एसबीआई लाइफ Q4 नतीजे: मुनाफा 1% घटा, प्रीमियम इनकम में 16% की जोरदार बढ़त

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एसबीआई लाइफ Q4 नतीजे: मुनाफा 1% घटा, प्रीमियम इनकम में 16% की जोरदार बढ़त

सारांश

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का Q4FY26 शुद्ध मुनाफा 1% घटकर ₹804.64 करोड़ रहा, लेकिन नेट प्रीमियम इनकम 16% बढ़कर ₹27,684 करोड़ पहुंची। नए कारोबार का प्रीमियम 20% और रिन्यूअल प्रीमियम 19% बढ़ा। सीईओ अमित झिंगरान ने जीएसटी छूट और नियामकीय सुधारों को विकास का आधार बताया।

मुख्य बातें

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का Q4FY26 शुद्ध मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 1 प्रतिशत घटकर ₹804.64 करोड़ रहा।
नेट प्रीमियम इनकम साल-दर-साल 16 प्रतिशत बढ़कर ₹27,684 करोड़ हो गई।
तिमाही-दर-तिमाही आधार पर मुनाफे में करीब 40 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की गई।
नए कारोबार का प्रीमियम 20% बढ़कर ₹42,500 करोड़ और रिन्यूअल प्रीमियम 19% बढ़कर ₹58,700 करोड़ पहुंचा।
सॉल्वेंसी रेशियो 190 प्रतिशत रहा — नियामकीय सीमा से ऊपर, लेकिन पिछले साल के 196 प्रतिशत से कम।
कंपनी देशभर में 1,230 कार्यालयों और 3,58,506 प्रशिक्षित बीमा पेशेवरों के नेटवर्क के साथ काम कर रही है।

मुंबई | 22 अप्रैल 2025: देश की प्रमुख जीवन बीमा कंपनी एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर करीब 1 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ₹804.64 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रीमियम इनकम में 16 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। यह नतीजे बताते हैं कि मुनाफे में मामूली कमी के बावजूद कंपनी का कारोबारी विस्तार तेज गति से जारी है।

मुनाफे में मामूली गिरावट, पर तिमाही आधार पर जोरदार उछाल

वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में एसबीआई लाइफ का शुद्ध मुनाफा ₹813.5 करोड़ था, जो इस बार घटकर ₹804.64 करोड़ रह गया — यानी सालाना आधार पर करीब 1 प्रतिशत की गिरावट। हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) नजरिए से देखें तो यह तस्वीर उत्साहजनक है।

तीसरी तिमाही (Q3FY26) में कंपनी का मुनाफा ₹576.74 करोड़ था, जो चौथी तिमाही में लगभग 40 प्रतिशत बढ़ गया। यह क्रमिक सुधार कंपनी की परिचालन क्षमता में बढ़त का स्पष्ट संकेत है।

प्रीमियम इनकम में 16% की मजबूत बढ़त

कंपनी की नेट प्रीमियम इनकम सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर ₹27,684 करोड़ हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹23,860 करोड़ थी। इसी तरह, ग्रॉस प्रीमियम इनकम भी ₹27,683.8 करोड़ रही।

नए कारोबार (New Business) का प्रीमियम 20 प्रतिशत बढ़कर ₹42,500 करोड़ पहुंच गया, जबकि रिन्यूअल प्रीमियम 19 प्रतिशत बढ़कर ₹58,700 करोड़ हो गया। एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) भी 13 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹24,270 करोड़ दर्ज किया गया।

सॉल्वेंसी रेशियो और शेयरधारकों को ट्रांसफर

कंपनी का सॉल्वेंसी रेशियो इस तिमाही में 190 प्रतिशत रहा, जो एक साल पहले 196 प्रतिशत था — यानी थोड़ी गिरावट। हालांकि, यह आंकड़ा अभी भी नियामकीय न्यूनतम सीमा से काफी ऊपर है, जो बीमा कंपनियों की वित्तीय सेहत का अहम पैमाना माना जाता है।

शेयरधारकों के खाते में ट्रांसफर की गई राशि चौथी तिमाही में बढ़कर ₹2.36 लाख करोड़ हो गई, जो तीसरी तिमाही में ₹1.94 लाख करोड़ थी। यह बेहतर परिचालन प्रदर्शन का प्रमाण है।

