मध्य प्रदेश एटीएस का बड़ा एक्शन: धार से हाजी अजहर गिरफ्तार, नईम कुरैशी 4 दिन की रिमांड पर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश एटीएस ने 14 जून 2026 को देश-विरोधी गतिविधियों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए धार जिले से हाजी अजहर को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही, जो इस मामले की गंभीरता और नेटवर्क की व्यापकता को दर्शाती है।
मुख्य गिरफ्तारियाँ और रिमांड
एटीएस ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड नईम कुरैशी को उत्तर प्रदेश के सारंगपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। अदालत ने उसे 4 दिन की एटीएस रिमांड पर भेज दिया है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, नईम कुरैशी पर महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारियाँ विदेशी तत्वों तक पहुँचाने का गंभीर आरोप है।
इसके अलावा, एटीएस की एक टीम हरियाणा के नूंह जिले से एक अन्य संदिग्ध को हिरासत में लेकर भोपाल पहुँची है। अधिकारियों को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है।
नेटवर्क की कार्यप्रणाली
एटीएस सूत्रों के अनुसार, सऊदी अरब में बैठे पाकिस्तानी हैंडलर कथित तौर पर युवकों को जिहाद के लिए उकसा रहे थे और नईम कुरैशी इस नेटवर्क का अहम हिस्सा था। जाँच में पता चला है कि नईम कुरैशी ने भोपाल के मोहम्मद फराज को कथित तौर पर प्रशिक्षण दिया था और उसे अफगानिस्तान भेजने की योजना बना रहा था।
आरोपी बोटिम ऐप के ज़रिए विदेशी हैंडलर्स से संपर्क में था। मोबाइल फोन की जाँच में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के नंबरों से लगातार बातचीत के सबूत मिले हैं। यह नेटवर्क स्लीपर सेल की तर्ज पर काम कर रहा था, जो इसे और अधिक खतरनाक बनाता है।
बरामद साक्ष्य
एटीएस को जाँच के दौरान जिहादी साहित्य, संदिग्ध दस्तावेज और मदरसों से जुड़े संदिग्ध लेन-देन के साक्ष्य मिले हैं। उत्तर प्रदेश के कई शहरों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। जाँच टीम अब इस नेटवर्क के वित्तीय स्रोत, विदेशी कनेक्शन और संभावित लक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है।
एटीएस प्रमुख की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश एटीएस प्रमुख ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी प्रकार की देश-विरोधी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह अलर्ट हैं और संदिग्धों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।
आगे क्या होगा
एटीएस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहराई से छानबीन जारी है और इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। छापेमारी और पूछताछ दोनों एक साथ चल रही हैं। यह कार्रवाई आतंकवाद-विरोधी एजेंसियों को एक बड़ा सुराग देने वाली मानी जा रही है।