3 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात एटीएस ने पकड़ा कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला, ₹438 करोड़ के एमडी ड्रग्स मामले में हिरासत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात एटीएस ने पकड़ा कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला, ₹438 करोड़ के एमडी ड्रग्स मामले में हिरासत

सारांश

दशकों से एजेंसियों को चकमा देता रहा कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर सलीम इस्माइल डोला आखिरकार गुजरात एटीएस के शिकंजे में है। इकबाल मिर्ची से लेकर दुबई तक फैले कथित नेटवर्क, ₹438 करोड़ की एमडी जब्ती और इंटरपोल नोटिस — यह गिरफ्तारी एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश कर सकती है।

मुख्य बातें

गुजरात एटीएस ने 31 अक्टूबर 2026 को कथित तस्कर सलीम इस्माइल डोला को इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के बाद हिरासत में लिया।
डोला दिसंबर 2022 में वडोदरा के सिंधरोट गांव में हुई 87.728 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्ती (अंतरराष्ट्रीय मूल्य ₹438.64 करोड़ ) के मामले में वांछित था।
जाँच में डोला का कथित संबंध कुख्यात तस्कर इकबाल मिर्ची और दुबई -आधारित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से सामने आया।
डोला पर 1998 से लेकर 2025 तक मुंबई, गुजरात और महाराष्ट्र में एनडीपीएस, एमसीओसीए सहित दर्जनभर से अधिक मामले दर्ज हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2025-26 में डोला के नेटवर्क से जुड़ी कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की है।
एटीएस अब सिंधरोट फैक्ट्री के कच्चे माल स्रोत, वित्तीय लेनदेन और अंतरराज्यीय-अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पड़ताल कर रही है।

गुजरात आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने 31 अक्टूबर 2026 को कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर सलीम इस्माइल डोला को हिरासत में ले लिया। डोला दिसंबर 2022 में वडोदरा जिले के सिंधरोट गांव की एक अवैध ड्रग निर्माण इकाई से 87.728 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) की जब्ती के सिलसिले में वर्षों से फरार था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹438.64 करोड़ आँकी गई है। इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे हिरासत में लिया गया।

सिंधरोट ड्रग फैक्ट्री मामले की पृष्ठभूमि

1 दिसंबर 2022 को गुजरात एटीएस ने वडोदरा के सिंधरोट गांव में छापेमारी कर यह अवैध ड्रग फैक्ट्री उजागर की थी। उस अभियान में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया और एटीएस थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (एनडीपीएस) अधिनियम की धाराओं 8(सी), 22(सी) और 29 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

जाँच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक सौमिल पाठक जेल में रहते हुए डोला के संपर्क में आया था। जाँचकर्ताओं ने यह स्थापित किया कि पाठक कथित तौर पर डोला के साथ मिलकर मेफेड्रोन सहित नशीले पदार्थों के अवैध निर्माण और बिक्री में शामिल था।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और इकबाल मिर्ची से कड़ी

जाँच एजेंसियों के अनुसार, डोला विदेश से मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क संचालित करता था। खुफिया जानकारी से पता चला कि वह दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) में भारतीय पासपोर्ट का उपयोग कर रहा था और यूएई तथा केन्या में पंजीकृत मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था।

गौरतलब है कि जाँच में यह भी सामने आया कि डोला कथित तौर पर कुख्यात तस्कर इकबाल मिर्ची से जुड़ा हुआ था। 1990 के दशक में जब मिर्ची मैंड्रैक्स के अंतरराष्ट्रीय अवैध व्यापार में शामिल था, तब डोला कथित तौर पर उसके लिए ड्रग्स की ढुलाई करता था। बाद में डोला और उसके साथियों ने एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क स्थापित किया, जिसमें कथित तौर पर नशीले पदार्थों को कानूनी रूप से निर्यात किए गए सामानों से भरे कंटेनरों में छिपाकर विदेशों में भेजा जाता था। यह नेटवर्क कथित तौर पर गंतव्य देशों में फर्जी कंपनियों का भी इस्तेमाल करता था।

दशकों का आपराधिक इतिहास

विभिन्न जाँच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, डोला वर्षों से अनेक ड्रग तस्करी मामलों में वांछित रहा है। उसे 1998 में मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 40 किलोग्राम मैंड्रैक्स के साथ और 2013 में मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा लगभग 79 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था।

2017 में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के एक मामले में उसका नाम गुजरात से कुवैत में लगभग ₹5.5 करोड़ के गुटखे की कथित तस्करी के सिलसिले में सामने आया। 2018 में मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल ने लगभग ₹1,000 करोड़ के फेंटानिल से संबंधित एक मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