पर्सिस्टेंसी में सुधार और नेटवर्क विस्तार

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी की पर्सिस्टेंसी (पॉलिसी जारी रहने की दर) में भी सुधार देखा गया है, जो ग्राहकों के बीमा के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। एसबीआई लाइफ अब देशभर में 1,230 कार्यालयों और 3,58,506 प्रशिक्षित बीमा पेशेवरों के विशाल नेटवर्क के जरिए अपनी सेवाएं दे रही है।

सीईओ का बयान और उद्योग की बड़ी तस्वीर

कंपनी के एमडी और सीईओ अमित झिंगरान ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 के दौरान जीवन बीमा उद्योग में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने इसके पीछे हाल के नियामकीय सुधारों और ग्राहकों की प्रोटेक्शन-आधारित उत्पादों के प्रति बढ़ती रुचि को प्रमुख कारण बताया।

झिंगरान ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत पॉलिसियों पर जीएसटी में छूट मिलने से बीमा उत्पाद आम लोगों के लिए पहले से अधिक किफायती हो गए हैं, जिससे नए ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

गौरतलब है कि भारत में बीमा पैठ (Insurance Penetration) अभी भी वैश्विक औसत से काफी नीचे है। ऐसे में जीएसटी राहत और डिजिटल वितरण चैनलों का विस्तार इस क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। एसबीआई लाइफ के ये नतीजे आने वाली तिमाहियों में कंपनी की रणनीति और बाजार हिस्सेदारी पर निवेशकों की नजर बनाए रखेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी प्रीमियम इनकम में 16 प्रतिशत की बढ़त और नए कारोबार में 20 प्रतिशत की छलांग है — यह दर्शाता है कि भारतीय मध्यमवर्ग अब बीमा को विकल्प नहीं, जरूरत मान रहा है। जीएसटी छूट का असर जमीन पर दिख रहा है, जो सरकार की नीति और बाजार की मांग के बीच एक दुर्लभ तालमेल है। हालांकि, सॉल्वेंसी रेशियो में गिरावट पर नजर रखनी होगी — यह छोटा संकेत भविष्य में बड़ी चुनौती बन सकता है। मुख्यधारा की कवरेज मुनाफे की गिरावट पर अटकी रही, लेकिन असली निवेशक संकेत प्रीमियम वृद्धि और पर्सिस्टेंसी सुधार में छुपा है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का Q4FY26 में शुद्ध मुनाफा कितना रहा?
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में शुद्ध मुनाफा (PAT) ₹804.64 करोड़ रहा। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹813.5 करोड़ से करीब 1 प्रतिशत कम है।
एसबीआई लाइफ की प्रीमियम इनकम में कितनी बढ़ोतरी हुई?
एसबीआई लाइफ की नेट प्रीमियम इनकम सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर ₹27,684 करोड़ हो गई। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹23,860 करोड़ थी।
एसबीआई लाइफ का सॉल्वेंसी रेशियो क्या है और क्या यह सुरक्षित है?
एसबीआई लाइफ का सॉल्वेंसी रेशियो Q4FY26 में 190 प्रतिशत रहा, जो एक साल पहले 196 प्रतिशत था। यह नियामकीय न्यूनतम सीमा से काफी ऊपर है, इसलिए कंपनी वित्तीय रूप से सुरक्षित मानी जाती है।
एसबीआई लाइफ के नए कारोबार और रिन्यूअल प्रीमियम में कितनी वृद्धि हुई?
नए कारोबार का प्रीमियम 20 प्रतिशत बढ़कर ₹42,500 करोड़ और रिन्यूअल प्रीमियम 19 प्रतिशत बढ़कर ₹58,700 करोड़ पहुंच गया। एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) भी 13 प्रतिशत बढ़कर ₹24,270 करोड़ रहा।
एसबीआई लाइफ के सीईओ ने बीमा उद्योग के विकास के बारे में क्या कहा?
एमडी और सीईओ अमित झिंगरान ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में जीवन बीमा उद्योग में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने व्यक्तिगत पॉलिसियों पर जीएसटी छूट और नियामकीय सुधारों को इस विकास का प्रमुख कारण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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