गुजरात एटीएस ने तुर्की से डिपोर्ट कर पकड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया सलीम डोला, ₹438 करोड़ के ड्रग्स केस का मास्टरमाइंड
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 3 नवंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर सलीम इस्माइल डोला को अहमदाबाद में गिरफ्तार किया। डोला को तुर्की सरकार की सहायता से तुर्की से भारत डिपोर्ट किया गया, जहाँ भारतीय एजेंसियों ने उसे ट्रेस किया था।
मामले की पृष्ठभूमि
यह गिरफ्तारी दिसंबर 2022 में वडोदरा के निकट सिंधरोट गाँव में हुई एटीएस की छापेमारी से जुड़ी है, जिसमें 87.728 किलो एमडी (मेथिलेनडाइऑक्सीमेथएम्फेटामाइन) ड्रग्स जब्त की गई थीं। जाँच अधिकारियों के अनुसार, इस माल का बाज़ार मूल्य ₹438 करोड़ आँका गया था। उस छापे के बाद जाँच में बीएच कोराट के नेतृत्व में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जो अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।
सलीम डोला की भूमिका
जाँच में सामने आया कि सलीम इस्माइल डोला इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड था। अधिकारियों के अनुसार, वह सिंधरोट की फैक्ट्री को एमडी ड्रग्स बनाने के लिए आवश्यक रासायनिक सामग्री उपलब्ध कराता था। इसके साथ ही तैयार माल की बिक्री और वितरण की ज़िम्मेदारी भी उसी की बताई जा रही है। गौरतलब है कि देशभर में डोला के खिलाफ पहले से 8 नारकोटिक्स मामले दर्ज हैं और वह फेंटानिल जैसे केसों में भी पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है।
रेड कॉर्नर नोटिस और प्रत्यर्पण
सिंधरोट केस की जाँच के दौरान डोला के फरार हो जाने पर गुजरात एटीएस ने इंटरपोल के माध्यम से उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। इस नोटिस के तहत विश्व के किसी भी देश में डोला की उपस्थिति पाए जाने पर उसकी गिरफ्तारी का प्रावधान था। रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय एजेंसियों की समन्वित कोशिशों से उसे तुर्की में ट्रेस किया गया, जिसके बाद तुर्की सरकार ने उसे भारत को सौंप दिया।
अब आगे क्या
फिलहाल गुजरात एटीएस डोला को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलू सामने आ सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एजेंसियाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ा रही हैं। इस गिरफ्तारी से सिंधरोट ड्रग्स नेटवर्क की पूरी कड़ी को समझने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।