इसके बाद के मामलों में — 2022 में मुंबई के घाटकोपर थाने में दर्ज एनडीपीएस मामला, 2023 में मुंबई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा लगभग 20 किलोग्राम मेफेड्रोन से संबंधित मामला, और उसी वर्ष मुंबई क्राइम ब्रांच की डीसीबी, सीआईडी यूनिट-06 का एक अन्य मामला — डोला की कथित संलिप्तता दर्ज है। 2024 और 2025 में महाराष्ट्र में उसके खिलाफ और मामले दर्ज किए गए, जिनमें 2025 में मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एक मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (एमसीओसीए) के प्रावधान भी शामिल किए गए।

ईडी की जाँच और आगे की पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2025-26 के दौरान डोला के संदिग्ध मादक पदार्थों की तस्करी नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन, संपत्तियों और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू कर दी है।

जाँच में यह भी पता चला कि सिंधरोट इकाई में निर्मित मेफेड्रोन कथित तौर पर डोला के मुंबई-स्थित सहयोगी ऐमन मूसा शेख उर्फ अयान खान को आपूर्ति की जाती थी। गुजरात एटीएस अब डोला से सिंधरोट फैक्ट्री में प्रयुक्त कच्चे माल के स्रोत, वित्तीय लेनदेन, और नेटवर्क के अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बारे में व्यापक पूछताछ कर रही है।

आगे क्या होगा

एटीएस की जाँच अब उन सभी कड़ियों की पड़ताल पर केंद्रित है जो इस मादक पदार्थ नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर से जोड़ती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय एजेंसियाँ समुद्री और हवाई मार्गों से होने वाली ड्रग तस्करी पर नकेल कसने के लिए समन्वित अभियान चला रही हैं। डोला की गिरफ्तारी से जाँचकर्ताओं को उस बड़े सिंडिकेट तक पहुँचने का मौका मिल सकता है जिसने दशकों तक एकाधिक एजेंसियों को चकमा दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — क्या एटीएस उस पूरे सिंडिकेट तक पहुँच पाएगी जो दुबई से मुंबई और गुजरात तक फैली है? डोला पर 1998 से मामले हैं, फिर भी वह दशकों तक फरार रहा — यह भारतीय जाँच एजेंसियों के बीच समन्वय की उन खामियों को उजागर करता है जिन पर बार-बार सवाल उठते हैं। इकबाल मिर्ची से कथित संबंध और ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जाँच संकेत देती है कि यह मामला सिर्फ ड्रग्स तक सीमित नहीं — बल्कि यह एक व्यापक आपराधिक वित्त नेटवर्क की जड़ों तक जा सकता है। बिना उच्च-स्तरीय आरोपियों की गिरफ्तारी और संपत्ति-जब्ती के, यह गिरफ्तारी एक और अधूरी कड़ी बनकर रह सकती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सलीम इस्माइल डोला कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
सलीम इस्माइल डोला एक कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर है, जिसे गुजरात एटीएस ने 31 अक्टूबर 2026 को हिरासत में लिया। वह दिसंबर 2022 में वडोदरा के सिंधरोट गांव में ₹438.64 करोड़ के मेफेड्रोन जब्ती मामले में वांछित था और इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के बाद पकड़ा गया।
सिंधरोट ड्रग फैक्ट्री मामला क्या है?
1 दिसंबर 2022 को गुजरात एटीएस ने वडोदरा जिले के सिंधरोट गांव में एक अवैध ड्रग निर्माण इकाई पर छापा मारकर 87.728 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) जब्त की थी। इस अभियान में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया और एनडीपीएस अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज हुई।
डोला का इकबाल मिर्ची से क्या संबंध बताया जाता है?
जाँच एजेंसियों के अनुसार, 1990 के दशक में डोला कथित तौर पर कुख्यात तस्कर इकबाल मिर्ची के लिए मैंड्रैक्स की ढुलाई करता था। बाद में उसने और उसके साथियों ने एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क स्थापित किया जो दुबई और केन्या तक फैला था।
डोला पर अब तक कितने और कौन-से मामले दर्ज हैं?
रिकॉर्ड के अनुसार डोला पर 1998 से लेकर 2025 तक कई मामले हैं — जिनमें मुंबई हवाई अड्डे पर 40 किलोग्राम मैंड्रैक्स (1998), 79 किलोग्राम चरस (2013), ₹1,000 करोड़ का फेंटानिल मामला (2018), और एमसीओसीए के तहत मामला (2025) शामिल हैं।
आगे की जाँच में क्या होगा?
गुजरात एटीएस डोला से सिंधरोट फैक्ट्री में प्रयुक्त कच्चे माल के स्रोत, वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क के अंतरराज्यीय-अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बारे में पूछताछ कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी 2025-26 से संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग और संपत्तियों की जाँच कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले