एसबीआई लाइफ Q4 नतीजे: मुनाफा 1% घटा, प्रीमियम इनकम में 16% की जोरदार बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई | 22 अप्रैल 2025: देश की प्रमुख जीवन बीमा कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर करीब 1 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ₹804.64 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रीमियम इनकम में 16 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। यह नतीजे बताते हैं कि मुनाफे में मामूली कमी के बावजूद कंपनी का कारोबारी विस्तार तेज गति से जारी है।
मुनाफे में मामूली गिरावट, पर तिमाही आधार पर जोरदार उछाल
वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में एसबीआई लाइफ का शुद्ध मुनाफा ₹813.5 करोड़ था, जो इस बार घटकर ₹804.64 करोड़ रह गया — यानी सालाना आधार पर करीब 1 प्रतिशत की गिरावट। हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) नजरिए से देखें तो यह तस्वीर उत्साहजनक है।
तीसरी तिमाही (Q3FY26) में कंपनी का मुनाफा ₹576.74 करोड़ था, जो चौथी तिमाही में लगभग 40 प्रतिशत बढ़ गया। यह क्रमिक सुधार कंपनी की परिचालन क्षमता में बढ़त का स्पष्ट संकेत है।
प्रीमियम इनकम में 16% की मजबूत बढ़त
कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर ₹27,684 करोड़ हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹23,860 करोड़ थी। इसी तरह, ग्रॉस प्रीमियम इनकम भी ₹27,683.8 करोड़ रही।
नए कारोबार (New Business) का प्रीमियम 20 प्रतिशत बढ़कर ₹42,500 करोड़ पहुंच गया, जबकि रिन्यूअल प्रीमियम 19 प्रतिशत बढ़कर ₹58,700 करोड़ हो गया। एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) भी 13 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹24,270 करोड़ दर्ज किया गया।
सॉल्वेंसी रेशियो और शेयरधारकों को ट्रांसफर
कंपनी का सॉल्वेंसी रेशियो इस तिमाही में 190 प्रतिशत रहा, जो एक साल पहले 196 प्रतिशत था — यानी थोड़ी गिरावट। हालांकि, यह आंकड़ा अभी भी नियामकीय न्यूनतम सीमा से काफी ऊपर है, जो बीमा कंपनियों की वित्तीय सेहत का अहम पैमाना माना जाता है।
शेयरधारकों के खाते में ट्रांसफर की गई राशि चौथी तिमाही में बढ़कर ₹2.36 लाख करोड़ हो गई, जो तीसरी तिमाही में ₹1.94 लाख करोड़ थी। यह बेहतर परिचालन प्रदर्शन का प्रमाण है।
पर्सिस्टेंसी में सुधार और नेटवर्क विस्तार
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी की पर्सिस्टेंसी (पॉलिसी जारी रहने की दर) में भी सुधार देखा गया है, जो ग्राहकों के बीमा के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। एसबीआई लाइफ अब देशभर में 1,230 कार्यालयों और 3,58,506 प्रशिक्षित बीमा पेशेवरों के विशाल नेटवर्क के जरिए अपनी सेवाएं दे रही है।
सीईओ का बयान और उद्योग की बड़ी तस्वीर
कंपनी के एमडी और सीईओ अमित झिंगरान ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 के दौरान जीवन बीमा उद्योग में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने इसके पीछे हाल के नियामकीय सुधारों और ग्राहकों की प्रोटेक्शन-आधारित उत्पादों के प्रति बढ़ती रुचि को प्रमुख कारण बताया।
झिंगरान ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत पॉलिसियों पर जीएसटी में छूट मिलने से बीमा उत्पाद आम लोगों के लिए पहले से अधिक किफायती हो गए हैं, जिससे नए ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
गौरतलब है कि भारत में बीमा पैठ (Insurance Penetration) अभी भी वैश्विक औसत से काफी नीचे है। ऐसे में जीएसटी राहत और डिजिटल वितरण चैनलों का विस्तार इस क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। एसबीआई लाइफ के ये नतीजे आने वाली तिमाहियों में कंपनी की रणनीति और बाजार हिस्सेदारी पर निवेशकों की नजर बनाए रखेंगे।