₹1.5 लाख करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में ₹1.03 लाख करोड़ था। आने वाली तिमाहियों में पर्सिस्टेंसी रेशियो में सुधार और परिचालन खर्चों पर नियंत्रण कंपनी के लिए प्रमुख चुनौतियाँ बनी रहेंगी।