महाराष्ट्र एटीएस ने ठाणे के ठाकुर्ली से ₹10 लाख इनामी नक्सली संजय सरोज यादव को दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने 7 नवंबर 2026 को ठाणे जिले के ठाकुर्ली इलाके से एक वांछित नक्सली को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय सरोज यादव उर्फ संजय गोदराय उर्फ बुधराम (उम्र 45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से झारखंड के जंगल क्षेत्र का निवासी बताया जाता है। झारखंड सरकार ने इस नक्सली पर ₹10 लाख का इनाम घोषित कर रखा था।
गिरफ्तारी का विवरण
सूत्रों के अनुसार, आरोपी संजय सरोज यादव पिछले 10 दिनों से ठाकुर्ली में छिपा हुआ था। एटीएस की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया। आरोपी को शनिवार को एटीएस कोर्ट में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि झारखंड के जंगलों से महाराष्ट्र के शहरी इलाके तक पहुँचना किसी इनामी नक्सली के लिए असामान्य है, जो जाँच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है।
जाँच का दायरा
एटीएस इस बात की गहन जाँच कर रही है कि आरोपी ठाकुर्ली में किस उद्देश्य से आया था — क्या वह किसी स्थानीय संपर्क सूत्र से मिलने आया था, किसी नक्सली नेटवर्क के लिए काम कर रहा था, अथवा महज छिपने की नीयत से यहाँ पहुँचा था। पिछले 10 दिनों के दौरान उसकी गतिविधियों और उससे मिलने वाले लोगों की भी जाँच जारी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि शहरी क्षेत्रों में नक्सली सक्रियता के किसी बड़े नेटवर्क का पता लगाना इस जाँच की प्राथमिकता है।
महाराष्ट्र एटीएस की पिछली बड़ी कार्रवाई
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र एटीएस पहले से ही हाई-प्रोफाइल मामलों में सक्रिय है। इससे पहले 24 अक्टूबर को एटीएस ने मुंबई के माहिम इलाके से 33 वर्षीय संदिग्ध मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को गिरफ्तार किया था, जिस पर प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का संदेह था। उसे माहिम मेट्रो स्टेशन के निकट से एटीएस की कालाचौकी यूनिट ने पकड़ा था।
जाँच एजेंसी के अनुसार, वह आरोपी रैपिडो राइडर और इत्र विक्रेता के रूप में काम करने की आड़ में कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहा था। उसके मोबाइल फोन से सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सामग्री फैलाने से जुड़े साक्ष्य मिले थे। एटीएस के अनुसार, वह एक टेलीग्राम ग्रुप संचालित करता था और कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित चरमपंथी चैनल 'इब्न-ए-कासिम' का सक्रिय सदस्य था। एजेंसी का दावा है कि उसने 1 जून को इस ग्रुप पर जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के भड़काऊ ऑडियो भाषण अपलोड किए थे।
आगे क्या होगा
नक्सली संजय सरोज यादव को कोर्ट में पेश करने के बाद एटीएस उसका रिमांड लेने की तैयारी में है, ताकि ठाकुर्ली तक के उसके सफर और संभावित शहरी नेटवर्क की तह तक पहुँचा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जाँच में किसी व्यापक नक्सल-शहरी संपर्क का खुलासा होता है, तो यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है।