3 नवंबर 2026
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गुजरात एटीएस ने तुर्की से डिपोर्ट कर पकड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया सलीम डोला, ₹438 करोड़ के ड्रग्स केस का मास्टरमाइंड

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गुजरात एटीएस ने तुर्की से डिपोर्ट कर पकड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया सलीम डोला, ₹438 करोड़ के ड्रग्स केस का मास्टरमाइंड

सारांश

चार साल की मशक्कत के बाद गुजरात एटीएस को बड़ी सफलता — ₹438 करोड़ के एमडी ड्रग्स नेटवर्क का मास्टरमाइंड सलीम इस्माइल डोला तुर्की से डिपोर्ट होकर अब अहमदाबाद में पूछताछ के घेरे में है। यह गिरफ्तारी सिंधरोट ड्रग फैक्ट्री मामले की जाँच में निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

मुख्य बातें

गुजरात एटीएस ने 3 नवंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर सलीम इस्माइल डोला को अहमदाबाद में गिरफ्तार किया।
डोला को तुर्की सरकार की मदद से भारत डिपोर्ट किया गया; उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी था।
वह दिसंबर 2022 में वडोदरा के सिंधरोट में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है; उस छापे में 87.728 किलो एमडी ड्रग्स (मूल्य ₹438 करोड़ ) जब्त हुई थी।
इस केस में पहले से गिरफ्तार 10 आरोपी अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।
डोला के खिलाफ देशभर में 8 नारकोटिक्स मामले पूर्व में दर्ज हैं; वह फेंटानिल केसों में भी गिरफ्तार हो चुका है।

गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 3 नवंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर सलीम इस्माइल डोला को अहमदाबाद में गिरफ्तार किया। डोला को तुर्की सरकार की सहायता से तुर्की से भारत डिपोर्ट किया गया, जहाँ भारतीय एजेंसियों ने उसे ट्रेस किया था।

मामले की पृष्ठभूमि

यह गिरफ्तारी दिसंबर 2022 में वडोदरा के निकट सिंधरोट गाँव में हुई एटीएस की छापेमारी से जुड़ी है, जिसमें 87.728 किलो एमडी (मेथिलेनडाइऑक्सीमेथएम्फेटामाइन) ड्रग्स जब्त की गई थीं। जाँच अधिकारियों के अनुसार, इस माल का बाज़ार मूल्य ₹438 करोड़ आँका गया था। उस छापे के बाद जाँच में बीएच कोराट के नेतृत्व में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।

सलीम डोला की भूमिका

जाँच में सामने आया कि सलीम इस्माइल डोला इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड था। अधिकारियों के अनुसार, वह सिंधरोट की फैक्ट्री को एमडी ड्रग्स बनाने के लिए आवश्यक रासायनिक सामग्री उपलब्ध कराता था। इसके साथ ही तैयार माल की बिक्री और वितरण की ज़िम्मेदारी भी उसी की बताई जा रही है। गौरतलब है कि देशभर में डोला के खिलाफ पहले से 8 नारकोटिक्स मामले दर्ज हैं और वह फेंटानिल जैसे केसों में भी पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है।

रेड कॉर्नर नोटिस और प्रत्यर्पण

सिंधरोट केस की जाँच के दौरान डोला के फरार हो जाने पर गुजरात एटीएस ने इंटरपोल के माध्यम से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। इस नोटिस के तहत विश्व के किसी भी देश में डोला की उपस्थिति पाए जाने पर उसकी गिरफ्तारी का प्रावधान था। रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय एजेंसियों की समन्वित कोशिशों से उसे तुर्की में ट्रेस किया गया, जिसके बाद तुर्की सरकार ने उसे भारत को सौंप दिया।

अब आगे क्या

फिलहाल गुजरात एटीएस डोला को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलू सामने आ सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एजेंसियाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ा रही हैं। इस गिरफ्तारी से सिंधरोट ड्रग्स नेटवर्क की पूरी कड़ी को समझने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह संकेत है कि भारत की एजेंसियाँ अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण तंत्र का उपयोग करने में पहले से अधिक सक्षम हो रही हैं। असली सवाल यह है कि तुर्की से डिपोर्टेशन में चार साल का वक्त क्यों लगा और उस दौरान नेटवर्क के अन्य सूत्र किस हद तक सक्रिय रहे। सिंधरोट जैसी भूमिगत ड्रग फैक्ट्रियाँ किसी एक मास्टरमाइंड पर नहीं, बल्कि रसद, वित्त और वितरण की पूरी शृंखला पर टिकी होती हैं — डोला की पूछताछ से यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि केवल सुर्खियाँ बनें नहीं, नेटवर्क की जड़ें भी उखड़ें।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सलीम इस्माइल डोला कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
सलीम इस्माइल डोला एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर है, जिसे गुजरात एटीएस ने वडोदरा के सिंधरोट में पकड़ी गई एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का मास्टरमाइंड बताया है। उसके खिलाफ देशभर में 8 नारकोटिक्स मामले दर्ज हैं और वह फेंटानिल जैसे मामलों में पहले भी गिरफ्तार हो चुका था।
सलीम डोला को तुर्की से कैसे लाया गया?
भारतीय एजेंसियों ने सलीम डोला के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था, जिसके तहत किसी भी देश में उसकी गिरफ्तारी संभव थी। भारतीय एजेंसियों ने उसे तुर्की में ट्रेस किया और तुर्की सरकार ने उसे भारत को सौंप दिया।
सिंधरोट ड्रग्स केस में क्या हुआ था?
दिसंबर 2022 में गुजरात एटीएस ने वडोदरा के निकट सिंधरोट गाँव में छापेमारी करके 87.728 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की थी, जिसका मूल्य ₹438 करोड़ आँका गया था। उस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।
सलीम डोला की इस नेटवर्क में क्या भूमिका थी?
अधिकारियों के अनुसार, डोला फैक्ट्री को एमडी ड्रग्स बनाने के लिए आवश्यक रसायन उपलब्ध कराता था। इसके अलावा तैयार माल की बिक्री और वितरण की ज़िम्मेदारी भी उसी की बताई जा रही है।
अब इस मामले में आगे क्या होगा?
गुजरात एटीएस फिलहाल सलीम डोला से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जाँच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलू और संभावित आरोपियों की जानकारी सामने आ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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