एलआईसी का Q4 मुनाफा 23% उछलकर ₹23,467 करोड़, ₹10 डिविडेंड और 1:1 बोनस शेयर का ऐलान

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एलआईसी का Q4 मुनाफा 23% उछलकर ₹23,467 करोड़, ₹10 डिविडेंड और 1:1 बोनस शेयर का ऐलान

सारांश

एलआईसी ने Q4 में ₹23,467 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया — सालाना 23% की छलांग। साथ ही ₹10 डिविडेंड और 1:1 बोनस शेयर की घोषणा ने निवेशकों को दोहरी खुशखबरी दी। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में मुनाफा 19% बढ़कर ₹57,453 करोड़ रहा।

मुख्य बातें

एलआईसी का Q4 FY26 शुद्ध लाभ 23% बढ़कर ₹23,467 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹19,039 करोड़ था।
बोर्ड ने प्रति शेयर ₹10 के अंतरिम डिविडेंड की सिफारिश की; डिविडेंड रिकॉर्ड डेट 25 जून 2026 ।
1:1 बोनस शेयर के लिए रिकॉर्ड डेट 29 मई 2026 ; आवंटन 1 जून 2026 को अपेक्षित।
Q4 में शुद्ध प्रीमियम आय 12% बढ़कर ₹1.65 लाख करोड़ ; निवेश आय 17% उछलकर ₹1.09 लाख करोड़ ।
सॉल्वेंसी रेशियो 2.11 से बढ़कर 2.35 हुआ; 61वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो 58.54% से घटकर 54.13% ।
पूरे FY26 में कर-पश्चात मुनाफा 19% बढ़कर ₹57,453 करोड़ ।

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में 23 प्रतिशत की छलांग लगाते हुए मुनाफा ₹23,467 करोड़ दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹19,039 करोड़ से काफी अधिक है। मुंबई स्थित इस सरकारी बीमा दिग्गज ने साथ ही प्रति इक्विटी शेयर ₹10 के अंतरिम डिविडेंड और 1:1 बोनस शेयर की घोषणा भी की है।

मुख्य वित्तीय प्रदर्शन

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, चौथी तिमाही में एलआईसी की शुद्ध प्रीमियम आय 12 प्रतिशत बढ़कर ₹1.65 लाख करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹1.48 लाख करोड़ थी। यह वृद्धि रिन्यूअल और सिंगल प्रीमियम — दोनों सेगमेंट में मज़बूत प्रदर्शन से संभव हुई।

पहले वर्ष की प्रीमियम आय 17 प्रतिशत उछलकर ₹13,009 करोड़ रही, जबकि पिछले साल यह ₹11,103 करोड़ थी। रिन्यूअल प्रीमियम आय 14 प्रतिशत बढ़कर ₹82,233 करोड़ पहुँची, जो पिछले साल ₹79,425 करोड़ थी।

निवेश से होने वाली आय — कंपनी की कमाई का प्रमुख स्रोत — चौथी तिमाही में 17 प्रतिशत से अधिक बढ़कर ₹1.09 लाख करोड़ हो गई, जो एक साल पहले ₹93,443 करोड़ थी।

डिविडेंड और बोनस शेयर की विवरण

एलआईसी के बोर्ड ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹10 के अंतरिम डिविडेंड की सिफारिश की है, जो बोनस शेयर जारी होने से पहले प्रति शेयर ₹20 के बराबर है। डिविडेंड पात्रता के लिए रिकॉर्ड डेट 25 जून 2026 निर्धारित की गई है।

1:1 बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट 29 मई 2026 तय की गई है और बोनस इक्विटी शेयरों के आवंटन की अनुमानित तारीख 1 जून 2026 है। यह घोषणा मौजूदा शेयरधारकों के लिए उल्लेखनीय रूप से लाभकारी है।

अधिशेष और परिचालन खर्च

कंपनी ने इस तिमाही में कुल अधिशेष ₹89,058 करोड़ दर्ज किया, जो एक साल पहले ₹77,053 करोड़ था। सहयोगी कंपनियों और अल्पमत हिस्सेदारी के लाभ के बाद अधिशेष ₹24,964 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹20,271 करोड़ था।

हालाँकि, प्रबंधन खर्च बढ़कर ₹20,699 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹16,526 करोड़ था। कर्मचारियों के वेतन और कल्याण पर खर्च ₹8,891 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹5,943 करोड़ था। अन्य परिचालन खर्च भी ₹4,074 करोड़ हो गए, जो एक साल पहले ₹2,848 करोड़ थे।

सॉल्वेंसी और पर्सिस्टेंसी रेशियो

31 मार्च 2026 तक एलआईसी का सॉल्वेंसी रेशियो बढ़कर 2.35 हो गया, जो एक साल पहले 2.11 था — यह नियामकीय आवश्यकता से काफी ऊपर है। गौरतलब है कि ऊँचा सॉल्वेंसी रेशियो बीमाधारकों के दावों को पूरा करने की कंपनी की वित्तीय मज़बूती का संकेत देता है।

हालाँकि, 13वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो मामूली रूप से घटकर 67.77 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 68.62 प्रतिशत था। 61वें महीने का पर्सिस्टेंसी रेशियो भी 54.13 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल 58.54 प b>रतिशत था — यह दीर्घकालिक पॉलिसी नवीनीकरण में एक चुनौती की ओर इशारा करता है।

पूरे वित्त वर्ष का प्रदर्शन

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एलआईसी का कर-पश्चात मुनाफा 19 प्रतिशत बढ़कर ₹57,453 करोड़ हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹48,320 करोड़ था। पूरे साल की शुद्ध प्रीमियम आय 10 प्रतिशत बढ़कर ₹5.38 लाख करोड़ रही।

31 मार्च 2026 तक लिंक्ड एसेट्स को छोड़कर पॉलिसीधारकों का फंड ₹53.68 लाख करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹51.64 लाख करोड़ था। शेयरधारकों का निवेश बढ़कर ₹1.5 लाख करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 में ₹1.03 लाख करोड़ था। आने वाली तिमाहियों में पर्सिस्टेंसी रेशियो में सुधार और परिचालन खर्चों पर नियंत्रण कंपनी के लिए प्रमुख चुनौतियाँ बनी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 61वें महीने के पर्सिस्टेंसी रेशियो में 58.54% से 54.13% की गिरावट एक महत्वपूर्ण संकेत है — दीर्घकालिक पॉलिसीधारक पाँच साल बाद पॉलिसी छोड़ रहे हैं, जो कंपनी की असली ताकत यानी दीर्घकालिक बीमा संस्कृति के लिए चुनौती है। परिचालन खर्चों में तेज़ वृद्धि — विशेष रूप से कर्मचारी लागत में 50% की उछाल — भी निगरानी माँगती है। बोनस शेयर और डिविडेंड की दोहरी घोषणा निवेशकों को लुभाने का स्पष्ट प्रयास है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या कंपनी निजी बीमाकर्ताओं की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच पर्सिस्टेंसी और नए व्यवसाय की गुणवत्ता बनाए रख सकती है।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलआईसी का Q4 FY26 शुद्ध लाभ कितना रहा?
एलआईसी का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में समेकित शुद्ध लाभ 23 प्रतिशत बढ़कर ₹23,467 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह ₹19,039 करोड़ था।
एलआईसी के बोनस शेयर की रिकॉर्ड डेट क्या है?
एलआईसी के 1:1 बोनस इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट 29 मई 2026 निर्धारित की गई है और बोनस शेयरों के आवंटन की अनुमानित तारीख 1 जून 2026 है। इसका अर्थ है कि 29 मई तक शेयरधारकों को प्रत्येक शेयर के बदले एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा।
एलआईसी डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट क्या है?
एलआईसी ने ₹10 के अंतरिम डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 25 जून 2026 रखी है। बोनस शेयर जारी होने से पहले यह डिविडेंड प्रति शेयर ₹20 के बराबर है।
एलआईसी का पूरे वित्त वर्ष 2025-26 का मुनाफा कितना रहा?
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में एलआईसी का कर-पश्चात मुनाफा 19 प्रतिशत बढ़कर ₹57,453 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹48,320 करोड़ था।
एलआईसी का सॉल्वेंसी रेशियो क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
31 मार्च 2026 तक एलआईसी का सॉल्वेंसी रेशियो बढ़कर 2.35 हो गया, जो एक साल पहले 2.11 था। यह नियामकीय न्यूनतम आवश्यकता से काफी ऊपर है और दर्शाता है कि कंपनी पॉलिसीधारकों के दावों को पूरा करने में वित्तीय रूप से सक्षम है।
राष्ट्र प्रेस
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